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निगम कर्मचारी सहारनपुर को बनाएंगे स्मार्ट सिटी
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सहारनपुर। नगर निगम के कई अधिकारियों और अभियंताओं को स्मार्ट सिटी की भी जिम्मेदारी दी गई है। यानी वह नगर निगम के कार्यों के साथ-साथ अब शहर को स्मार्ट बनाने के लिए भी काम करेंगे। वह स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों को भी देखेंगे।
स्मार्ट सिटी के तहत इन दिनों आईसीसी यानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट कंपोनेंट्स, स्मार्ट रोड, पानी की सप्लाई, सीवरेज, स्मार्ट लाइब्रेरी और कॅरियर काउंसिलिंग सेंटर, स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट स्क्रीन एवं डिजिटल विज्ञापन, एबीडी एरिया में सीवर लाइन डालने, पांवधोई नदी पर पुल का निर्माण तथा नौ पार्कों का सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। नगर निगम की ओर से 25 मार्च 2021 को अधिकारियों और अभियंताओं को पत्र जारी किया गया। उन्हें नगर निगम के साथ-साथ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में तैनात करने की बात कही गई है। यह भी लिखा गया है कि स्मार्ट सिटी में काम के लिए उन्हें अलग से कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। निगम के कार्यों के साथ ही स्मार्ट सिटी में तैनात किए जाने से अधिकारियों और अभियंताओं पर दोहरी जिम्मेदारी है। कई अभियंताओं का कहना है कि इससे नगर निगम के कार्य प्रभावित होंगे।
इनको किया है तैनात
आलोक श्रीवास्तव और सुशील सिंघल को अधिशासी अभियंता के तौर पर लगाया गया है। दानिश हैदर नकवी, एसबी अग्रहरी, आरके कौशिक, रमन कुमार, ईश्वर सिंह को अभियंता प्रभारी के रूप में लगाया गया है। इनके अलावा रजनीश मित्तल, हरिओम, रामप्रसाद यादव, देशांत प्रताप, विनीत राणा, ललितराय शर्मा, मोहित तलवार को अवर अभियंता के रूप में लगाया गया है।
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तीन साल से लटकी है योजना
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। यानी योजना में शामिल हुए तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है। मगर अभी तक योजना पर 30 फीसदी भी कार्य नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि योजना के लिए अलग से अधिकारी नहीं होने की वजह से योजना लटकी है।
स्मार्ट सिटी योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है। कार्यों में तेजी लाने के लिए निगम के कुछ अभियंताओं को स्मार्ट सिटी योजना से अटैच किया गया है। अगले छह माह में शहर का भौतिक स्वरूप बदला नजर आएगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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स्मार्ट सिटी के तहत इन दिनों आईसीसी यानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट कंपोनेंट्स, स्मार्ट रोड, पानी की सप्लाई, सीवरेज, स्मार्ट लाइब्रेरी और कॅरियर काउंसिलिंग सेंटर, स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट स्क्रीन एवं डिजिटल विज्ञापन, एबीडी एरिया में सीवर लाइन डालने, पांवधोई नदी पर पुल का निर्माण तथा नौ पार्कों का सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। नगर निगम की ओर से 25 मार्च 2021 को अधिकारियों और अभियंताओं को पत्र जारी किया गया। उन्हें नगर निगम के साथ-साथ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में तैनात करने की बात कही गई है। यह भी लिखा गया है कि स्मार्ट सिटी में काम के लिए उन्हें अलग से कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। निगम के कार्यों के साथ ही स्मार्ट सिटी में तैनात किए जाने से अधिकारियों और अभियंताओं पर दोहरी जिम्मेदारी है। कई अभियंताओं का कहना है कि इससे नगर निगम के कार्य प्रभावित होंगे।
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इनको किया है तैनात
आलोक श्रीवास्तव और सुशील सिंघल को अधिशासी अभियंता के तौर पर लगाया गया है। दानिश हैदर नकवी, एसबी अग्रहरी, आरके कौशिक, रमन कुमार, ईश्वर सिंह को अभियंता प्रभारी के रूप में लगाया गया है। इनके अलावा रजनीश मित्तल, हरिओम, रामप्रसाद यादव, देशांत प्रताप, विनीत राणा, ललितराय शर्मा, मोहित तलवार को अवर अभियंता के रूप में लगाया गया है।
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तीन साल से लटकी है योजना
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। यानी योजना में शामिल हुए तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है। मगर अभी तक योजना पर 30 फीसदी भी कार्य नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि योजना के लिए अलग से अधिकारी नहीं होने की वजह से योजना लटकी है।
स्मार्ट सिटी योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है। कार्यों में तेजी लाने के लिए निगम के कुछ अभियंताओं को स्मार्ट सिटी योजना से अटैच किया गया है। अगले छह माह में शहर का भौतिक स्वरूप बदला नजर आएगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी सहारनपुर।