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सहकारी बैंक के 7 करोड़ रुपये के गबन में डायरेक्टर एवं चेयरमैन संदेह के घेरे में
Updated Sun, 05 Nov 2017 01:06 AM IST
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गबन के मामले में डायरेक्टर एवं चेयरमैन संदेह के घेरे में
सहारनपुर। लिंक रोड स्थित सहकारी बैंक में हुए 7 करोड़ रुपये के गबन के मामले में दो डायरेक्टर और चेयरमैन भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
नगर कोतवाली के लिंक रोड स्थित सहकारी बैंक के करोड़ रुपये के गबन के मामले में अब तक 6 लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। जिसमें पूर्व शाखा प्रबंधक आदित्य वर्मा शामिल हैं, जबकि मुख्य आरोपी गोपाल कपिल को कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेजा गया था। कुतुबशेर कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड पर लेकर गोपाल कपिल से पूछताछ की तो कई प्रमुख स्टाकिस्टों एवं तीन बड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड पर लिए गए गोपाल कपिल ने शहर के कुतुबशेर एवं सदर कोतवाली क्षेत्र के दो एमसीएक्स स्टॉकिस्ट एवं एक शामली के स्टॉकिस्ट का नाम बताया जिन्होंने बैंक के गबन का लगभग एक करोड़ रुपये स्टॉक मार्केट में लगवा दिए। पुलिस जांच कर रही है कि स्टॉक मार्केट में गबन का पैसा किस प्रकार लगाया गया। इस मामले में स्टॉकिस्टों से भी पूछताछ की जा रही है। शहर के ही तीन नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। जिनमें से दो सहकारी बैग के डायरेक्टर और एक चेयरमैन हैं। पुलिस उनकी भूमिका को भी संदेह के घेरे में मान रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोपाल कपिल ने संदेह के घेरे में आए तीनों लोगों के माध्यम से गबन के लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये देहरादून में प्रापर्टी कारोबार में लगा दिए। पुलिस तीनों से ही गहनता से पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक तीनों में से किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में गोपाल कपिल ने पुलिस को बताया कि गबन को मैनेज करने में भी गोपाल कपिल ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। अलग-अलग समय पर ऑडिट के लिए आए दो ऑडिटर्स को बड़ी धनराशि दी गई। एक सीए द्वारा भी जांच की गई, उसे भी मैनेज किया गया और बड़ी धनराशि का भुगतान किया गया। उसके बाद जिस शाखा प्रबंधक ने भी आकर मामला पकड़ा उसे भी मैनेज करने के लिए काफी रकम खर्च की गई। पुलिस इन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है।
महत्वपूर्ण जानकारी मिली है: एसएसपी
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा रिमांड पर लेकर गोपाल कपिल से की गई पूछताछ में काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। कई अन्य लोगों के नाम संदेह के घेरे में हैं। जिनसे पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
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शारदा नगर सहकारी बैंक में भी हुआ एक करोड़ का गबन
शारदा नगर स्थित सहकारी बैंक में भी लगभग एक करोड़ का गबन हुआ। जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम सागर यादव के खिलाफ कुतुबशेर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
सात करोड़ रुपये के गबन के मुख्य आरोपी गोपाल कपिल को अब नगर कोतवाली पुलिस भी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। सोमवार को पुलिस की ओर से रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी। उसके बाद कई अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
अन्य लोगों खातों से भी लोन की आशंका
सहकारी बैंक के खातों के आधार पर लोन के फर्जी खाते खोलकर उनके नाम से ही लोन दिखा दिया गया और करोड़ों का गबन हो गया। पुलिस आशंका जता रही है कि अभी कुछ और खाते सामने आ सकते हैं जिनके खातों के आधार पर लोन का खाता खोलकर ग्राहकों के नाम से लोन ले लिया गया हो। इसकी जानकारी कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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सहारनपुर। लिंक रोड स्थित सहकारी बैंक में हुए 7 करोड़ रुपये के गबन के मामले में दो डायरेक्टर और चेयरमैन भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
नगर कोतवाली के लिंक रोड स्थित सहकारी बैंक के करोड़ रुपये के गबन के मामले में अब तक 6 लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। जिसमें पूर्व शाखा प्रबंधक आदित्य वर्मा शामिल हैं, जबकि मुख्य आरोपी गोपाल कपिल को कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेजा गया था। कुतुबशेर कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड पर लेकर गोपाल कपिल से पूछताछ की तो कई प्रमुख स्टाकिस्टों एवं तीन बड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड पर लिए गए गोपाल कपिल ने शहर के कुतुबशेर एवं सदर कोतवाली क्षेत्र के दो एमसीएक्स स्टॉकिस्ट एवं एक शामली के स्टॉकिस्ट का नाम बताया जिन्होंने बैंक के गबन का लगभग एक करोड़ रुपये स्टॉक मार्केट में लगवा दिए। पुलिस जांच कर रही है कि स्टॉक मार्केट में गबन का पैसा किस प्रकार लगाया गया। इस मामले में स्टॉकिस्टों से भी पूछताछ की जा रही है। शहर के ही तीन नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। जिनमें से दो सहकारी बैग के डायरेक्टर और एक चेयरमैन हैं। पुलिस उनकी भूमिका को भी संदेह के घेरे में मान रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोपाल कपिल ने संदेह के घेरे में आए तीनों लोगों के माध्यम से गबन के लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये देहरादून में प्रापर्टी कारोबार में लगा दिए। पुलिस तीनों से ही गहनता से पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक तीनों में से किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में गोपाल कपिल ने पुलिस को बताया कि गबन को मैनेज करने में भी गोपाल कपिल ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। अलग-अलग समय पर ऑडिट के लिए आए दो ऑडिटर्स को बड़ी धनराशि दी गई। एक सीए द्वारा भी जांच की गई, उसे भी मैनेज किया गया और बड़ी धनराशि का भुगतान किया गया। उसके बाद जिस शाखा प्रबंधक ने भी आकर मामला पकड़ा उसे भी मैनेज करने के लिए काफी रकम खर्च की गई। पुलिस इन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है।
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महत्वपूर्ण जानकारी मिली है: एसएसपी
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा रिमांड पर लेकर गोपाल कपिल से की गई पूछताछ में काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। कई अन्य लोगों के नाम संदेह के घेरे में हैं। जिनसे पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
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शारदा नगर सहकारी बैंक में भी हुआ एक करोड़ का गबन
शारदा नगर स्थित सहकारी बैंक में भी लगभग एक करोड़ का गबन हुआ। जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम सागर यादव के खिलाफ कुतुबशेर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
सात करोड़ रुपये के गबन के मुख्य आरोपी गोपाल कपिल को अब नगर कोतवाली पुलिस भी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। सोमवार को पुलिस की ओर से रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी। उसके बाद कई अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
अन्य लोगों खातों से भी लोन की आशंका
सहकारी बैंक के खातों के आधार पर लोन के फर्जी खाते खोलकर उनके नाम से ही लोन दिखा दिया गया और करोड़ों का गबन हो गया। पुलिस आशंका जता रही है कि अभी कुछ और खाते सामने आ सकते हैं जिनके खातों के आधार पर लोन का खाता खोलकर ग्राहकों के नाम से लोन ले लिया गया हो। इसकी जानकारी कराने का प्रयास किया जा रहा है।