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हत्या का दोष साबित न होने पर दो बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:13 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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सहारनपुर के देवबंद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीन साल पूर्व हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को दोष साबित न होने पर सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले में अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत निजी बंध पत्र भी निरस्त कर दिए गए।
एडीजीसी जयवीर सिंह के मुताबिक मोहल्ला सैनी सराय निवासी नरेश पुत्र रामपाल सिंह का 24 वर्षीय भाई प्रमोद 3 अगस्त 2013 की रात में घर से लापता हो गया था लेकिन काफी तलाश किए जाने के बाद भी उसके न मिलने पर नरेश ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
10 अगस्त को दिवालहेड़ी के जंगल में एक व्यक्ति की लाश मिली थी। जिसकी पहचान नरेश के परिजनों ने प्रमोद के रूप में की थी। लाश सिर एवं धड़ दो भागों में थी। जिसके आधार पर मामला 302/34 व 201 में तरमीम कर दिया गया।
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जांच के दौरान प्रमोद को अंतिम बार अभियुक्त बलजोरा पुत्र बलवीर सिंह और भंवर सिंह पुत्र बलवीर सिंह निवासी मोहल्ला काहरान के साथ देखे जाने के चलते उन्हें आरोपी बना दिया गया लेकिन अदालत में दोनों पर दोष साबित नहीं हो पाया।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाबूलाल केसरवानी ने इस केस का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त बलजोरा और भंवर सिंह पर दोष साबित न होने पर उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। उनकी ओर से पैरवी अधिवक्ता अमित पुंडीर और राजकुमार वर्मा ने की है।
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एडीजीसी जयवीर सिंह के मुताबिक मोहल्ला सैनी सराय निवासी नरेश पुत्र रामपाल सिंह का 24 वर्षीय भाई प्रमोद 3 अगस्त 2013 की रात में घर से लापता हो गया था लेकिन काफी तलाश किए जाने के बाद भी उसके न मिलने पर नरेश ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
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10 अगस्त को दिवालहेड़ी के जंगल में एक व्यक्ति की लाश मिली थी। जिसकी पहचान नरेश के परिजनों ने प्रमोद के रूप में की थी। लाश सिर एवं धड़ दो भागों में थी। जिसके आधार पर मामला 302/34 व 201 में तरमीम कर दिया गया।
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जांच के दौरान प्रमोद को अंतिम बार अभियुक्त बलजोरा पुत्र बलवीर सिंह और भंवर सिंह पुत्र बलवीर सिंह निवासी मोहल्ला काहरान के साथ देखे जाने के चलते उन्हें आरोपी बना दिया गया लेकिन अदालत में दोनों पर दोष साबित नहीं हो पाया।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाबूलाल केसरवानी ने इस केस का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त बलजोरा और भंवर सिंह पर दोष साबित न होने पर उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। उनकी ओर से पैरवी अधिवक्ता अमित पुंडीर और राजकुमार वर्मा ने की है।