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कुख्यात असजद की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Jun 2016 12:26 AM IST
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Notorious Asjad (PTI)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गंगोह में हिस्ट्रीशीटर असजद का गोलियों से छलनी शव रविवार की रात बाढ़ी माजरा गांव के पास एक बाग के नलकूप पर पड़ा मिला। सूचना के बाद पुलिस वहां पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने मुकीम काला गैंग के पुलिस कस्टडी से फरार चल रहे बदमाश सहित पांच के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव के पास से 315 बोर का एक कारतूस भी बरामद हुआ है।
मृतक बदमाश गंगोह थाने का हिस्ट्रीशीटर था और उस पर विभिन्न जनपदों के थानों में लूट, हत्या, डकैती, रंगदारी आदि मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज है। बदमाश की मौत से व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है।
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रविवार रात करीब 12 बजे मृतक बदमाश असजद के भाई अरशद पुत्र गुलामू ने पुलिस को सूचना दी कि शाम करीब आठ बजे तीतरो निवासी दो सगे भाई हैदर एवं वाहिद, गांव बाढ़ी माजरा निवासी इसरान और राशिद उर्फ नागिन एवं कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी वाजिद उर्फ काला को
उसके भाई असजद को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। रात 10 बजे गांव के ही रूकम ने उन्हें बताया कि गांव सलारपुरा के जंगल में अनीस के नलकूप पर असजद का गोली लगा शव पड़ा हुआ है।
कोतवाल यशपाल सिंह धामा और सीओ जगदीश चंद्र घटनास्थल पर पहुंचे। वहां असजद का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था और ग्रामीणों की भीड़ लगी थी। उसके माथे, नाक और सीने पर गोली मारने जैसे चोट के निशान थे।
एसपी देहात जगदीश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। असजद पर इनाम घोषित किए जाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी।
बताया गया असजद रविवार शाम ही गांव बाढ़ी माजरा पहुंचा था। उसने तीन निकाह किए थे। एक पत्नी को छोड़ दिया था, जबकि एक पत्नी गांव और एक पत्नी को गांव भूरा में रखा हुआ था।
असजद गंगोह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर कोतवाली के 18 मुकदमों सहित सहारनपुर, तीतरों, फतेहपुर सहित विभिन्न जनपदों में लूट, हत्या, डकैती, फिरौती, रंगदारी आदि संगीन मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज है।
वाजिद उर्फ काला ने असजद की हत्या करने के लिए उसके साथियों इसरान और राशिद उर्फ नागिन को किसी तरह अपने गैंग में शामिल कर लिया था। उनकी मदद से ही हत्या की गई।
बदमाश असजद करीब एक वर्ष पूर्व मुकीम काला गैंग के शूटर वाजिद उर्फ काला की पत्नी राणो को लेकर फरार हो गया था। वह उससे निकाह कर जनपद शामली के गांव भूरा में रह रहा था। इसके बाद वाजिद उसका जानी दुश्मन बन गया।
तनिष्क डकैती में पकड़े जाने के बाद वाजिद पुलिस कस्टडी से फरार हो गया और असजद की हत्या की साजिश रचने लगा। रविवार को उसने मौका पाकर उसने असजद की हत्या कर दी।
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परिजनों ने मुकीम काला गैंग के पुलिस कस्टडी से फरार चल रहे बदमाश सहित पांच के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव के पास से 315 बोर का एक कारतूस भी बरामद हुआ है।
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मृतक बदमाश गंगोह थाने का हिस्ट्रीशीटर था और उस पर विभिन्न जनपदों के थानों में लूट, हत्या, डकैती, रंगदारी आदि मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज है। बदमाश की मौत से व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है।
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रविवार रात करीब 12 बजे मृतक बदमाश असजद के भाई अरशद पुत्र गुलामू ने पुलिस को सूचना दी कि शाम करीब आठ बजे तीतरो निवासी दो सगे भाई हैदर एवं वाहिद, गांव बाढ़ी माजरा निवासी इसरान और राशिद उर्फ नागिन एवं कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी वाजिद उर्फ काला को
उसके भाई असजद को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। रात 10 बजे गांव के ही रूकम ने उन्हें बताया कि गांव सलारपुरा के जंगल में अनीस के नलकूप पर असजद का गोली लगा शव पड़ा हुआ है।
कोतवाल यशपाल सिंह धामा और सीओ जगदीश चंद्र घटनास्थल पर पहुंचे। वहां असजद का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था और ग्रामीणों की भीड़ लगी थी। उसके माथे, नाक और सीने पर गोली मारने जैसे चोट के निशान थे।
एसपी देहात जगदीश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। असजद पर इनाम घोषित किए जाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी।
बताया गया असजद रविवार शाम ही गांव बाढ़ी माजरा पहुंचा था। उसने तीन निकाह किए थे। एक पत्नी को छोड़ दिया था, जबकि एक पत्नी गांव और एक पत्नी को गांव भूरा में रखा हुआ था।
असजद गंगोह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर कोतवाली के 18 मुकदमों सहित सहारनपुर, तीतरों, फतेहपुर सहित विभिन्न जनपदों में लूट, हत्या, डकैती, फिरौती, रंगदारी आदि संगीन मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज है।
वाजिद उर्फ काला ने असजद की हत्या करने के लिए उसके साथियों इसरान और राशिद उर्फ नागिन को किसी तरह अपने गैंग में शामिल कर लिया था। उनकी मदद से ही हत्या की गई।
बदमाश असजद करीब एक वर्ष पूर्व मुकीम काला गैंग के शूटर वाजिद उर्फ काला की पत्नी राणो को लेकर फरार हो गया था। वह उससे निकाह कर जनपद शामली के गांव भूरा में रह रहा था। इसके बाद वाजिद उसका जानी दुश्मन बन गया।
तनिष्क डकैती में पकड़े जाने के बाद वाजिद पुलिस कस्टडी से फरार हो गया और असजद की हत्या की साजिश रचने लगा। रविवार को उसने मौका पाकर उसने असजद की हत्या कर दी।