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शमशाद ने फरारी के बाद ली थी हरियाणा में शरण
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:32 AM IST
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सहारनपुर। उत्तराखंड के विकासनगर से पेशी से वापस लाते समय बृहस्पतिवार को बंदी शमशाद गागलहेड़ी तिराहे पर दोनों पुलिस कर्मियों को धक्का देकर अपने साथियों की बाइक पर बैठकर फरार हो गया था। फरारी के बाद शमशाद ने हरियाणा के अंबाला में शरण ली। वहां से उत्तराखंड होते हुए सहारनपुर पहुंचा और पुलिस से टकरा गया।
हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और चोरी जैसे मामलों में वांछित शमशाद बृहस्पतिवार को पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद सीधा हरियाणा के अंबाला शहर में पहुंचा। वहां पर अपने एक परिचित के यहां एक दिन रुका। एसएसपी बबलू कुमार के अनुसार वहां से शनिवार को उत्तराखंड पहुंचा। पुलिस लगातार उसकी लोकेशन लेती रही और पुलिस की टीमें उसका पीछा करती रहीं। वहां से रविवार को वह सहारनपुर के देवबंद में पहुंचा, जहां उसे एक चिकित्सक से रंगदारी वसूल करनी थी। लेकिन, मौका नहीं मिला। रात में वह नानौता होते हुए फिर से देवबंद की ओर जा रहा था, लेकिन पुलिस चेकिंग के दौरान उसे रोक लिया गया। जहां से वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार हो गया। नानौता पुलिस ने पीछा किया और सहारनपुर तक खदेड़ा, जहां स्वॉट और सदर कोतवाली पुलिस की टीम ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
देवबंद के चिकित्सक से मांगी थी 15 लाख की रंगदारी
सहारनपुर। फरारी के बाद हरियाणा पहुंचकर शमशाद को खर्च के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। उसने अपने साथियों से दो पिस्टल भी ले लीं। लेकिन, पैसा पास न होने से परेशान हो गया। पुलिस के अनुसार उसने कहीं से देवबंद के डाक्टर पीयूष का फोन नंबर प्राप्त किया और फिर डाक्टर पीयूष को फोन करके उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। यही नहीं रंगदारी वसूल करने के लिए शमशाद उत्तराखंड होते हुए सहारनपुर पहुंचा। उसके बाद अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर नानौता होते हुए वह रंगदारी वसूल करने के लिए देवबंद की ओर जा रहा था। लेकिन, देवबंद फाटक पर नानौता पुलिस से सामना हो गया।
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फरारी केेे बाद दो दिन में ही हो गया 12 हजारी
गागलहेड़ी में बृहस्पतिवार को शमशाद पुलिस कस्टडी से फरार हुआ। पुलिस की चार टीमें शमशाद की गिरफ्तारी के लिए लगा दी गईं। शुक्रवार को ही उस पर एसएसपी ने 5 हजार का ईनाम घोषित कर दिया और शनिवार को डीआईजी ने 12 हजार का ईनाम कर दिया। उसके बाद 15 हजार के ईनाम के लिए आईजी को संस्तुति भेज दी गई। इसी दौरान शमशाद की पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
गैंगस्टर के मामले में 2015 में हुआ था गिरफ्तार
शमशाद जनकपुरी थाने में गैंगस्टर के मामले में वांछित चल रहा था। बाद में 2015 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और जिला कारागार भेज दिया गया। बाद में उसे देवबंद उप कारागार में भेज दिया गया था।
अंबाला में सराफ के यहां डकैती डाली थी
शमशाद ने अपने साथियों के साथ अंबाला के एक सराफ के यहां डकैती डाली थी और उसे गोली मार दी थी। इस मामले में कुछ आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। लेकिन, शमशाद बच गया था। उसे बाद में आरोपी भी बनाया गया।
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हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और चोरी जैसे मामलों में वांछित शमशाद बृहस्पतिवार को पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद सीधा हरियाणा के अंबाला शहर में पहुंचा। वहां पर अपने एक परिचित के यहां एक दिन रुका। एसएसपी बबलू कुमार के अनुसार वहां से शनिवार को उत्तराखंड पहुंचा। पुलिस लगातार उसकी लोकेशन लेती रही और पुलिस की टीमें उसका पीछा करती रहीं। वहां से रविवार को वह सहारनपुर के देवबंद में पहुंचा, जहां उसे एक चिकित्सक से रंगदारी वसूल करनी थी। लेकिन, मौका नहीं मिला। रात में वह नानौता होते हुए फिर से देवबंद की ओर जा रहा था, लेकिन पुलिस चेकिंग के दौरान उसे रोक लिया गया। जहां से वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार हो गया। नानौता पुलिस ने पीछा किया और सहारनपुर तक खदेड़ा, जहां स्वॉट और सदर कोतवाली पुलिस की टीम ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
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देवबंद के चिकित्सक से मांगी थी 15 लाख की रंगदारी
सहारनपुर। फरारी के बाद हरियाणा पहुंचकर शमशाद को खर्च के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। उसने अपने साथियों से दो पिस्टल भी ले लीं। लेकिन, पैसा पास न होने से परेशान हो गया। पुलिस के अनुसार उसने कहीं से देवबंद के डाक्टर पीयूष का फोन नंबर प्राप्त किया और फिर डाक्टर पीयूष को फोन करके उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। यही नहीं रंगदारी वसूल करने के लिए शमशाद उत्तराखंड होते हुए सहारनपुर पहुंचा। उसके बाद अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर नानौता होते हुए वह रंगदारी वसूल करने के लिए देवबंद की ओर जा रहा था। लेकिन, देवबंद फाटक पर नानौता पुलिस से सामना हो गया।
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फरारी केेे बाद दो दिन में ही हो गया 12 हजारी
गागलहेड़ी में बृहस्पतिवार को शमशाद पुलिस कस्टडी से फरार हुआ। पुलिस की चार टीमें शमशाद की गिरफ्तारी के लिए लगा दी गईं। शुक्रवार को ही उस पर एसएसपी ने 5 हजार का ईनाम घोषित कर दिया और शनिवार को डीआईजी ने 12 हजार का ईनाम कर दिया। उसके बाद 15 हजार के ईनाम के लिए आईजी को संस्तुति भेज दी गई। इसी दौरान शमशाद की पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
गैंगस्टर के मामले में 2015 में हुआ था गिरफ्तार
शमशाद जनकपुरी थाने में गैंगस्टर के मामले में वांछित चल रहा था। बाद में 2015 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और जिला कारागार भेज दिया गया। बाद में उसे देवबंद उप कारागार में भेज दिया गया था।
अंबाला में सराफ के यहां डकैती डाली थी
शमशाद ने अपने साथियों के साथ अंबाला के एक सराफ के यहां डकैती डाली थी और उसे गोली मार दी थी। इस मामले में कुछ आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। लेकिन, शमशाद बच गया था। उसे बाद में आरोपी भी बनाया गया।