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उपभोक्ता राशन को भटक रहे, डीलर सुधरने को तैयार नहीं
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नकुड़ के जैन चौक पर स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर लगी भीड़।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शासन और प्रशासन के तमाम दावों और निगरानी के बाद भी न तो राशन की कालाबाजारी कम हो पा रही है और न ही राशन वितरण में अनियमितता। सभी पात्रों तक नियमित रूप से खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक कई बार कार्रवाई के बावजूद राशन डीलर सुधरने को तैयार नहीं हैं। इस साल में अब तक किए निरीक्षणों में 30 से अधिक राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, जबकि 19 डीलरों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
जनपद में सरकारी राशन वितरण के लिए 1243 दुकानें संचालित हैं। इनमें पांच लाख 85 हजार कार्ड धारक परिवार पंजीकृत हैं। इनके लिए हर वितरण सत्र में 26637 मीट्रिक टन खाद्यान्न आता है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग का दावा है कि हर माह 95 फीसदी से अधिक कार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरण हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी शहर से देहात तक राशन के लिए भटकने वाले उपभोक्ता तहसीलों और जिला मुख्यालय पर पहुंचते रहते हैं।
कार्ड होने पर भी नहीं मिला राशन
गंगोह। क्षेत्र के गांव कुंडा कलां निवासी पूरन वाल्मीकि का कहना है कि उसका राशन कार्ड डीलर ने लेकर रख लिया है। उसे छह माह से राशन नहीं मिला है। कभी कुछ बताया जाता है तो कभी कुछ। अंबेहटा के मोहल्ला पासरा निवासी 80 वर्षीय महिला त्रिशला देवी ने बताया कि उसे दो साल से राशन नहीं मिला है। उधर, राशन डीलर लक्ष्मी देवी ने कहा त्रिशला का राशन कार्ड में नाम नहीं है। गागलहेडी के कुछ कार्ड धारकों ने कहा मक्का बांस गांव में जोड़ने के कारण उन्हें कई बार डीलर टरका देता है। राशन के लिए ज्यादा चक्कर काटने पड़ते हैं। तीतरों के गांव बाल्लू निवासी इरफान को तीन माह से राशन नहीं मिल पा रहा है।
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बायो मैट्रिक मशीन में दिक्कत से काट रहे चक्कर
बेहट। क्षेत्र के गांव कादरपुर के राजन कुमार का कहना है कि उनके गांव में महीने की 20 तारीख को राशन वितरण होना शुरू होता है, लेकिन बायो मैट्रिक मशीन में नेटवर्क की समस्या के चलते राशन लेने ले लिए कई कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव कुराली, इस्लामनगर, शेरपुर, चकवाली, पहांसु, जंधेड़ा, डकरावर, नोरंगपुर, भांकला, घसोती व कस्बे में सभी राशन डीलर 21 जुलाई से सभी कार्ड धारकों को फ्री राशन बांट रहे हैं। यहां कई बार लोगों को बार-बार आना पड़ता है।
कमालपुर में डीलर हो चुका गिरफ्तार
लॉकडाउन के दौरान अप्रैल माह में एसडीएम बेहट दीप्ति देव यादव ने तहसील के गांव शाहपुर और शाहबुद्दीनपुर की उचित दर की दुकानों का निरीक्षण कर खाद्यान्न वितरण में धांधली पकड़ते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छुटमलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर के राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
शिवपुरी, तल्हेड़ी सहित कई क्षेत्रों में लाइसेंस हुए निरस्त
देवबंद। क्षेत्र में राशन वितरण में धांधली और राशन की कालाबाजारी के मामले में शिवपुरी, तल्हेड़ी सहित अन्य क्षेत्रों के राशन डीलर के लाइसेंस निरस्त किए हैं। आपूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा ने बताया कि जहां समस्याएं आ रही हैं। वहां कार्रवाई हो रही है। कुछ दुकानों को दूसरे डीलरों से अटैच कराया गया है।
कई बार कम मिलता है राशन
नकुड़ क्षेत्र के दानिश, फरहान, नसीमा सहित अन्य ने बताया कि कई बार डीलर निर्धारित यूनिट से कम राशन देता है। इस तरह की परेशानी कई बार आ चुकी है।
