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अपराधियों को ऐसी ही सजा मिले, मगर जल्द मिले

Tue, 07 Jan 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2020 11:54 PM IST
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Criminals get similar punishment, but soon
पार्षद ज्योति अग्रवाल - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा के फैसले पर महिलाएं बेहद खुश हैं। मगर उन्हें इस बात का अफसोस भी है कि इतने गंभीर मामले में पीड़ित पक्ष के लिए न्याय मिलने में अधिक वक्त लग गया। उनका कहना है कि बेहतर होता कि यह फैसला और जल्द आ जाता। ऐसे जघन्य कृत्यों के लिए न्याय प्रक्रिया में अधिक देरी नहीं होनी चाहिए।
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फैसला तो सही मगर इतनी देरी ठीक नहीं : फरहा फैज
-सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज कहतीं हैं कि जघन्य कृत्य करने वालों के लिए फांसी जैसी सजा ही बेहतर है। इसलिए इस मामले में फैसला ठीक है। मगर ऐसे केस में इतनी देरी नहीं होनी चाहिए। अपराधियों को सख्त सजा जल्द मिले तो पीड़ितों को त्वरित न्याय के साथ ही समाज में सही संदेश भी जाता है।
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ऐसी सजा मिलेगी तो ही कड़ा सबक मिलेगा : ज्योति
- नगर निगम के वार्ड नंबर 46 से पार्षद ज्योति अग्रवाल का कहना है कि इस तरह के घिनौने अपराध करने वाले अपराधियों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए। ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई भी होनी चाहिए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी तभी आगे ऐसी घटनाएं कम हो सकेंगी और उन्हें कड़ा सबक मिलेगा।
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देर से आया सही फैसला : बबीता
- केएलजी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल बबीता मलिक का कहना है कि हैदराबाद कांड में पीड़ित पक्ष को न्याय तो जल्द मिला था मगर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ गए थे। इसलिए अच्छा यही है कि न्यायिक प्रक्रिया ही ऐसी हो कि दोषी जल्द सजा पाएं और उन्हें कोई राहत न मिल सके। निर्भया कांड में देरी से आया सही फैसला है।

दोषियों को ज्यादा वक्त दिया गया: पूनम
- हकीकत नगर निवासी ब्यूटीशियन पूनम बाली कहती हैं कि उन्हें लगता है कि निर्भया कांड में दोषियों को सजा देने के लिए ज्यादा समय दिया गया। उनकी अर्जी पर सुनवाई के लिए इतना वक्त न गंवाया जाता तो उन्हें बहुत पहले सजा मिल चुकी होती। फिर भी अपराधियों को कड़ी सजा ही समाज में सही संदेश देती है।

बबीता मलिक प्रधानाचार्य

बबीता मलिक प्रधानाचार्य- फोटो : SAHARANPUR

पूनम बाली समाज सेवी

पूनम बाली समाज सेवी- फोटो : SAHARANPUR

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज- फोटो : SAHARANPUR

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