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अपहृत किए गए युवक का शव मिला
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अपहृत किए गए युवक का शव मिला
चिलकाना (सहारनपुर)। गांव टोडरपुर फैक्ट्री से पांच दिन पहले घर से बुला कर अपहृत किए गए 38 वर्षीय युवक का शव बेहट कोतवाली क्षेत्र से बरामद हो गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सदर और एसपी सिटी ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। मामले में मृतक की पत्नी की तरफ से पूर्व में दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे में हत्या और एससीएसटी की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। जबकि अभी हत्यारोपी अपहरणकर्ता पुलिस की पकड़ से दूर है।
थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि गांव टोडरपुर फैक्ट्री निवासी राखा पुत्र मोल्हड सिंह को उसी के गांव का राशिद 15 जून की शाम को घर से बुलाकर ले गया था। अगले दिन राशिद पुत्र मोहम्मद हसन ने राखा की साइकिल तथा चप्पल उसके घर देते हुए कहा था कि राखा एक-दो दिन में आ जाएगा। जब राखा वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। राखा की पत्नी बेबी ने तीन दिन पहले राशिद के खिलाफ अपने पति के अपहरण की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राखा की तलाश शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार की देर शाम गांव कांसेपुर के लोगों ने थाने में सूचना दी थी कि उनके गांव के पास एक अज्ञात शव पड़ा है। चिलकाना पुलिस राखा के भाई को साथ लेकर मौके पर पहुंची तो उसने उसकी शनाख्त अपने भाई के रूप में की। बेहट इंस्पेक्टर अनंत देव मिश्र, सीओ सदर चंद्रपाल शर्मा और एसपी सिटी विनीत भटनागर भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जिस स्थान पर शव मिला है, वह बेहट क्षेत्र में है। बेहट पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसओ अमित शर्मा ने बताया कि मामले में मृतक की पत्नी के द्वारा पूर्व में दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे में एससीएसटी एक्ट और हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। हत्यारोपी अपहरणकर्ता की तलाश के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
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बच्चों के सामने खड़ा हुआ भरण पोषण का संकट
चिलकाना। राखा की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा है। उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल था। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा चार बच्चे इनमें दो बेटे और दो बेटी छोड़ गया है। इनमें छोटे बच्चे की उम्र छह साल और बड़े की 17 वर्ष है। वह मजदूरी करके अपने बच्चे पाल रहा था। उसकी मौत के बाद परिवार के समक्ष भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है।
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चिलकाना (सहारनपुर)। गांव टोडरपुर फैक्ट्री से पांच दिन पहले घर से बुला कर अपहृत किए गए 38 वर्षीय युवक का शव बेहट कोतवाली क्षेत्र से बरामद हो गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सदर और एसपी सिटी ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। मामले में मृतक की पत्नी की तरफ से पूर्व में दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे में हत्या और एससीएसटी की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। जबकि अभी हत्यारोपी अपहरणकर्ता पुलिस की पकड़ से दूर है।
थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि गांव टोडरपुर फैक्ट्री निवासी राखा पुत्र मोल्हड सिंह को उसी के गांव का राशिद 15 जून की शाम को घर से बुलाकर ले गया था। अगले दिन राशिद पुत्र मोहम्मद हसन ने राखा की साइकिल तथा चप्पल उसके घर देते हुए कहा था कि राखा एक-दो दिन में आ जाएगा। जब राखा वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। राखा की पत्नी बेबी ने तीन दिन पहले राशिद के खिलाफ अपने पति के अपहरण की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राखा की तलाश शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार की देर शाम गांव कांसेपुर के लोगों ने थाने में सूचना दी थी कि उनके गांव के पास एक अज्ञात शव पड़ा है। चिलकाना पुलिस राखा के भाई को साथ लेकर मौके पर पहुंची तो उसने उसकी शनाख्त अपने भाई के रूप में की। बेहट इंस्पेक्टर अनंत देव मिश्र, सीओ सदर चंद्रपाल शर्मा और एसपी सिटी विनीत भटनागर भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जिस स्थान पर शव मिला है, वह बेहट क्षेत्र में है। बेहट पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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एसओ अमित शर्मा ने बताया कि मामले में मृतक की पत्नी के द्वारा पूर्व में दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे में एससीएसटी एक्ट और हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। हत्यारोपी अपहरणकर्ता की तलाश के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
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बच्चों के सामने खड़ा हुआ भरण पोषण का संकट
चिलकाना। राखा की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा है। उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल था। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा चार बच्चे इनमें दो बेटे और दो बेटी छोड़ गया है। इनमें छोटे बच्चे की उम्र छह साल और बड़े की 17 वर्ष है। वह मजदूरी करके अपने बच्चे पाल रहा था। उसकी मौत के बाद परिवार के समक्ष भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है।