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फैजान भी है बांग्लादेशी आतंकी
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:24 AM IST
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फैजान भी है बांग्लादेशी आतंकी
सहारनपुर। चरथावल के ग्राम कुटेसरा से गिरफ्तार किया गया आतंकी अब्दुल्लाह ने देवबंद में रह रहे बांग्लादेश के फैजान के यहां ही आकर शरण ली थी। फैजान को भी बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। फैजान ने ही अब्दुल्लाह और अन्य लोगों को फर्जी आईडी तैयार करके दी थीं।
एटीएस द्वारा देवबंद स्थित फैजान के आवास पर मारे गए छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेजों के मिलने से एटीएस ने यह मान लिया है कि फैजान भी बांग्लादेशी अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़ा हुआ है। एटीएस और एसटीफ की पूछताछ में अब्दुल्लाह अल मॉमून ने बताया कि वह नकली आईडी फैजान की मदद से ही बनाता था। अब्दुल्लाह के बताए जाने पर फैजान के किराए के कमरे पर एटीएस ने दबिश दी। लेकिन फैजान वहां से निकल गया। एटीएस और एसटीएफ की टीम को उसके कमरे से बांग्लादेशी भाषा के जेहादी साहित्य बरामद हुए। इसके अलावा बम बनाने की विधि की किताब, कलर प्रिंटर एवं कई नकली आईडी भी बरामद हुई।
सूत्रों के अनुसार फैजान न सिर्फ बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े लोगों को शरण देता था, बल्कि यहां के भी कई युवाओं का ब्रेन वाश कर उन्हें अपने संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था। यही नहीं उन्हें अच्छे पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर उनका फर्जी पासपोर्ट भी बनवाता था। जिससे स्थानीय युवा भी उससे जुड़ चुके थे। एटीएस और एसटीएफ अब ऐसे लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्हे फैजान ने आसपास के इलाकों में शरण दे रखी है। जिन युवाओं को लालच देकर अपने संगठन से जोड़ दिया है।
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सहारनपुर। चरथावल के ग्राम कुटेसरा से गिरफ्तार किया गया आतंकी अब्दुल्लाह ने देवबंद में रह रहे बांग्लादेश के फैजान के यहां ही आकर शरण ली थी। फैजान को भी बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। फैजान ने ही अब्दुल्लाह और अन्य लोगों को फर्जी आईडी तैयार करके दी थीं।
एटीएस द्वारा देवबंद स्थित फैजान के आवास पर मारे गए छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेजों के मिलने से एटीएस ने यह मान लिया है कि फैजान भी बांग्लादेशी अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़ा हुआ है। एटीएस और एसटीफ की पूछताछ में अब्दुल्लाह अल मॉमून ने बताया कि वह नकली आईडी फैजान की मदद से ही बनाता था। अब्दुल्लाह के बताए जाने पर फैजान के किराए के कमरे पर एटीएस ने दबिश दी। लेकिन फैजान वहां से निकल गया। एटीएस और एसटीएफ की टीम को उसके कमरे से बांग्लादेशी भाषा के जेहादी साहित्य बरामद हुए। इसके अलावा बम बनाने की विधि की किताब, कलर प्रिंटर एवं कई नकली आईडी भी बरामद हुई।
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सूत्रों के अनुसार फैजान न सिर्फ बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े लोगों को शरण देता था, बल्कि यहां के भी कई युवाओं का ब्रेन वाश कर उन्हें अपने संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था। यही नहीं उन्हें अच्छे पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर उनका फर्जी पासपोर्ट भी बनवाता था। जिससे स्थानीय युवा भी उससे जुड़ चुके थे। एटीएस और एसटीएफ अब ऐसे लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्हे फैजान ने आसपास के इलाकों में शरण दे रखी है। जिन युवाओं को लालच देकर अपने संगठन से जोड़ दिया है।
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