फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   सरकारी जमीनों से कब्जा हटाना चुनौती

सरकारी जमीनों से कब्जा हटाना चुनौती

Tue, 26 Dec 2017 12:14 AM IST
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
सरकारी जमीनों से कब्जा हटाना चुनौती
सरकारी जमीनों से कब्जा हटाना प्रशासन के लिए चुनौती
विज्ञापन


सहारनपुर। सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने को लेकर सहारनपुर जिला प्रशासन पशोपेश में है। प्रशासन के पास जिले में खाली पड़ी जमीनों का पूरा रिकार्ड तक नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक अमला अब फाइलों में सरकारी जमीन की तलाश कर मौके मुआयना में जुटा है। ज्यादातर सरकारी जमीनों पर भूमाफिया ने कब्जा जमा रखा है। ऐसे में अधिकारी इस टेंशन में है कि बड़ी संख्या में कब्जा की गई जमीन और तालाब भूमाफिया के चंगुल से कैसे मुक्त कराई जाए।

दरअसल, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर राज्य सरकार का रुख बहुत ही सख्त है। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने सरकारी जमीन और तालाबों सहित अन्य भवनों को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद से ही सहारनपुर में भी सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए कागजी माहौल बनने लगा है। हालांकि अधिकारी भी यह मान रहे हैं कि जिले भर में सरकारी जमीनों की पूरी रिपोर्ट अब तक सूचीबद्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में खाली और भूमाफिया के चंगुल में फंसी जमीन की रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हो पाई है। जमीनों का रिकार्ड तैयार करने के लिए लेखपाल और अमीन की फौज फाइलें खंगालने में जुटी है। एसडीएम स्तर के अधिकारियों के दिशा-निर्देश में यह काम चल रहा है। इसमें यह बात भी सामने आ रही है कि सहारनपुर में ज्यादातर सरकारी जमीन और तालाब पर अवैध कब्जा है। डीएम पीके पांडेय का कहना है कि एंटी भूमाफिया स्क्वायड के तहत जमीनों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed