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पुलिस की गलती पर जमकर हुआ बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:41 AM IST
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hangama
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर की देवबंद कोतवाली पुलिस की गलती पर सोमवार को खासा बवाल हुआ। पुलिस सूचना पर गोमांस बेचने के शक में दो विक्रेताओं को उठाकर ले कोतवाली आई।
इसके कुछ मिनट बाद ही सभी विक्रेताआें अपनी दुकानें बंद कर पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में जमकर हंगामा किया। कोतवाली में बढ़ती भीड़ केा देख पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दी।
इससे मची भगदड़ में कई लोग चोटिल भी हुए। बाद में चिकित्सीय परीक्षण में गोमांस न होने की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने अपनी गलती स्वीकारते हुए हिरासत में लिए दोनों लोगों को छोड़ दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
सोमवार की सुबह करीब आठ बजे पुलिस को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि शाहबुखारी स्थित दो मांस की दुकानों पर गोमांस बेचा जा रहा है। तुरंत कोतवाली के एसआई वेगपाल सिंह पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे और दुकानों से करीब 20 किलो मांस कब्जे में लेकर बेरुन कोटला निवासी मांस विक्रेता मोबीन और मुरसलीन को हिरासत में ले लिया।
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जानकारी मिलते ही मांस विक्रेताओं में रोष फैल गया और सभी दुकानें बंद कर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर गलत तरीके से दोनों लोगों को हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। कोतवाली में भीड़ बढ़ती देख उपनिरीक्षक वेगपाल सिंह ने हंगामा कर रहे लोगों पर लाठियां फटकार कर उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया।
इससे लोगों में भगदड़ मच गई। भगदड़ के दौरान कई लोग नीचे गिरकर जख्मी भी हो गए। इससे पूर्व पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। जानकारी मिलने पर सलीम कुरैशी और सपा नेता मोहम्मद आजम, अधिवक्ता फिरोज भी कोतवाली पहुंच गए और लोगों को बमुश्किल समझाकर शांत किया।
काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाया और बरामद मांस का परीक्षण कराया। चिकित्सक ने गोमांस होने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए हिरासत में लिए दोनों लोगों को छोड़ दिया।
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इसके कुछ मिनट बाद ही सभी विक्रेताआें अपनी दुकानें बंद कर पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में जमकर हंगामा किया। कोतवाली में बढ़ती भीड़ केा देख पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दी।
इससे मची भगदड़ में कई लोग चोटिल भी हुए। बाद में चिकित्सीय परीक्षण में गोमांस न होने की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने अपनी गलती स्वीकारते हुए हिरासत में लिए दोनों लोगों को छोड़ दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
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सोमवार की सुबह करीब आठ बजे पुलिस को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि शाहबुखारी स्थित दो मांस की दुकानों पर गोमांस बेचा जा रहा है। तुरंत कोतवाली के एसआई वेगपाल सिंह पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे और दुकानों से करीब 20 किलो मांस कब्जे में लेकर बेरुन कोटला निवासी मांस विक्रेता मोबीन और मुरसलीन को हिरासत में ले लिया।
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जानकारी मिलते ही मांस विक्रेताओं में रोष फैल गया और सभी दुकानें बंद कर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर गलत तरीके से दोनों लोगों को हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। कोतवाली में भीड़ बढ़ती देख उपनिरीक्षक वेगपाल सिंह ने हंगामा कर रहे लोगों पर लाठियां फटकार कर उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया।
इससे लोगों में भगदड़ मच गई। भगदड़ के दौरान कई लोग नीचे गिरकर जख्मी भी हो गए। इससे पूर्व पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। जानकारी मिलने पर सलीम कुरैशी और सपा नेता मोहम्मद आजम, अधिवक्ता फिरोज भी कोतवाली पहुंच गए और लोगों को बमुश्किल समझाकर शांत किया।
काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाया और बरामद मांस का परीक्षण कराया। चिकित्सक ने गोमांस होने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए हिरासत में लिए दोनों लोगों को छोड़ दिया।