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पुलिस, आरआरएफ पर पथराव
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:52 AM IST
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लोगों को समझाते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद के बचीटी गांव में बृहस्पतिवार को उस समय दो समुदाय के बीच तनातनी बन गई जबकि एक पक्ष ने विद्युत लाइन खींचने का विरोध किया।
ग्रामीण विद्युत अधिकारिकों के साथ पुलिस और आरआरएफ के जवानों के देख भड़क गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई है।
बाद में सूचना मिलने पर उच्चाधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण किया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात की गई।
बचीटी गांव में सांसद निधि से 11 हजार की विद्युत लाइन खींचने का कार्य किया जा रहा था। जिसका एक समुदाय के लोग काफी दिनों से विरोध करते आ रहे थे। इसी को लेकर कई बार दोनों समुदाय के लोगों के बीच कहासुनी भी हो चुकी है।
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बृहस्पतिवार को विद्युत निगम के अधिकारी पुलिस बल और आरआरएफ के जवानों के साथ विद्युत लाइन खिंचवाने के लिए पहुंचे थे। निगम कर्मचारियों ने जब लाइन खींचनी शुरू की तो भारी संख्या में ग्रामीण इसका विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए और हंगामा करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो महिलाओं और पुरुषों ने छतों पर चढ़कर पुलिस फोर्स पर पथराव करना शुरू कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। बाद में पुलिस ने पीछे हटकर अपनी जान बचाई।
संघर्ष के चलते विद्युत लाइन खींचने का कार्य भी बीच में ही रोक दिया गया। पुलिस पर पथराव की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्रपाल सिंह और कोतवाल बिजेंद्र यादव पुलिस फोर्स लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को वहां से भगा दिया।
जिसके बाद पुलिस ने घरों में तलाशी अभियान भी चलाया। तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया। इस मामले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच देर शाम तक वार्ता चलती रही।
कोतवाल बिजेंद्र यादव ने पुलिस पर पथराव किए जाने से इंकार करते हुए बताया कि मामले को लेकर दोनों पक्षों और प्रशासन के बीच बातचीत की जा रही है।
एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार कुछ ग्रामीण भ्रांतियों की वजह से विद्युत लाइन खींचने का विरोध कर रहे हैं लेकिन लोगों को समझा दिया गया है। दोनों पक्षों के साथ प्रशासन की वार्ता चल रही है। जल्द ही इसमें कोई न कोई समाधान निकल आएगा।
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ग्रामीण विद्युत अधिकारिकों के साथ पुलिस और आरआरएफ के जवानों के देख भड़क गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई है।
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बाद में सूचना मिलने पर उच्चाधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण किया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात की गई।
बचीटी गांव में सांसद निधि से 11 हजार की विद्युत लाइन खींचने का कार्य किया जा रहा था। जिसका एक समुदाय के लोग काफी दिनों से विरोध करते आ रहे थे। इसी को लेकर कई बार दोनों समुदाय के लोगों के बीच कहासुनी भी हो चुकी है।
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बृहस्पतिवार को विद्युत निगम के अधिकारी पुलिस बल और आरआरएफ के जवानों के साथ विद्युत लाइन खिंचवाने के लिए पहुंचे थे। निगम कर्मचारियों ने जब लाइन खींचनी शुरू की तो भारी संख्या में ग्रामीण इसका विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए और हंगामा करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो महिलाओं और पुरुषों ने छतों पर चढ़कर पुलिस फोर्स पर पथराव करना शुरू कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। बाद में पुलिस ने पीछे हटकर अपनी जान बचाई।
संघर्ष के चलते विद्युत लाइन खींचने का कार्य भी बीच में ही रोक दिया गया। पुलिस पर पथराव की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्रपाल सिंह और कोतवाल बिजेंद्र यादव पुलिस फोर्स लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को वहां से भगा दिया।
जिसके बाद पुलिस ने घरों में तलाशी अभियान भी चलाया। तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया। इस मामले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच देर शाम तक वार्ता चलती रही।
कोतवाल बिजेंद्र यादव ने पुलिस पर पथराव किए जाने से इंकार करते हुए बताया कि मामले को लेकर दोनों पक्षों और प्रशासन के बीच बातचीत की जा रही है।
एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार कुछ ग्रामीण भ्रांतियों की वजह से विद्युत लाइन खींचने का विरोध कर रहे हैं लेकिन लोगों को समझा दिया गया है। दोनों पक्षों के साथ प्रशासन की वार्ता चल रही है। जल्द ही इसमें कोई न कोई समाधान निकल आएगा।