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इनामी हिस्ट्रीशीटर मारूफ गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:43 PM IST
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सहारनपुर के तीतरो में पुरानी रंजिश में तीतरो थाना क्षेत्र के धानवा गांव में एक ही परिवार में दो बेटों की हत्या से लेकर गैंगस्टर, गोवध समेत अन्य दर्जनों मामलों में वांछित चल रहा पांच हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर मारूफ को बहलोलपुर अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
तीतरो पुलिस ने उसके कब्जे से कारतूस समेत एक तमंचा बरामद किया है। इस हिस्ट्रीशीटर का धानवा के साथ ही क्षेत्र में खौफ रहा है। तीतरो थाना प्रभारी गुरचरण सिंह के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते धानवा के रहने वाले मारूफ ने नौ अन्य साथियों की मदद से वर्ष 2000 में अपने ही गांव के निवासी रामजीलाल के पुत्र शिव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घटना में थाना तीतरों में धारा 302, 147, 148,307, 452, 323, 325, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में कोर्ट ने इस आरोपी और अन्य नौ साथियों को उम्रकैद और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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इस मामले में न्यायालय से जमानत अपील पर रहकर मारूफ धावना में रामजीलाल के परिवार और हत्याकांड में गवाह सुशील कुमार को धमकियां देता रहा। इसके बाद वर्ष 2003 में मारूफ ने रामजीलाल के ही दूसरे बेटे सुशील कुमार की भी हत्या कर दी।
सुशील कुमार अपने भाई शिव कुमार की हत्या में गवाह के साथ ही पैरोकार भी था। इस हत्याकांड के बाद तीतरो पुलिस ने आरोपी की कुर्की की थी।
रामजीलाल और कुछ अन्य ग्रामीणों की माने तो रामजीलाल सैनी के सामने लिए गए एक घेर को लेकर इस परिवार का मारूफ और दिलशाद पक्ष के लोगों के साथ कुछ विवाद हो गया था। मामला इतना बढ़ा कि यह रंजिश आगे चलकर दो हत्याओं की वजह बन गई।
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तीतरो पुलिस ने उसके कब्जे से कारतूस समेत एक तमंचा बरामद किया है। इस हिस्ट्रीशीटर का धानवा के साथ ही क्षेत्र में खौफ रहा है। तीतरो थाना प्रभारी गुरचरण सिंह के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते धानवा के रहने वाले मारूफ ने नौ अन्य साथियों की मदद से वर्ष 2000 में अपने ही गांव के निवासी रामजीलाल के पुत्र शिव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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इस घटना में थाना तीतरों में धारा 302, 147, 148,307, 452, 323, 325, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में कोर्ट ने इस आरोपी और अन्य नौ साथियों को उम्रकैद और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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इस मामले में न्यायालय से जमानत अपील पर रहकर मारूफ धावना में रामजीलाल के परिवार और हत्याकांड में गवाह सुशील कुमार को धमकियां देता रहा। इसके बाद वर्ष 2003 में मारूफ ने रामजीलाल के ही दूसरे बेटे सुशील कुमार की भी हत्या कर दी।
सुशील कुमार अपने भाई शिव कुमार की हत्या में गवाह के साथ ही पैरोकार भी था। इस हत्याकांड के बाद तीतरो पुलिस ने आरोपी की कुर्की की थी।
रामजीलाल और कुछ अन्य ग्रामीणों की माने तो रामजीलाल सैनी के सामने लिए गए एक घेर को लेकर इस परिवार का मारूफ और दिलशाद पक्ष के लोगों के साथ कुछ विवाद हो गया था। मामला इतना बढ़ा कि यह रंजिश आगे चलकर दो हत्याओं की वजह बन गई।