फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   कमेलों में धड़ल्ले से काटे जा रहे कम उम्र के पशु

कमेलों में धड़ल्ले से काटे जा रहे कम उम्र के पशु

Thu, 24 Aug 2017 01:24 AM IST
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:24 AM IST
विज्ञापन
कमेलों में धड़ल्ले से काटे जा रहे कम उम्र के पशु
गंगोह (सहारनपुर)। मानकों के विपरीत कटान किए जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने पशुवधशालाओं पर छापेमारी की। इस दौरान कम उम्र के पशुओं से ठूस-टूस कर भरे गए दो ट्रक बरामद किए गए। पुलिस ने कुछ लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
विज्ञापन

सीओ ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि मुखबिर ने नगर की पशुवधशालाओं में अवैध रूप से छोटे पशुओं का कटान होने की सूचना दी थी, जिस पर पुलिस ने छापेमारी की तो पशुवधशालाओं के बाहर दो ट्रकों में भरे हुए छोटी उम्र के पशु बरामद हुए हैं। ट्रकों के चालकों एवं परिचालकों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। नानौता से एसओ राजेंद्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन


मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे कमेले
गंगोह। नगरपालिका और जिला पंचायत द्वारा संचालित पशुवधशालाओं में अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों को ताक पर रखकर बड़ी मात्रा में अवैध कटान किया जा रहा है। दो ट्रकों में छोटे पशुओं की बरामदगी से इन आरोपों को बल मिलता है। अनेक बार मामलों को खुलासा होने और सील बंदी के बावजूद संचालक कोई न कोई हथकंडा अपना कर सील खुलवाने में कामयाब हो जाते हैं। पूर्व में भी अनेकों बार उक्त पशुवधशालाओं में अनियमितता उजागर हो चुकी है। उधर अवैध रूप से कटान के बावजूद पशुवधशालाएं चलने से हिंदु संगठनों में भी आक्रोश व्याप्त है। इसके साथ ही क्षेत्र की जल एवं वायु भी लगातार दूषित होती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानक पूरा न करने के बावजूद एनजीटी से बार-बार मिल जाती है राहत
गंगोह। एनजीटी द्वारा तय समय सीमा में मानकों को पूरा न कर पाने के चलते उक्त कमेलों पर अनेक बार कार्रवाई की गई। अनेक बार कमेलों को बंद कराकर सील तक लगाई गई। परंतु कुछ ही दिनों बाद संचालक समयसीमा बढ़वाकर सील खुलवा लेते हैं। ऐसे में अधिकारियों की मंशा पर सवाल खडे़ होते हैं। जल और वायु प्रदूषण की मार झेल रहे क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यदि एनजीटी को भी नियम विरूद्ध ही कमेलों को संचालन कराना है, तो दिखावे के लिए सीलबंदी की कार्रवाई ही क्यों की जाती है। नागरिकों ने मानकों के पूरा होने तक कमेलों को पूर्णतया बंद कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed