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छापामारी के बाद भी बिक रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:01 AM IST
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सहारनपुर। महानगर में पुलिस की छापेेमारी के बावजूद चाइनीज मांझा बिक रहा है। अब मुख्य बाजारों को छोड़कर गली-मोहल्लों में चाइनीज मांझा खुलेआम बेचा जा रहा है।
चाइनीज मांझा पिछले पांच वर्षों में लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। तीन दिन पूर्व तोता चौक निवासी छात्र बोबी सैनी की चाइनीज मांझे की चपेट में आकर मौत हुई थी। इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई घायल हुए हैं। छात्र की मौत के बाद कोतवाली मंडी पुलिस ने लक्खी गेट में छापामारी कर तीन पतंग कारोबारियों को गिरफ्तार शांतिभंग की धाराओं में चालान किया। इस मुख्य बाजार को छोड़कर अब महानगर के हकीकतनगर, शारदानगर, किशनपुरा, खलासी लाइन, चिलकाना रोड, लोहानी सराय, नुमाइशकैंप, बेरीबाग, पुरानी मंडी आदि इलाकों में चाइनीज मांझा दुकानों पर बिक रहा है। उधर, कई संगठनों द्वारा भी प्रशासन से चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
रोक के बावजूद कहां से आ रहा मांझा?
प्रशासन ने चाइनीज मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। मगर, इसके बावजूद गली-मोहल्लों में पतंग की दुकानों पर चाइनीज मांझा बिक रहा है। उधर, पतंग के थोक कारोबारी मांझा ना बेचने का दावा करते हैं। लेकिन छोटी दुकानों पर मांझा सप्लाई किया जा रहा है।
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प्रतिबंधित मांझे से हुई प्रमुख घटनाएं
- 2014 में शारदानगर पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट आकर युवक की मौत हुई।
- 2015 में जिला कारागार के सामने एक व्यक्ति चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हुआ था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हुई।
- 2016 में जिला अस्पताल पुल पर बाइक पर जाता युवक चाइनीज मांझे से बुरी तरह घायल हुआ। गर्दन कटने से उसकी मौत हुई।
- 2017 में एक बच्चे की चाइनीज मांझे से घायल होकर मौत हुई।
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चाइनीज मांझा पिछले पांच वर्षों में लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। तीन दिन पूर्व तोता चौक निवासी छात्र बोबी सैनी की चाइनीज मांझे की चपेट में आकर मौत हुई थी। इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई घायल हुए हैं। छात्र की मौत के बाद कोतवाली मंडी पुलिस ने लक्खी गेट में छापामारी कर तीन पतंग कारोबारियों को गिरफ्तार शांतिभंग की धाराओं में चालान किया। इस मुख्य बाजार को छोड़कर अब महानगर के हकीकतनगर, शारदानगर, किशनपुरा, खलासी लाइन, चिलकाना रोड, लोहानी सराय, नुमाइशकैंप, बेरीबाग, पुरानी मंडी आदि इलाकों में चाइनीज मांझा दुकानों पर बिक रहा है। उधर, कई संगठनों द्वारा भी प्रशासन से चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
रोक के बावजूद कहां से आ रहा मांझा?
प्रशासन ने चाइनीज मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। मगर, इसके बावजूद गली-मोहल्लों में पतंग की दुकानों पर चाइनीज मांझा बिक रहा है। उधर, पतंग के थोक कारोबारी मांझा ना बेचने का दावा करते हैं। लेकिन छोटी दुकानों पर मांझा सप्लाई किया जा रहा है।
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प्रतिबंधित मांझे से हुई प्रमुख घटनाएं
- 2014 में शारदानगर पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट आकर युवक की मौत हुई।
- 2015 में जिला कारागार के सामने एक व्यक्ति चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हुआ था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हुई।
- 2016 में जिला अस्पताल पुल पर बाइक पर जाता युवक चाइनीज मांझे से बुरी तरह घायल हुआ। गर्दन कटने से उसकी मौत हुई।
- 2017 में एक बच्चे की चाइनीज मांझे से घायल होकर मौत हुई।