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Saharanpur News: लगातार मिल रही थी धमकी, जिंदा रहना है तो रिश्ता खत्म कर दो
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जिला अस्पताल में पति शिवकुमार की हत्या की जानकारी देती पत्नी आकांक्षा।
सहारनपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा देने आई आकांक्षा के पति शिवकुमार की हत्या कर दी गई, जिस समय घायल शिवकुमार को जिला अस्पताल लाया गया, तब उसकी पत्नी बिलख-बिलखकर कह रही थी कि उसका घर उजाड़ दिया। आकांक्षा ने आरोप लगाया कि उसका भाई और परिवार के अन्य लोग लगातार धमकी दे रहे थे कि जिंदा रहना है तो शिवकुमार के साथ रिश्ता खत्म कर दो। आकांक्षा ने दावा किया कि हमलावर उसे भी मारना चाहते थे। उनकी कार चारों तरफ से घेर ली थी, लेकिन किसी तरह वह बच गई।
शिवकुमार और उसकी पत्नी आकांक्षा एक गांव के रहने वाले हैं। आकांक्षा ने बताया कि 2020 प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ चार महीने पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद से ही आकांक्षा के मायके के लोग इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे और कई बार धमकियां भी दी गई थीं। आकांक्षा का आरोप है कि उसके परिजन पहले भी दोनों पर हमला कर चुके हैं और लगातार रिश्ते को खत्म करने का दबाव बना रहे थे। घटना वाले दिन भी हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे। आकांक्षा का कहना था कि परिवार के लोग ही उसका घर उजाड़ देंगे, यह उसने कभी सोचा भी नहीं था। बस उम्मीद थी कि मायके पक्ष के लोग इस रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे, लेकिन वह अंदर ही अंदर किस कदर दुश्मनी रख रहे थे, यह पता नहीं था।
जिला अस्पताल में पति की हत्या के बाद रोते हुए आकांक्षा ने हमलावरों को गोली मारने की मांग की है। आकांक्षा का कहना है कि हमलावरों ने जैसे पति को गोली मारी है, उन्हें भी ऐसे ही गोली मारी जाए।
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छह-सात थे हमलावर
आकांक्षा ने बताया कि हमलावर अलग-अलग बाइकों पर थे, जिनकी संख्या करीब छह से सात थी। आरोप है कि इनमें भाई मंजीत के अलावा पिता, मां, मामा, बहन, जीजा और भाई के दोस्त शामिल थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भाग गए।
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-- तीन मार्च को एसएसएफ में नौकरी का मिला था नियुक्ति पत्र
आकांक्षा ने बताया कि पति शिवकुमार का तीन मार्च को एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) में नौकरी का नियुक्ति पत्र आया था। हालांकि उन्होंने अब तक तैनाती नहीं ली थी। उसने एमएससी-एलएलबी की पढ़ाई की थी। वह दो भाई हैं। उनमें शिवकुमार बड़ा है, जबकि छोटा भाई अक्षय है।
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शिवकुमार और उसकी पत्नी आकांक्षा एक गांव के रहने वाले हैं। आकांक्षा ने बताया कि 2020 प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ चार महीने पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद से ही आकांक्षा के मायके के लोग इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे और कई बार धमकियां भी दी गई थीं। आकांक्षा का आरोप है कि उसके परिजन पहले भी दोनों पर हमला कर चुके हैं और लगातार रिश्ते को खत्म करने का दबाव बना रहे थे। घटना वाले दिन भी हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे। आकांक्षा का कहना था कि परिवार के लोग ही उसका घर उजाड़ देंगे, यह उसने कभी सोचा भी नहीं था। बस उम्मीद थी कि मायके पक्ष के लोग इस रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे, लेकिन वह अंदर ही अंदर किस कदर दुश्मनी रख रहे थे, यह पता नहीं था।
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जिला अस्पताल में पति की हत्या के बाद रोते हुए आकांक्षा ने हमलावरों को गोली मारने की मांग की है। आकांक्षा का कहना है कि हमलावरों ने जैसे पति को गोली मारी है, उन्हें भी ऐसे ही गोली मारी जाए।
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छह-सात थे हमलावर
आकांक्षा ने बताया कि हमलावर अलग-अलग बाइकों पर थे, जिनकी संख्या करीब छह से सात थी। आरोप है कि इनमें भाई मंजीत के अलावा पिता, मां, मामा, बहन, जीजा और भाई के दोस्त शामिल थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भाग गए।
आकांक्षा ने बताया कि पति शिवकुमार का तीन मार्च को एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) में नौकरी का नियुक्ति पत्र आया था। हालांकि उन्होंने अब तक तैनाती नहीं ली थी। उसने एमएससी-एलएलबी की पढ़ाई की थी। वह दो भाई हैं। उनमें शिवकुमार बड़ा है, जबकि छोटा भाई अक्षय है।