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फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में रहते रहे हैं बांग्लादेशी आतंकी
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:37 AM IST
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सहारनपुर। देवबंद में फर्जी पासपोर्ट के जरिए बांग्लादेशी आतंकी रहते रहे हैं। अगस्त और सितंबर 2017 में एटीएस द्वारा मुजफ्फरनगर, लखनऊ और दिल्ली से पांच बांग्लादेशी आतंकी पकड़े गए थे, जो फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में ही रह रहे थे। एक बांग्लादेशी आतंकी फैजान अभी तक फरार चल रहा है। एटीएस और एसटीएफ को संदेह है कि बांग्लादेशी आतंकियों को फर्जी पासपोर्ट एवं अन्य फर्जी कागजात मंगलवार को देवबंद से पकड़े गए लोगों द्वारा ही उपलब्ध कराए गए थे।
एटीएस ने मंगलवार को मुरादनगर एवं देवबंद से फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक मुरादनगर में रह रहा यूसुफ नाम के बांग्लादेशी व्यक्ति ने भी देवबंद से फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था। फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में एटीएस ने देवबंद निवासी अहसान अहमद और वसीम अहमद को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों लोग आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मूल निवास प्रमाण-पत्र सब कुछ फर्जी बना रहे थे। एटीएस को इसका बांग्लादेशी आतंकी कनेक्शन भी नजर आ रहा है। बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़े आतंकी भी फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में रह रहे थे। एटीएस को संदेह है कि बांग्लादेशियों को फर्जी पासपोर्ट फरार फैजान एवं अहसान अहमद तथा वसीम अहमद द्वारा ही बनाकर दिए गए थे। एटीएस और एसटीएफ ने अगस्त और सितंबर में पकड़े पांच आतंकियों के पास से फर्जी पासपोर्ट बरामद किए थे जो देवबंद से ही बनाए गए थे। जिनमें एटीएस ने 6 अगस्त को मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के ग्राम कुटेसरा से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला उल मामून को गिरफ्तार किया था। जो लंबे समय तक देवबंद के अंबेहटा शेख में रहता रहा। अक्तूबर में ही दिल्ली से कोलकाता पुलिस ने भी बांग्लादेशी आतंकी रजाउल रहमान को गिरफ्तार किया था, जो देवबंद में काफी समय से रह रहा था। उसके बाद सितंबर में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से तीन बांग्लादेशी आतंकियों को एटीएस ने गिरफ्तार किया। जिनमें इमरान, रजीजुद्दीन तथा मोहम्मद फिरदौस शामिल थे। तीनों ही देवबंद के ग्राम भनेड़ा में रह रहे थे। एटीएस के दबाव के बाद तीनों गांव छोड़कर फरार हो गए, जिन्हें लखनऊ रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया। एटीएस का मानना है कि फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वाले गिरोह में अभी और भी लोग शामिल हैं। जिनमें फैजान नाम का बांग्लादेशी आतंकी भी है जो 6 अगस्त की कार्रवाई के बाद से ही फरार चल रहा है।
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एटीएस ने मंगलवार को मुरादनगर एवं देवबंद से फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक मुरादनगर में रह रहा यूसुफ नाम के बांग्लादेशी व्यक्ति ने भी देवबंद से फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था। फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में एटीएस ने देवबंद निवासी अहसान अहमद और वसीम अहमद को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों लोग आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मूल निवास प्रमाण-पत्र सब कुछ फर्जी बना रहे थे। एटीएस को इसका बांग्लादेशी आतंकी कनेक्शन भी नजर आ रहा है। बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़े आतंकी भी फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में रह रहे थे। एटीएस को संदेह है कि बांग्लादेशियों को फर्जी पासपोर्ट फरार फैजान एवं अहसान अहमद तथा वसीम अहमद द्वारा ही बनाकर दिए गए थे। एटीएस और एसटीएफ ने अगस्त और सितंबर में पकड़े पांच आतंकियों के पास से फर्जी पासपोर्ट बरामद किए थे जो देवबंद से ही बनाए गए थे। जिनमें एटीएस ने 6 अगस्त को मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के ग्राम कुटेसरा से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला उल मामून को गिरफ्तार किया था। जो लंबे समय तक देवबंद के अंबेहटा शेख में रहता रहा। अक्तूबर में ही दिल्ली से कोलकाता पुलिस ने भी बांग्लादेशी आतंकी रजाउल रहमान को गिरफ्तार किया था, जो देवबंद में काफी समय से रह रहा था। उसके बाद सितंबर में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से तीन बांग्लादेशी आतंकियों को एटीएस ने गिरफ्तार किया। जिनमें इमरान, रजीजुद्दीन तथा मोहम्मद फिरदौस शामिल थे। तीनों ही देवबंद के ग्राम भनेड़ा में रह रहे थे। एटीएस के दबाव के बाद तीनों गांव छोड़कर फरार हो गए, जिन्हें लखनऊ रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया। एटीएस का मानना है कि फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वाले गिरोह में अभी और भी लोग शामिल हैं। जिनमें फैजान नाम का बांग्लादेशी आतंकी भी है जो 6 अगस्त की कार्रवाई के बाद से ही फरार चल रहा है।
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