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लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर कोरोन का साया

Wed, 15 Jul 2020 10:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2020 10:49 PM IST
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Corona overshadowed the faith of millions of devotees
म्हाड़ी स्थल पर बरसों से प्रसाद की दुकान लगाने वाला रोशनलाल - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर हर साल आयोजित होने वाले ऐतिहासिक गुघाल मेले के आयोजन को लेकर इस बार यहां के आयोजक और सेवादार तक आशंकित हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण काल और लॉकडाउन के हालात के चलते इस बार लाखों श्रद्धालु यहां म्हाड़ी पर मन्नतें मांगने नहीं पहुंच पाएंगे। इस मेले में हर साल उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से चार लाख से भी अधिक श्रद्धालु गोगा वीर का ध्वज चढ़ाने पहुंचते रहे हैं। मान्यता है कि यहां यह ध्वज और प्रसाद चढ़ाने से हर कामना पूरी होती है। 20 हजार से भी अधिक परिवारों की रोजी-रोटी इस वार्षिक आयोजन पर निर्भर रहती है।
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तीज पर्व के बाद से शुरू होती थीं तैयारियां
- ऐतिहासिक गुघाल मेले के आयोजन से पूर्व गंगोह रोड स्थित गोगा वीर म्हाड़ी स्थल पर साज-सजावट, प्रसाद, भंडारे, छड़ियों के आगमन से लेकर अन्य तमाम तैयारियां तीज पर्व से ही शुरू हो जाती थीं। इस बार 23 जुलाई को तीज है। म्हाड़ी पर मुख्य छड़ी स्थल पर मिले सेवादार अनिल, बृजपाल, सुरेश और सुशीला ने बताया कि बरसों के इतिहास में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा। मेले के दौरान पुरानी मंडी से सरदार छड़ी सहित 26 छड़ियों की परिक्रमा करते हुए यहां तक लाया जाता था। म्हाड़ी से लेकर घर-घर में कढ़ी चावल के भंडारे लगाकर गोगावीर का प्रसाद बांटा जाता था। इस बार हालात बदले हुए हैं। पूरी कोशिश की जा रही है कि कम से कम जिले के श्रद्धालुुुओं को छड़ी पूजन की अनुमति तो जरूर मिल सके।
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30 गांवों से रोजी-रोटी के लिए आते हैं परिवार
- म्हाड़ी स्थल पर प्रसाद वितरण करने वाले रोशन लाल, विजय सहित अन्य लोगों ने बताया कि गोगावीर के निशान, प्रसाद, नीला पट्टा, धूप-अगरबत्ती से लेकर भंडारे तक के लिए मानकमऊ, शुगर मिल, पीर माजरा, उनाली, बांदूखेड़ी, जगहता, सहजवा, सहजवी, लुंढा, लुंढी, कुम्हारहेड़ा, रत्नाखेड़ी, थरौली, रेहड़ी, ककराला सहित करीब 30 गांवों के हजारों लोग यहां रोजी-रोटी के लिए पहुंचते हैं। मगर इस बार उनके परिवार भी संकट में होंगे।
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इस बार राजस्थान नहीं जा पाएगा नेजा
- गोगा म्हाड़ी सुधार समिति के अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने बुधवार को ही राजस्थान के बागड़ में गोरख गद्दी से संपर्क किया। उनसे नेजा (गोगा वीर का असली प्रतीक) को बागड़ ले जाने की अनुमति के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। इसलिए जिले में ही इसका विधिवत पूजन संपन्न कराया जाए।

म्हाड़ी के सेवादार अनिल

म्हाड़ी के सेवादार अनिल- फोटो : SAHARANPUR

गोगा म्हाड़ी पर सेवादार बृजपाल

गोगा म्हाड़ी पर सेवादार बृजपाल- फोटो : SAHARANPUR

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