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एक नवजात की मौत, दूसरे को फर्श पर दिया जन्म, विरोध में हंगामा

Sun, 20 Feb 2022 12:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:17 AM IST
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Death of a newborn, birth of another on the floor, uproar in protest
चिकित्सा स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा पीड़ित परिजनों ने किया हंगामा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नानौता। सीएचसी में शनिवार को दो मामलों में स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। एक में प्रसव के तुरंत बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। जबकि दूसरे में अस्पताल के लेबर रूम से पहले ही गर्भवती महिला ने फर्श पर बच्चे को जन्म दे दिया। दोनों मामलों में पीड़ित परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
गांव ओलरी निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि तीन दिन पूर्व उसकी पत्नी कोमल को प्रसव पीड़ा की शिकायत हुई थी। वह उसे लेकर अस्पताल आया तो तीन दिन का वक्त बताया गया। शनिवार को कोमल को प्रसव पीड़ा होने पर वह एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी पर सुबह साढे़ नौ बजे पहुंचा। एंबुलेंस में महिला को ज्यादा दिक्कत हुई, लेकिन स्टाफ ने कागजी कार्रवाई के बिना उपचार से मना कर दिया। आधे घंटे बाद उपचार मिला लेकिन तब तक नवजात की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। अक्षय ने बताया कि उनका यह पहला बच्चा था।
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दूसरे मामले में नगर के मोहल्ला शेखजादगान निवासी यूनुस की पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे दोपहर दो बजे सीएचसी लाया गया था। जहां उसे भर्ती करने का आग्रह स्टाफ से किया गया, लेकिन स्टाफ ने पहले जांच रिपोर्ट दिखाने को कहा। तब तक गर्भवती लेबर रूम के बाहर फर्श पर ही बैठी रही। जहां महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
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इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए स्टाफ पर अभद्रता का आरोप लगाया। प्रसव पीड़िता की बहन नूर फातिमा ने अस्पताल महिला स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर डायल 112 भी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझा बुझा कर शांत किया। इसके बाद जच्चा बच्चा को बिस्तर दिया गया।

उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में परिजनों द्वारा ही विलंब किया गया है। यदि समय से अस्पताल पर प्रसव पीड़िता को लाया जाता तो नवजात शिशु को बचाया जा सकता था।
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