{"_id":"5910c3884f1c1b38548520df","slug":"dalits-attacked-tahsil-in-shabbirpur-episode","type":"story","status":"publish","title_hn":"शब्बीरपुर प्रकरण में दलितों ने तहसील घेरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शब्बीरपुर प्रकरण में दलितों ने तहसील घेरी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 09 May 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
तहसील को घेरे हुए दलित।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में शब्बीरपुर में दलितों के घरों में आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने से समाज के लोगों में भारी रोष है। सोमवार को दलित समाज ने राष्ट्रपति को भेजे पांच सूत्रीय ज्ञापन में निर्दोष दलितों पर दर्ज मुकदमे खारिज करने तथा बलवाइयों पर एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
बीबीपुर, इस्माइलपुर, हाशिमपुरा, बाबूपुर, हुलासगढ़, सलेमपुर और देवबंद आदि गांवों के दलित समाज के लोगों ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को सौंपा है।
पांच सूत्रीय ज्ञापन में हमलावरों के खिलाफ आगजनी, जान से मारने के प्रयास सहित एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने, निर्दोष दलित समाज के लोगों को अविलंब रिहा कर उन पर लगाए गए मुकदमे खारिज करने, दलितों के घरों में आगजनी से हुए नुकसान पर 10-10 लाख तथा घायलों को 5-5 लाख का
विज्ञापन
मुआवजा दिलाने तथा एसओ बड़गांव को बर्खास्त करने की मांग की है। चेतावनी दी यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो दलित समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होगा।
ज्ञापन देने वालों में डा. प्रवेंद्र कुमार, राजीव कर्णवाल, शिवकुमार गौतम, विनय, लोकेश, संजय, राजपाल सिंह कर्णवाल, ईश्वर, पिंटू कुमार, समंद्र सैन, अश्वनी, रोहित कर्णवाल, सचिन कुमार, जोनी, बालेश्वर प्रसाद आदि रहे।
विज्ञापन
बीबीपुर, इस्माइलपुर, हाशिमपुरा, बाबूपुर, हुलासगढ़, सलेमपुर और देवबंद आदि गांवों के दलित समाज के लोगों ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को सौंपा है।
विज्ञापन
पांच सूत्रीय ज्ञापन में हमलावरों के खिलाफ आगजनी, जान से मारने के प्रयास सहित एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने, निर्दोष दलित समाज के लोगों को अविलंब रिहा कर उन पर लगाए गए मुकदमे खारिज करने, दलितों के घरों में आगजनी से हुए नुकसान पर 10-10 लाख तथा घायलों को 5-5 लाख का
विज्ञापन
मुआवजा दिलाने तथा एसओ बड़गांव को बर्खास्त करने की मांग की है। चेतावनी दी यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो दलित समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होगा।
ज्ञापन देने वालों में डा. प्रवेंद्र कुमार, राजीव कर्णवाल, शिवकुमार गौतम, विनय, लोकेश, संजय, राजपाल सिंह कर्णवाल, ईश्वर, पिंटू कुमार, समंद्र सैन, अश्वनी, रोहित कर्णवाल, सचिन कुमार, जोनी, बालेश्वर प्रसाद आदि रहे।