{"_id":"61f82f085c637d15d625f784","slug":"corona-is-not-as-serious-as-before-saharanpur-news-mrt575350973","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना को लेकर पहले जैसी गंभीरता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना को लेकर पहले जैसी गंभीरता नहीं
विज्ञापन
कोरोना वायरस से बेखबर बाजारो में निकली भीड़
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर में आम नागरिक तो दूर की बात सरकारी विभाग, जिनमें चिकित्सा विभाग भी शामिल है तक में लापरवाही बरती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क के ही ड्यूटी करते देखे जा सकते हैं। कोरोना की जांच तक करने वालों के पास बचाव के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं।
कोरोना की तीसरी लहर बीती दोनों लहर की तुलना में अभी तक कम प्रभावी रही है। यही वजह है कि लोग तीसरी लहर को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तमाम सरकारी कार्यालयों के साथ ही चिकित्सा विभाग भी सावधानी को लेकर लापरवाह हुआ है। शहर में चल रहे कोविड टीकाकरण केंद्रों पर स्टाफ के पास सैनिटाइजर तक नहीं है। मास्क लगाने को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही हैं। कोरोना जांच शिविर में स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क और बिना ग्लब्स के ही नमूने ले रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मियों के मास्क नाक और मुंह से नीचे मिले, जबकि तीमारदारों के मुंह पर मास्क तक नहीं था।
सड़कों और बाजारों में भी उल्लंघन
सड़कों और बाजारों में लोग बिना मास्क लगाए उमड़ रहे हैं। बिना मास्क लगाए वाहन चलाने वालों के केवल एक दिन चालान काटे गए थे, लेकिन उसके बाद फिर से पहले की तरह लापरवाही बरती जा रही है। बाजारों में ग्राहक और दुकानदार दोनों बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी अब नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
कोरोना का वायरस समय-समय पर अपनी प्रकृति बदलता रहा है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। संक्रमण बेशक कम है, लेकिन खतरा पूरी तरह बना हुआ है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह पूरी सावधानी बरतें।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर बीती दोनों लहर की तुलना में अभी तक कम प्रभावी रही है। यही वजह है कि लोग तीसरी लहर को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तमाम सरकारी कार्यालयों के साथ ही चिकित्सा विभाग भी सावधानी को लेकर लापरवाह हुआ है। शहर में चल रहे कोविड टीकाकरण केंद्रों पर स्टाफ के पास सैनिटाइजर तक नहीं है। मास्क लगाने को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही हैं। कोरोना जांच शिविर में स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क और बिना ग्लब्स के ही नमूने ले रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मियों के मास्क नाक और मुंह से नीचे मिले, जबकि तीमारदारों के मुंह पर मास्क तक नहीं था।
विज्ञापन
सड़कों और बाजारों में भी उल्लंघन
सड़कों और बाजारों में लोग बिना मास्क लगाए उमड़ रहे हैं। बिना मास्क लगाए वाहन चलाने वालों के केवल एक दिन चालान काटे गए थे, लेकिन उसके बाद फिर से पहले की तरह लापरवाही बरती जा रही है। बाजारों में ग्राहक और दुकानदार दोनों बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी अब नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
कोरोना का वायरस समय-समय पर अपनी प्रकृति बदलता रहा है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। संक्रमण बेशक कम है, लेकिन खतरा पूरी तरह बना हुआ है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह पूरी सावधानी बरतें।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