{"_id":"5cdb0194bdec22074857e7ef","slug":"181557856660-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बशीर ने बुना था डकैती का ताना बाना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
बशीर ने बुना था डकैती का ताना बाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों के यहां डकैती डालने का ताना बाना आगरा के बशीर ने बुना था। जीआरपी के इंस्पेक्टर और उसकी टीम के साथ मिलकर गेहूं व्यापारी को उठाकर दबाव बनाने और फिर अवैध वसूली करना इनका मकसद था, लेकिन वारदात के समय हल्ला मचने पर इनकी प्लानिंग फेल हो गई और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
दरअसल, आगरा के शहीदनगर निवासी बशीर खान काफी समय से गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों के संपर्क में रहता है। यह बात उमाही गांव में डकैती के शिकार हुए मोहम्मद अख्तर निवासी मंडावली सैदू बिजनौर ने पुलिस को वारदात के बाद बताई। अख्तर ने पुलिस को बताया कि आगरा निवासी बशीर खान को वह पहले से जानता है, क्योंकि बशीर खान गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों से अवैध वसूली करता है। अवैध वसूली क्यों करता है, इस बारे में अख्तर ने बताया था कि कुछ लोग गेहूं खरीदने बेचने में पलटेबाजी (धोखाधड़ी) करते हैं, जिसमें किसान से खरीदने और व्यापारी को गेहूं बेचने में गड़बड़ी कर दी जाती है। यह बात बशीर को पता थी कि गेहूं खरीदने-बेचने वालों के पास मोटी धनराशि होती है।
मोहम्मद अख्तर ने पुलिस को बताया कि सोमवार तड़के जब आरोपियों ने उसके यहां डकैती डाली और रुपये लेने के बाद उसको भी कार में डालकर जबरन ले जाने लगे, तो उसने शोर मचा दिया था। इस पर उमाही गांव के निकट मुल्लाजी का ढाबे पर बैठे लोग इकट्ठा हो गए थे। इस कारण आरोपी उसको कार में डालकर नहीं ले जा पाए थे। मोहम्मद अख्तर ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों में आगरा निवासी बशीर था और कुछ लोग पुलिस की वर्दी में थे। उधर, गिरफ्तारी होने पर आरोपी बशीर खान ने भी पुलिस को यही कहानी बताई कि गेहूं खरीदने बेचने वाले अख्तर को उठाकर दबाव बनाकर अवैध वसूली करनी थी। आगरा से वह छह लोग कार में सवार होकर सहारनपुर के लिए निकले थे और वारदात को अंजाम देकर लौट गए थे।
विज्ञापन
इस तरह पकड़ में आए
गेहूं व्यापारी अख्तर को जबरन कार में बैठाने की कोशिश के दौरान बशीर को पहचान लिया गया था। ढाबे पर मौजूद लोगों ने विरोध किया, तो अख्तर को छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने पर पुलिस की टीम आरोपियों की कार को तलाशने में लग गई थी। पुलिस ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जांच की और रोहाना टोल प्लाजा पर सीसीटीवी फुटेज देखी, तो उसमें बगैर नंबर प्लेट की कार दिखाई दी, जिसमें आगे पुलिस की वर्दी पहनने वाला बैठा था। इसके बाद कार का पीछा करते हुए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम आगरा तक पहुंच गई थी। इसके बाद आगरा में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से इंस्पेक्टर ललित कुमार त्यागी के अलावा आरोपी बशीर खान और सुभाष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
दरअसल, आगरा के शहीदनगर निवासी बशीर खान काफी समय से गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों के संपर्क में रहता है। यह बात उमाही गांव में डकैती के शिकार हुए मोहम्मद अख्तर निवासी मंडावली सैदू बिजनौर ने पुलिस को वारदात के बाद बताई। अख्तर ने पुलिस को बताया कि आगरा निवासी बशीर खान को वह पहले से जानता है, क्योंकि बशीर खान गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों से अवैध वसूली करता है। अवैध वसूली क्यों करता है, इस बारे में अख्तर ने बताया था कि कुछ लोग गेहूं खरीदने बेचने में पलटेबाजी (धोखाधड़ी) करते हैं, जिसमें किसान से खरीदने और व्यापारी को गेहूं बेचने में गड़बड़ी कर दी जाती है। यह बात बशीर को पता थी कि गेहूं खरीदने-बेचने वालों के पास मोटी धनराशि होती है।
विज्ञापन
मोहम्मद अख्तर ने पुलिस को बताया कि सोमवार तड़के जब आरोपियों ने उसके यहां डकैती डाली और रुपये लेने के बाद उसको भी कार में डालकर जबरन ले जाने लगे, तो उसने शोर मचा दिया था। इस पर उमाही गांव के निकट मुल्लाजी का ढाबे पर बैठे लोग इकट्ठा हो गए थे। इस कारण आरोपी उसको कार में डालकर नहीं ले जा पाए थे। मोहम्मद अख्तर ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों में आगरा निवासी बशीर था और कुछ लोग पुलिस की वर्दी में थे। उधर, गिरफ्तारी होने पर आरोपी बशीर खान ने भी पुलिस को यही कहानी बताई कि गेहूं खरीदने बेचने वाले अख्तर को उठाकर दबाव बनाकर अवैध वसूली करनी थी। आगरा से वह छह लोग कार में सवार होकर सहारनपुर के लिए निकले थे और वारदात को अंजाम देकर लौट गए थे।
विज्ञापन
इस तरह पकड़ में आए
गेहूं व्यापारी अख्तर को जबरन कार में बैठाने की कोशिश के दौरान बशीर को पहचान लिया गया था। ढाबे पर मौजूद लोगों ने विरोध किया, तो अख्तर को छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने पर पुलिस की टीम आरोपियों की कार को तलाशने में लग गई थी। पुलिस ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जांच की और रोहाना टोल प्लाजा पर सीसीटीवी फुटेज देखी, तो उसमें बगैर नंबर प्लेट की कार दिखाई दी, जिसमें आगे पुलिस की वर्दी पहनने वाला बैठा था। इसके बाद कार का पीछा करते हुए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम आगरा तक पहुंच गई थी। इसके बाद आगरा में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से इंस्पेक्टर ललित कुमार त्यागी के अलावा आरोपी बशीर खान और सुभाष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।