फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Counseling will be held again today to fill seats in M.Ed.

Saharanpur News: एएड में सीटें भरने को बार बार करानी पड़ रही काउंसिलिंग

Fri, 16 Dec 2022 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Dec 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
Counseling will be held again today to fill seats in M.Ed.
सहारनपुर। महाविद्यालयों में संचालित एमएड पाठ्यक्रम में सत्र 2022-24 में दाखिले के लिए अभ्यर्थी नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय को बार बार काउंसलिंग करानी पड़ रही है। पहली दो दिन की काउंसलिंग में नहीं पहुंचे अभ्यर्थियों को मौका देने के लिए 17 दिसंबर को दूसरी बार काउंसलिंग करानी पड़ रही है।
विज्ञापन

मां शाकंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध कुल छह महाविद्यालयों में एमएड पाठ्यक्रम संचालित हैं। इनमें एक जेवी जैन कॉलेज और शेष पांच स्व वित्तपोषित महाविद्यालय शामिल हैं। सभी छह महाविद्यालयों में एमएड की कुल 320 सीटें निर्धारित हैं। एमएड में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में 320 सीटों की तुलना में मात्र 293 ही अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश देने के लिए सात और आठ दिसंबर को जेवी जैन कॉलेज में काउंसलिंग कराई गई। लेकिन बुलाए गए अभ्यर्थियों में से अनेक अभ्यर्थी नहीं पहुंचे। इसके बाद काउंसलिंग से छूटे अभ्यर्थियों को पुन: मौका देने और रिक्त सीटों को भरने के लिए 13 दिसंबर को काउंसलिंग कराई गई, लेकिन उसमें भी गिने चुने ही अभ्यर्थी पहुंचे। अब भी करीब 140 से अधिक सीटें खाली हैं। उनको भरने के लिए 17 दिसंबर फिर से काउंसलिंग बुलाई गई है। इच्छुक अभ्यर्थी जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर के कक्ष संख्या दो में सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचकर काउंसलिंग में प्रतिभाग कर सकते हैं। काउंसलिंग की संयोजक डॉ. पूनम शर्मा ने बताया कि कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लिया है, जबकि अनेक ऐसे भी हैं, जो काउंसलिंग में आने के बाद भी प्रवेश नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर की काउंसलिंग अंतिम मौका है।
विज्ञापन

यह है सीटें खाली होने की वजह
जिन छह महाविद्यालयों में एमएड पाठ्यक्रम संचालित है। उनमें केवल जेवी जैन कॉलेज एडेड महाविद्यालय है, जबकि शेष स्व वित्तपोषित यानी सेल्फ फाइनेंस महाविद्यालय हैं। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग में यह सोचकर प्रतिभाग किया कि उनको जेेवी जैन कॉलेज मिल जाएगा, क्योंकि वहां फीस बेहद कम है, जबकि स्व वित्तपोषित महाविद्यालयों की फीस करीब आठ गुना अधिक बताई जा रही है। यही वजह है कि अनेक अभ्यर्थियों ने जैन कॉलेज में मौका नहीं मिलने के बाद प्रवेश नहीं लेने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed