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परंपरागत उद्यमों की बेहतरी पर है सरकार का फोकस -- योगी
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सहारनपुर: सर्किट हाऊस में प्रेसवार्ता करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर मंडल के किसान, नौजवान और व्यापारियों की खुलकर तारीफ की और परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने की बात कही। सहारनपुर के वुडकार्विंग और मुजफ्फरनगर के गुड़ कारोबार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने योजनाओं का लाभ दिलाने, इन उद्यमों से जुड़े लोगों को उचित ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था कराने की बात भी कही।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य भी बताया और कहा कि शासन प्रशासन को चुस्त दुरुस्त करने, योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचवाने तथा जन संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान कराने के लिए हर मंडल पर समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बदली आबोहवा के कारण ही देश दुनिया का हर बड़ा निवेशक यूपी में निवेश करने का इच्छुक है और बेधड़क होकर निवेश करने आ रहा है। निवेशकों के साथ ही प्रदेश सरकार का मकसद है कि परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि इनसे जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ सके। यह कार्य कम खर्च में थोड़े प्रयास में ही सफल होगा, क्योंकि परंपरागत उद्यमों में लगे लोगों के पूर्वजों ने 200- 300 साल से अपने परिश्रम से रोजगार की संभावना तैयार करके आगे बढ़ाने का प्रयास किया था।
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सहारनपुर मंडल की तारीफ करते हुए कहा कि यह मंडल बहुत समृद्ध है। यहां के किसान, नौजवान और व्यापारी बहुत मेहनती हैं। सहारनपुर की काष्ठ कला अद्भुत है। नई तकनीक, ट्रेनिंग दिलाकर और एक ही जगह सभी चीजें उपलब्ध कराकर वुडकार्विंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। मुद्रा योजना, स्टैंडअप, स्टार्ट योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से भी जोड़ा जा रहा है।
अफसरों को निर्देश दिया गया है कि प्रतिमाह निवेशकों और व्यापारियों के साथ बैठक करें, उनकी समस्याएं सुनें। जिला स्तर पर समाधान कराएं, या फिर शासन स्तर से समाधान के लिए भिजवाएं। उन्होंने बताया कि निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए निवेश मित्र पोर्टल लागू किया है, निवेशक को अब अलग अलग दफ्तर में जाकर कागज देने की जरूरत नहीं है। जितनी औपचारिकताएं हैं, सब ऑनलाइन कर दी हैं।
वहीं, मुजफ्फरनगर के गुड़ कारोबार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड़ की ब्रांडिंग का अभिनव कार्यक्रम शुरू किया है, वह महत्वपूर्ण है। गुड़ महोत्सव में 100 से अधिक प्रकार के गुड़ का प्रदर्शन किया गया। केमिकल मुक्त गुड़ की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट के लिए सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इसी से संबंधित खांडसारी उद्योग को लाइसेंस फ्री किया गया है। बड़ी मात्रा में लोगों ने खांडसारी उद्योग में लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। खेती के साथ ही इन उद्यम से जुड़ने पर किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी।
- यूनिवर्सिटी के लिए जमीन आवंटन का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को प्रदेश सरकार स्वीकृति दे चुकी है तथा बजट में 10 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए जमीन आवंटन की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। इस कमिश्नरी के युवाओं के लिए यूनिवर्सिटी बनने से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
ऐसी होगी व्यवस्था, समय पर भुगतान - योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सीजन का गन्ना मूल्य का 70 प्रतिशत भुगतान हो चुका है तथा पिछला बकाया भुगतान भी करा दिया है। बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को समय निर्धारित कर दिया है। सॉफ्ट लोन की व्यवस्था भी इसीलिए की, ताकि भुगतान में तेजी आ सके। उन्होंने बताया कि भविष्य के लिए ऐसी नीति बनी है कि गन्ना भुगतान की समस्या न हो सके। गन्ने से एथेनॉल, कोजेन प्लांट लगाने की संभावना बढ़ी है तथा प्रदेश में कई चीनी मिलों में यह कार्य शुरू करा दिया है, जिससे किसानों की गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन में नंबर वन पर है। इसके अलावा प्रदेश की 119 चीनी मिलों ने रिकार्ड चीनी का उत्पादन भी किया है।
