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पुलिस पकड़ से दूर बड़े अपराधी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 12:16 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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सहारनपुर में पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम हो रही है। पुलिस केवल कागजी कार्रवाई करने तक सीमित है। हिमांशु अरोड़ा हत्याकांड, ढमोला का दोहरा हत्याकांड और रेलवे रोड पर हुई दस लाख की लूट इसका बेहतर उदाहरण हैं।
पुलिस की नाकामी पर पीड़ित पक्ष सवाल भी खड़े कर रहे हैं। करीब दो महीने पहले मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की लाखों रुपये लूटने के बाद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घटना के अगले दिन व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने एसएसपी का घेराव कर विरोध प्रकट करते हुए घटना के खुलासे की मांग की थी। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए चार दिन के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था।
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मगर घटना के मुख्य आरोपी अमजद और उसके साथी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि अमजद पर 81 और 82 की कार्रवाई चल रही है। डीआईजी की ओर से अमजद पर 12 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया है।
पांच दिन पहले ही कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने अमजद के ऊपर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया है। बावजूद इसके अमजद पुलिस की पकड़ से बाहर है। करीब डेढ़ महीना पहले देेहात कोतवाली के गांव ढमोला में चुनावी रंजिश को लेकर दो लोगों की हत्या कर दी गई थी।
घटना में पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पीड़ितों ने 16 लोगों को नामजद किया था, जिनमें से चार लोगों ने सरेंडर कर दिया था। मगर, 11 आरोपियों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इसके बाद थाना जनकपुरी क्षेत्र में थाने से मुश्किल से दो सौ मीटर की दूरी पर पीडब्ल्यूडी के एक कर्मचारी के घर पर दिन दहाड़े लाखों की चोरी हुई थी, जिसका खुलासा भी पुलिस अभी तक नहीं कर सकी है।
इसी क्षेत्र में देहरादून चौक पर एक ठेकेदार की कार से आठ लाख रुपये उड़ा लिए गए थे। इसमें भी आरोपी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है।
इसके अगले ही दिन कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के रेलवे रोड पर एचडीएफसी बैंक से दस लाख रुपये लेकर निकल रहे एक व्यापारी के मैनेजर से बाइक सवार बदमाश दस लाख रुपये लूटकर भाग निकले थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी।
पुलिस का दावा था कि उनके साथ कुछ अहम सुुबूत लगे हैं और संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है, मगर पुलिस अभी तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। ऐसे अनेक मामलों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही पीड़ितों में खासा रोष भी है। जल्द खुलासे की मांग कर है।
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पुलिस की नाकामी पर पीड़ित पक्ष सवाल भी खड़े कर रहे हैं। करीब दो महीने पहले मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की लाखों रुपये लूटने के बाद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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घटना के अगले दिन व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने एसएसपी का घेराव कर विरोध प्रकट करते हुए घटना के खुलासे की मांग की थी। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए चार दिन के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था।
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मगर घटना के मुख्य आरोपी अमजद और उसके साथी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि अमजद पर 81 और 82 की कार्रवाई चल रही है। डीआईजी की ओर से अमजद पर 12 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया है।
पांच दिन पहले ही कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने अमजद के ऊपर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया है। बावजूद इसके अमजद पुलिस की पकड़ से बाहर है। करीब डेढ़ महीना पहले देेहात कोतवाली के गांव ढमोला में चुनावी रंजिश को लेकर दो लोगों की हत्या कर दी गई थी।
घटना में पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पीड़ितों ने 16 लोगों को नामजद किया था, जिनमें से चार लोगों ने सरेंडर कर दिया था। मगर, 11 आरोपियों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इसके बाद थाना जनकपुरी क्षेत्र में थाने से मुश्किल से दो सौ मीटर की दूरी पर पीडब्ल्यूडी के एक कर्मचारी के घर पर दिन दहाड़े लाखों की चोरी हुई थी, जिसका खुलासा भी पुलिस अभी तक नहीं कर सकी है।
इसी क्षेत्र में देहरादून चौक पर एक ठेकेदार की कार से आठ लाख रुपये उड़ा लिए गए थे। इसमें भी आरोपी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है।
इसके अगले ही दिन कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के रेलवे रोड पर एचडीएफसी बैंक से दस लाख रुपये लेकर निकल रहे एक व्यापारी के मैनेजर से बाइक सवार बदमाश दस लाख रुपये लूटकर भाग निकले थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी।
पुलिस का दावा था कि उनके साथ कुछ अहम सुुबूत लगे हैं और संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है, मगर पुलिस अभी तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। ऐसे अनेक मामलों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही पीड़ितों में खासा रोष भी है। जल्द खुलासे की मांग कर है।