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Saharanpur News: छोटे टैक्स बकायेदारों पर सितम, बड़ों के प्रति नरम
Wed, 07 Jan 2026 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:13 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम छोटे टैक्स बकायेदारों पर सितम कर रहा है, जबकि बड़े बकायेदारों के प्रति नरम है। इसका बेहतर उदाहरण गृहकर बकायेदारों को भेजे गए डिमांड नोटिस हैं, जिनमें 200 रुपये तक के बकायेदारों को कुर्की की चेतावनी दी गई है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में गलत टैक्स लगाने के मामले की जांच लटकी है।
गृहकर एवं जलकर अनुभाग बकायेदारों के घरों पर डिमांड नोटिस चस्पा करा रहा है। ओजपुरा में एक महिला के पास 40 वर्ग गज का मकान है, जिस पर 352 रुपये गृहकर, जलकर और सीवर कर बकाया है, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष का है। नगर निगम द्वारा घर पर नोटिस चस्पा किया गया है, जिस पर 15 दिन के भीतर टैक्स जमा न कराने पर भवन को कुर्क करने की कार्रवाई की चेतावनी लिखी गई है। इसकी प्रतिलिपि संबंधित थाने को भी गई है, जिसमें कुर्की या सील की कार्रवाई के दौरान पुलिस मुहैया कराने को कहा गया है। यह केवल एक उदाहरण है। पूरे महानगर में ऐसे हजारों नोटिस जारी हुए हैं, जिनमें 200 रुपये तक के बकायेदार को कुर्की की चेतावनी दी गई है, जबकि बड़े बकायेदारों के प्रति नगर निगम के अधिकारी नरम हैं।
दिल्ली रोड स्थित शहर की सबसे बड़ी बिल्डिंग से अभी तक टैक्स नहीं वसूला गया है, जबकि उक्त भवन पर 2022 से टैक्स लगा है। पिछले दिनों पार्षद मंसूर बदर ने कार्यकारिणी समिति की बैठक में कामधेनु कॉप्लेक्स (औद्योगिक क्षेत्र) और दिल्ली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में लगे टैक्स पर सवाल उठाए गए थे। उनका आरोप था कि कोई भी उद्योग 500 वर्ग गज से कम में नहीं बना है, लेकिन 100-100 वर्ग गज पर टैक्स लगाया हुआ है, जिसमें निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत है। महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त शिपू गिरि द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अभी तक जांच नहीं की है।
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जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस जारी
महानगर की 72 हजार आवासीय संपत्तियों को भी जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ज्यादातर नोटिस जा चुके हैं, जिसमें संपत्तियों के स्वामियों से टैक्स जमा कराने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें आपत्ति है तो लिखित में दर्ज कराएं। या फिर स्वकर निर्धारण प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराएं।
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जीआईएस सर्वे के बाद संपत्तियों की संख्या
कुल संपत्ति-- -- -- -- 2.13 लाख
आवासीय संपत्ति-- -- -1.43 लाख
व्यावसायिक संपत्ति-- -38 हजार
अन्य संपत्ति-- -- -- -- 32 हजार
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200 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक के टैक्स बकायेदारों को डिमांड नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी होने के बाद 15 दिन में टैक्स जमा कराने को कहा गया है। अन्यथा कुर्की की चेतावनी दी गई है। मकसद कुर्की करना नहीं है, बल्कि यह है कि टैक्स समय से जमा हो।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक
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गृहकर एवं जलकर अनुभाग बकायेदारों के घरों पर डिमांड नोटिस चस्पा करा रहा है। ओजपुरा में एक महिला के पास 40 वर्ग गज का मकान है, जिस पर 352 रुपये गृहकर, जलकर और सीवर कर बकाया है, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष का है। नगर निगम द्वारा घर पर नोटिस चस्पा किया गया है, जिस पर 15 दिन के भीतर टैक्स जमा न कराने पर भवन को कुर्क करने की कार्रवाई की चेतावनी लिखी गई है। इसकी प्रतिलिपि संबंधित थाने को भी गई है, जिसमें कुर्की या सील की कार्रवाई के दौरान पुलिस मुहैया कराने को कहा गया है। यह केवल एक उदाहरण है। पूरे महानगर में ऐसे हजारों नोटिस जारी हुए हैं, जिनमें 200 रुपये तक के बकायेदार को कुर्की की चेतावनी दी गई है, जबकि बड़े बकायेदारों के प्रति नगर निगम के अधिकारी नरम हैं।
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दिल्ली रोड स्थित शहर की सबसे बड़ी बिल्डिंग से अभी तक टैक्स नहीं वसूला गया है, जबकि उक्त भवन पर 2022 से टैक्स लगा है। पिछले दिनों पार्षद मंसूर बदर ने कार्यकारिणी समिति की बैठक में कामधेनु कॉप्लेक्स (औद्योगिक क्षेत्र) और दिल्ली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में लगे टैक्स पर सवाल उठाए गए थे। उनका आरोप था कि कोई भी उद्योग 500 वर्ग गज से कम में नहीं बना है, लेकिन 100-100 वर्ग गज पर टैक्स लगाया हुआ है, जिसमें निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत है। महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त शिपू गिरि द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अभी तक जांच नहीं की है।
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जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस जारी
महानगर की 72 हजार आवासीय संपत्तियों को भी जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ज्यादातर नोटिस जा चुके हैं, जिसमें संपत्तियों के स्वामियों से टैक्स जमा कराने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें आपत्ति है तो लिखित में दर्ज कराएं। या फिर स्वकर निर्धारण प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराएं।
जीआईएस सर्वे के बाद संपत्तियों की संख्या
कुल संपत्ति
आवासीय संपत्ति
व्यावसायिक संपत्ति
अन्य संपत्ति
200 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक के टैक्स बकायेदारों को डिमांड नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी होने के बाद 15 दिन में टैक्स जमा कराने को कहा गया है। अन्यथा कुर्की की चेतावनी दी गई है। मकसद कुर्की करना नहीं है, बल्कि यह है कि टैक्स समय से जमा हो।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक