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अपनों के होते हुए भी वृद्धाश्रम में रहने की मजबूरी

Mon, 15 Jun 2020 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 12:01 AM IST
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Compulsion to stay in old age home despite loved ones
बुजुर्ग महिला विद्यावति - फोटो : SAHARANPUR
अपनों के होते हुए भी वृद्धाश्रम में रहने की मजबूरी
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सहारनपुर। सहारनपुर के एकमात्र वृद्धा आश्रम में ऐसे कई बुजुर्ग हैं, जो अपनों के होते हुए भी बेसहारा की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इनमें कुछ बुजुर्ग ऐसे हैं, जो 65 साल की उम्र केेेेेेेेे बाद भी नौकरी करने का हौसला रखते हैं।
शहर के जेवी जैन डिग्री कॉलेज मार्ग पर मानव मंदिर वृद्धा आश्रम है, जहां महिलाओं और पुरुषों सहित 58 बुजुर्ग रहते हैं। इनके रहने, खाने-पीने की व्यवस्था मानव मंदिर प्रबंधन द्वारा की जाती है। लेकिन ये बुजुर्ग अपनी मर्जी से वृद्धा आश्रम में रहने नहीं आए हैं, इन्हें मजबूरी यहां खींच लाई है। अमर उजाला ने इनसे बात की तो करीब 70 वर्षीय दो बुजुर्ग रो पड़े। इन्होंने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि उनके बेटे और बहुएं हैं, लेकिन वह उनको अपने साथ नहीं रखना चाहते हैं। वह दो वर्ष से यहां रह रहे हैं। दोनों ही इस उम्र में भी नौकरी करने का हौसला रखते हैं। 63 वर्षीय लुधियाना निवासी गुरुपाल ने बताया कि उनकी शादी नहीं हुई है। छोटे भाई का निधन हो चुका है। एक बहन हैं, जिसने उनकी संपत्ति हड़प कर उन्हें घर से निकाल दिया। राधा विहार निवासी 73 वर्षीय रकम सिंह ने बताया कि उन्होंने शादी नहीं की। रिश्तेदार और सगे संबंधी साथ नहीं रखना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि सरकार मदद करे और पेंशन भी दे। मेरठ निवासी 60 वर्षीय बिमला ने बताया कि उनका एक बेटा है, लेकिन वह घर में नहीं रखना चाहता है। व्यवहार सही न होने के कारण वह वृद्धा आश्रम में आ गईं। सहारनपुर निवासी 65 वर्षीय विद्यावती फफक पड़ीं। उन्होंने बताया कि एक बेटी है, लेकिन वह खराब व्यवहार करती है। उसने ही घर से निकाल दिया।
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बोले युवा, ईश्वर का रूप होते हैं माता-पिता
विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस पर दुर्गा विहार निवासी नीरज राणा का कहना है कि माता-पिता परमात्मा का रूप हैं। यह बेहद अफसोस की बात है कि बच्चों के होते हुए भी बुजुर्ग वृद्धा आश्रम में रहने को मजबूर हैं। हसनपुर तिराहे के नजदीक रहने वाले सचिन शर्मा और मोहल्ला पठानपुरा निवासी नदीम खान ने कहा कि जो अपने माता-पिता की सेवा नहीं करते हैं, यह उन लोगों का दुुर्भाग्य है।
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वर्जन
हमारी ओर से बुजुर्गों का पूरा ध्यान रखा जाता है। मानव मंदिर ट्रस्ट का पूरा-पूरा प्रयास रहता है कि किसी भी बुजुर्ग को दिक्कत न हो। इनके रहने, खाने-पीने, नहाने-धोने और सफाई आदि की पूरी व्यवस्था की जाती है।
-प्रमोद बोखंडी, प्रबंधक मानव मंदिर
- हमारे सामने जो भी बुजुुर्गों के मामले आते हैं, उनकी हर संभव मदद कराई जाती है। कैंप लगाकर उनके पेंशन फार्म भी भरवाए जाते हैं। बुजुर्गों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलवाने में भी प्राथमिकता बरती जाती है।

-प्रणय सिंह, सीडीओ

विमला देवी

विमला देवी- फोटो : SAHARANPUR

गुरुपाल

गुरुपाल- फोटो : SAHARANPUR

रकम सिंह

रकम सिंह- फोटो : SAHARANPUR

वृद्धा आश्रम मानव मंदिर के प्रबंधक प्रमोद  बोखंडी

वृद्धा आश्रम मानव मंदिर के प्रबंधक प्रमोद बोखंडी- फोटो : SAHARANPUR

मानव मंदिर  वृद्धा आश्रम परिसर में बैठी बुजुर्ग महिलाएं

मानव मंदिर वृद्धा आश्रम परिसर में बैठी बुजुर्ग महिलाएं- फोटो : SAHARANPUR

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