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सहारनपुर में मौजूद हो सकते हैं स्लीपर सेल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 04 May 2016 11:56 PM IST
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Taking information from the mother of terror
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में कंधार कांड से लेकर संसद में हुए हमले तक सहित देश के हर बड़े आतंकी हरकतों में सहारनपुर का कनेक्शन सामने आ चुका है। ज्यादातर मामलों में सहारनपुर को आतंकियों ने शरणस्थली के रूप में भी प्रयोग किया है।
यही कारण है कि यहां स्लीपर सेल के सक्रिय होने की आशंका है। मगर, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग के पास सटीक जानकारी नहीं होने की वजह से अब तक स्लीपर सेल को नहीं खोज पाई है।
करीब डेढ़ साल पहले सहारनपुर स्टेशन से इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सक्रिय सदस्य शेख एजाज सईद को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहां की टीम ने सदर थाने में आमद दर्ज कर उसे साथ ले गई थी।
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उस वक्त खुलासा किया गया था कि यह आतंकी सहारनपुर में स्लीपर सेल से संपर्क साधने आया था। इससे पहले नवंबर 1994 में तात्कालिक संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा मौलाना मसूद अजहर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। उसे छुड़ाने के लिए लश्कर ने पांच ब्रिटिश और एक आस्ट्रेलियन नागरिक का अपहरण कर लिया था।
आस्ट्रेलियन नागरिक की हत्या कर उसके फोटो प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिए गए थे, तब इस अपहरण का खुलासा हुआ था। तब गाजियाबाद में रोहित शर्मा के नाम से रह रहे और पुलिस के हत्थे चढ़ा अहमद सईद शेख उर्फ से जानकारी मिली थी कि अपहृत विदेशी नागरिकों को सहारनपुर के खाताखेड़ी में रखा गया था।
सूचना पर साहिबाबाद थाने के इंस्पेक्टर ध्रुवलाल यादव ने 2 नवंबर 1994 को सहारनपुर पुलिस को साथ लेकर आतंकियों से मुठभेड़ की थी। जिसमें ध्रुवलाल यादव और एक सिपाही राजेश यादव शहीद हो गए थे।
एक आतंकी भी मारा गया था। सभी विदेशी नागरिकों को सकुशल मुक्त करा लिया गया था। यहां नाकाम रहे आतंकी संगठन ने बाद में इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर लिया था और कंधार ले गए थे।
यात्रियों की सकुशल रिहाई के बदले तत्कालीन राजग सरकार को न केवल मौलाना मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा था। इसके अलावा गाजियाबाद में पकड़े गए उमर सईद शेख को भी रिहा करना पड़ा था।
करीब पांच साल पहले ही शहर के पंजाबी बाग हकीकत नगर में पाकिस्तान के लिए जासूस करने के आरोप में शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल को गिरफ्तार किया गया था।
उसने न केवल यहां राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था बल्कि बाइक के लिए लोन तक ले लिया था। फिलहाल वह फर्जी आईडी बनवाने के मामले में सजा काट रहा है।
जनवरी 2010 में रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था।
उसने सहारनपुर के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी। मार्च 2010 को मुंबई में आतंकी संगठन लश्कर के रियाज, अब्दुल लतीफ को मुंबई एटीएम ने पकड़ा था। उसके पास से सहारनपुर और मऊ के फोन नंबर मिले थे।
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यही कारण है कि यहां स्लीपर सेल के सक्रिय होने की आशंका है। मगर, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग के पास सटीक जानकारी नहीं होने की वजह से अब तक स्लीपर सेल को नहीं खोज पाई है।
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करीब डेढ़ साल पहले सहारनपुर स्टेशन से इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सक्रिय सदस्य शेख एजाज सईद को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहां की टीम ने सदर थाने में आमद दर्ज कर उसे साथ ले गई थी।
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उस वक्त खुलासा किया गया था कि यह आतंकी सहारनपुर में स्लीपर सेल से संपर्क साधने आया था। इससे पहले नवंबर 1994 में तात्कालिक संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा मौलाना मसूद अजहर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। उसे छुड़ाने के लिए लश्कर ने पांच ब्रिटिश और एक आस्ट्रेलियन नागरिक का अपहरण कर लिया था।
आस्ट्रेलियन नागरिक की हत्या कर उसके फोटो प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिए गए थे, तब इस अपहरण का खुलासा हुआ था। तब गाजियाबाद में रोहित शर्मा के नाम से रह रहे और पुलिस के हत्थे चढ़ा अहमद सईद शेख उर्फ से जानकारी मिली थी कि अपहृत विदेशी नागरिकों को सहारनपुर के खाताखेड़ी में रखा गया था।
सूचना पर साहिबाबाद थाने के इंस्पेक्टर ध्रुवलाल यादव ने 2 नवंबर 1994 को सहारनपुर पुलिस को साथ लेकर आतंकियों से मुठभेड़ की थी। जिसमें ध्रुवलाल यादव और एक सिपाही राजेश यादव शहीद हो गए थे।
एक आतंकी भी मारा गया था। सभी विदेशी नागरिकों को सकुशल मुक्त करा लिया गया था। यहां नाकाम रहे आतंकी संगठन ने बाद में इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर लिया था और कंधार ले गए थे।
यात्रियों की सकुशल रिहाई के बदले तत्कालीन राजग सरकार को न केवल मौलाना मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा था। इसके अलावा गाजियाबाद में पकड़े गए उमर सईद शेख को भी रिहा करना पड़ा था।
करीब पांच साल पहले ही शहर के पंजाबी बाग हकीकत नगर में पाकिस्तान के लिए जासूस करने के आरोप में शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल को गिरफ्तार किया गया था।
उसने न केवल यहां राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था बल्कि बाइक के लिए लोन तक ले लिया था। फिलहाल वह फर्जी आईडी बनवाने के मामले में सजा काट रहा है।
जनवरी 2010 में रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था।
उसने सहारनपुर के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी। मार्च 2010 को मुंबई में आतंकी संगठन लश्कर के रियाज, अब्दुल लतीफ को मुंबई एटीएम ने पकड़ा था। उसके पास से सहारनपुर और मऊ के फोन नंबर मिले थे।