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सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य भी बताया और कहा कि शासन प्रशासन को चुस्त दुरुस्त करने, योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचवाने तथा जन संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान कराने के लिए हर मंडल पर समीक्षा की जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बदली आबोहवा के कारण ही देश दुनिया का हर बड़ा निवेशक यूपी में निवेश करने का इच्छुक है और बेधड़क होकर निवेश करने आ रहा है। निवेशकों के साथ ही प्रदेश सरकार का मकसद है कि परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि इनसे जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ सके। यह कार्य कम खर्च में थोड़े प्रयास में ही सफल होगा, क्योंकि परंपरागत उद्यमों में लगे लोगों के पूर्वजों ने 200- 300 साल से अपने परिश्रम से रोजगार की संभावना तैयार करके आगे बढ़ाने का प्रयास किया था।
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सहारनपुर मंडल की तारीफ करते हुए कहा कि यह मंडल बहुत समृद्ध है। यहां के किसान, नौजवान और व्यापारी बहुत मेहनती हैं। सहारनपुर की काष्ठ कला अद्भुत है। नई तकनीक, ट्रेनिंग दिलाकर और एक ही जगह सभी चीजें उपलब्ध कराकर वुडकार्विंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। मुद्रा योजना, स्टैंडअप, स्टार्ट योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से भी जोड़ा जा रहा है।
अफसरों को निर्देश दिया गया है कि प्रतिमाह निवेशकों और व्यापारियों के साथ बैठक करें, उनकी समस्याएं सुनें। जिला स्तर पर समाधान कराएं, या फिर शासन स्तर से समाधान के लिए भिजवाएं। उन्होंने बताया कि निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए निवेश मित्र पोर्टल लागू किया है, निवेशक को अब अलग अलग दफ्तर में जाकर कागज देने की जरूरत नहीं है। जितनी औपचारिकताएं हैं, सब ऑनलाइन कर दी हैं।
वहीं, मुजफ्फरनगर के गुड़ कारोबार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड़ की ब्रांडिंग का अभिनव कार्यक्रम शुरू किया है, वह महत्वपूर्ण है। गुड़ महोत्सव में 100 से अधिक प्रकार के गुड़ का प्रदर्शन किया गया। केमिकल मुक्त गुड़ की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट के लिए सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इसी से संबंधित खांडसारी उद्योग को लाइसेंस फ्री किया गया है। बड़ी मात्रा में लोगों ने खांडसारी उद्योग में लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। खेती के साथ ही इन उद्यम से जुड़ने पर किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी।
- यूनिवर्सिटी के लिए जमीन आवंटन का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को प्रदेश सरकार स्वीकृति दे चुकी है तथा बजट में 10 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए जमीन आवंटन की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। इस कमिश्नरी के युवाओं के लिए यूनिवर्सिटी बनने से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
ऐसी होगी व्यवस्था, समय पर भुगतान - योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सीजन का गन्ना मूल्य का 70 प्रतिशत भुगतान हो चुका है तथा पिछला बकाया भुगतान भी करा दिया है। बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को समय निर्धारित कर दिया है। सॉफ्ट लोन की व्यवस्था भी इसीलिए की, ताकि भुगतान में तेजी आ सके। उन्होंने बताया कि भविष्य के लिए ऐसी नीति बनी है कि गन्ना भुगतान की समस्या न हो सके। गन्ने से एथेनॉल, कोजेन प्लांट लगाने की संभावना बढ़ी है तथा प्रदेश में कई चीनी मिलों में यह कार्य शुरू करा दिया है, जिससे किसानों की गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन में नंबर वन पर है। इसके अलावा प्रदेश की 119 चीनी मिलों ने रिकार्ड चीनी का उत्पादन भी किया है।