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खेतों में भर रहा मसखरा का पानी
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मसखरा नदी के लोहे के पुल में फंसा कूडा करकट।
- फोटो : SAHARANPUR
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चिलकाना (सहारनपुर)। गांव धौलहेडी के निकट बहने वाली मसखरा नदी पर बने लोहे के पुल में कूड़ा कचरा तथा पेड़ पौधों की डालियां फंसने से नदी का पानी नदी के किनारे तोड़ कर खेतों में भर रहा है। जिससे खेत झील में तब्दील होना शुरू हो गए हैं।
मसखरा नदी पर बना पुल 13 वर्ष पूर्व कमजोर होने के कारण जिला प्रशासन ने बंद कर दिया था। उस समय जिला प्रशासन ने पुराने पुल के बराबर में लोहे का अस्थायी पुल बना कर यातायात शुरू कराया था। क्षेत्रीय जनता की मांग पर प्रदेश सरकार ने इस पुल का निर्माण कुछ माह पूर्व शुरू कराया है। पुल तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक उसकी दोनों तरफ की एप्रोच रोड नहीं बन सकी है, जिस कारण पुल पर यातायात शुरू नहीं हो पाया है।
उधर, पुल के नीचे कूड़ा जमा होने के कारण पीछे से आने वाला पानी तटबंध तोड़कर आसपास के खेतों में भर रहा है। जिससे ये खेत झील में तब्दील होना शुरू हो गए हैं। लगातार पानी भरा होने से खेतों में खड़ी फसल भी नष्ट हो रही है। इस बाबत स्थानीय विधायक एवं आयुष मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी ने बताया कि मसखरा नदी का पुल बन चुका है। पुल की दोनों तरफ की एप्रोच रोड भी जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएंगी, इसके बाद पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
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मसखरा नदी पर बना पुल 13 वर्ष पूर्व कमजोर होने के कारण जिला प्रशासन ने बंद कर दिया था। उस समय जिला प्रशासन ने पुराने पुल के बराबर में लोहे का अस्थायी पुल बना कर यातायात शुरू कराया था। क्षेत्रीय जनता की मांग पर प्रदेश सरकार ने इस पुल का निर्माण कुछ माह पूर्व शुरू कराया है। पुल तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक उसकी दोनों तरफ की एप्रोच रोड नहीं बन सकी है, जिस कारण पुल पर यातायात शुरू नहीं हो पाया है।
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उधर, पुल के नीचे कूड़ा जमा होने के कारण पीछे से आने वाला पानी तटबंध तोड़कर आसपास के खेतों में भर रहा है। जिससे ये खेत झील में तब्दील होना शुरू हो गए हैं। लगातार पानी भरा होने से खेतों में खड़ी फसल भी नष्ट हो रही है। इस बाबत स्थानीय विधायक एवं आयुष मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी ने बताया कि मसखरा नदी का पुल बन चुका है। पुल की दोनों तरफ की एप्रोच रोड भी जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएंगी, इसके बाद पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
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