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बंदी की मौत पर परिजनों का हंगामा

Tue, 27 Oct 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 27 Oct 2015 12:17 AM IST
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The drama of the families on the death of prisoner
जिला कारागार में एनडीपीएस में तीन महीने से बंद एक बंदी की की हालत बिगड़ गई। रविवार की रात उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उसे लाया गया, जहां उसको चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सोमवार को उसके परिजनों और वाल्मीकि समाज के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका आरोप है कि उसको जेल में पीटा गया और यातनाएं दी गईं।
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इसके चलते उसकी मौत हुई है। इस मामले में बंदी के परिजन और समाज के लोगों ने सीएमओ से मिलकर पोस्टमार्टम में मौत की सही जांच की मांग की। दूसरी ओर, जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी की सांस की बीमारी का इलाज पहले से चल रहा था। उसी में उसकी मौत हुई है।
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नगर कोतवाली के नुमाइश कैंप केशवनगर स्थित वाल्मिकी कालोनी निवासी 40 वर्षीय बांका उर्फ सोनू पुत्र बुद्धराम को नशीले पदार्थ के साथ तीन माह पूर्व नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत न हो पाने के कारण बांका जेल में ही बंद था। रविवार रात 10.50 बजे दो बंदी रक्षक उसे बिगड़ी हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
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यहां कुछ देर के चिकित्सीय परीक्षण के बाद बांका को मृत घोषित कर दिया गया और शव मोर्चरी में रखवा दिया गया। बांका की मौत की सूचना मिलने पर उसकी बीवी गीता और अन्य परिजनों के साथ समाज के लोग सुबह ही जिला अस्पताल पहुंच गए। गीता का कहना था कि रविवार को वह मिलाई पर गई थी तो उस समय पति की हालत ठीक थी। परिजनों ने कहा कि सांस की बीमारी से मौत होने की बात कही गई है। उन्होंने आशंका जताई कि पति के सिर ओर टांग पर चोटें पहुंचाई गई हैं। थाना जनकपुरी प्रभारी यशपाल सिंह, एसएसआई सुधीर उज्ज्वल सहित अन्य पुलिस फोर्स ने लोगों को शांत कराया।

सही जांच की मांग के लिए सीएमओ से भी मिले
इस मामले में वह बाद में सीएमओ डा. सईद मोहम्मद से भी मिले। उन्होंने आश्वस्त किया कि वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम होगा। दो डॉक्टरों अलग से जांच करेंगे। कोई नाइंसाफी नहीं होगी। सीएमओ से मिलने वालों में वाल्मीकि समाज के मांगेराम भारती, सोनी आजाद, धीरज आजाद, राजकुमार घावरी सहित अन्य समाज के लोग भी शामिल रहे।


बंदी की सांस की बीमारी से हुई मौत
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राम सेवक का कहना है कि बंदी सांस की बीमारी से पीड़ित था। उसको 19 अक्तूबर को पहले जेल के अस्पताल में दिखाया गया था। इसके बाद 22 अक्तूबर को जिला चिकित्सालय में एक्सरे और बलगम की जांच कराई गई। इसी बीच छुट्टियां बीच में आ गई। रात साढ़े दस बजे के बाद हालत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया था। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों की ओर से भी अस्थमा संबंधी बीमारी की संभावना जताई गई है। उधर, थाना प्रभारी यशपाल सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पड़ताल में किसी अन्य कारण के बारे में पता चल पाएगा।
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