अनियमितताओं पर अब तक की कार्रवाई
कुल किए निरीक्षण - 1234
दर्ज एफआईआर - 13
लाइसेंस निलंबन - 30
लाइसेंस निरस्तीकरण - 19
जब्त प्रतिभूति राशि - 1,28,450 रुपये
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जनपद में सरकारी राशन वितरण के लिए 1243 दुकानें संचालित हैं। इनमें पांच लाख 85 हजार कार्ड धारक परिवार पंजीकृत हैं। इनके लिए हर वितरण सत्र में 26637 मीट्रिक टन खाद्यान्न आता है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग का दावा है कि हर माह 95 फीसदी से अधिक कार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरण हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी शहर से देहात तक राशन के लिए भटकने वाले उपभोक्ता तहसीलों और जिला मुख्यालय पर पहुंचते रहते हैं।
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कार्ड होने पर भी नहीं मिला राशन
गंगोह। क्षेत्र के गांव कुंडा कलां निवासी पूरन वाल्मीकि का कहना है कि उसका राशन कार्ड डीलर ने लेकर रख लिया है। उसे छह माह से राशन नहीं मिला है। कभी कुछ बताया जाता है तो कभी कुछ। अंबेहटा के मोहल्ला पासरा निवासी 80 वर्षीय महिला त्रिशला देवी ने बताया कि उसे दो साल से राशन नहीं मिला है। उधर, राशन डीलर लक्ष्मी देवी ने कहा त्रिशला का राशन कार्ड में नाम नहीं है। गागलहेडी के कुछ कार्ड धारकों ने कहा मक्का बांस गांव में जोड़ने के कारण उन्हें कई बार डीलर टरका देता है। राशन के लिए ज्यादा चक्कर काटने पड़ते हैं। तीतरों के गांव बाल्लू निवासी इरफान को तीन माह से राशन नहीं मिल पा रहा है।
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बायो मैट्रिक मशीन में दिक्कत से काट रहे चक्कर
बेहट। क्षेत्र के गांव कादरपुर के राजन कुमार का कहना है कि उनके गांव में महीने की 20 तारीख को राशन वितरण होना शुरू होता है, लेकिन बायो मैट्रिक मशीन में नेटवर्क की समस्या के चलते राशन लेने ले लिए कई कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव कुराली, इस्लामनगर, शेरपुर, चकवाली, पहांसु, जंधेड़ा, डकरावर, नोरंगपुर, भांकला, घसोती व कस्बे में सभी राशन डीलर 21 जुलाई से सभी कार्ड धारकों को फ्री राशन बांट रहे हैं। यहां कई बार लोगों को बार-बार आना पड़ता है।
कमालपुर में डीलर हो चुका गिरफ्तार
लॉकडाउन के दौरान अप्रैल माह में एसडीएम बेहट दीप्ति देव यादव ने तहसील के गांव शाहपुर और शाहबुद्दीनपुर की उचित दर की दुकानों का निरीक्षण कर खाद्यान्न वितरण में धांधली पकड़ते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छुटमलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर के राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
शिवपुरी, तल्हेड़ी सहित कई क्षेत्रों में लाइसेंस हुए निरस्त
देवबंद। क्षेत्र में राशन वितरण में धांधली और राशन की कालाबाजारी के मामले में शिवपुरी, तल्हेड़ी सहित अन्य क्षेत्रों के राशन डीलर के लाइसेंस निरस्त किए हैं। आपूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा ने बताया कि जहां समस्याएं आ रही हैं। वहां कार्रवाई हो रही है। कुछ दुकानों को दूसरे डीलरों से अटैच कराया गया है।
कई बार कम मिलता है राशन
नकुड़ क्षेत्र के दानिश, फरहान, नसीमा सहित अन्य ने बताया कि कई बार डीलर निर्धारित यूनिट से कम राशन देता है। इस तरह की परेशानी कई बार आ चुकी है।
अनियमितताओं पर अब तक की कार्रवाई
कुल किए निरीक्षण - 1234
दर्ज एफआईआर - 13
लाइसेंस निलंबन - 30
लाइसेंस निरस्तीकरण - 19
जब्त प्रतिभूति राशि - 1,28,450 रुपये

राजन कुमार- फोटो : SAHARANPUR

परिवार के साथ राशनकार्ड दिखाता तीतरो के गांव बाल्लू का इरफरान- फोटो : SAHARANPUR

अंबेहटा की त्रिशला देवी- फोटो : SAHARANPUR

पूरन बाल्मीकि- फोटो : SAHARANPUR