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मिट्टी में मिलाएं फसल अवशेष, बढ़ेगा जीवांश कार्बन

Fri, 16 Sep 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 11:54 PM IST
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Crop residues mixed with soil will increase biomass carbon
सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से फसल अवशेष परियोजना के तहत ग्राम बहेड़ी कोली में ग्राम स्तरीय किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष को जलाने के बजाए उसे कृषि यंत्रों की सहायता से खेत में ही मिलाना चाहिए। इससे मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ेगी।
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शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा ने कहा कि फसल को खेत से काटने के बाद बचे हुए फसल अवशेषों को जलाना नहीं चाहिए। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की ऊपरी सतह पर मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। फसल अवशेषों को कृषि यंत्र की सहायता से मिट्टी में मिला देना चाहिए। इससे मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा में इजाफा होता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुखदेव सिंह ने पापुलर, नीम, यूकेलिप्टिस आदि वृक्षों के महत्व को बताया।
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परियोजना समन्वयक डॉ. रविंद्र तोमर ने फसल अवशेष प्रबंधन में कृषि यंत्रों की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को धान कटाई के बाद गेहूं की बुवाई की तकनीक बताई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने गन्ने के फसल अवशेष निस्तारण एवं गन्ने के साथ सहफसली की खेती आदि के बारे में जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. शालिनी सिंह और बिशनपाल सिंह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान मैनपाल, बाबूराम, अमृतपाल, ओमवीर सिंह, सुनील शास्त्री, सत्यवीर, कुलवीर, आवाज चौधरी आदि मौजूद रहे।
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