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Saharanpur News: शहर का सबसे पुराना और बड़ा होटल किया सील
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शहर के बीचोंबीच घंटाघर पर स्थित पुराने और सबसे बड़े होटल महारानी को सील कर दिया गया है। गृहकर की 1.04 करोड़ रुपये की धनराशि जमा नहीं करने पर नगर निगम ने यह कार्रवाई की है। यदि होटल स्वामी जल्द ही टैक्स की राशि जमा नहीं करते हैं तो नगर निगम नीलामी की कार्रवाई करेगा।
नगर निगम के राजस्व विभाग के अधिकारी मंगलवार की शाम होटल पहुंचे और होटल के मुख्य दरवाजों व अन्य सभी दरवाजों को सील किया। कार्रवाई के दौरान मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संगीता यादव, कर निर्धारण अधिकारी श्रुति माहेश्वरी व कर निर्धारण अधिकारी सुधीर शर्मा व सुरेंद्र सिंह दल बल के साथ पहुंचे थे। उनके साथ कैप्टन नरेश शर्मा व प्रवर्तन दल भी था। कर निर्धारण अधिकारी सुधीर शर्मा ने बताया कि होटल महारानी जिसका भवन संख्या 2ए/2421 है पर बीते कई वर्ष का ब्याज सहित एक करोड़ चार लाख रुपया टैक्स बकाया है। भवन स्वामियों को पूर्व में कई बार निगम अधिनियम 1959 की धारा 506 के अंतर्गत डिमांड नोटिस जारी किए गए।
नोटिस में 15 दिन के भीतर बकाया धनराशि जमा न करने पर चल/अचल संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है, लेकिन इस पर भी भवन स्वामी द्वारा टैक्स जमा नहीं कराया गया। इसके बाद होटल पर कई नोटिस चस्पा किए गए और व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क कर टैक्स जमा कराने के लिए कहा गया, लेकिन टैक्स की धनराशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद नगरायुक्त के निर्देश पर होटल को सील कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि नगर निगम प्रावधानों धारा 509 से 513 के अंतर्गत अब भवन को नीलाम करने की कार्रवाई की जाएगी।
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सहारनपुर। शहर के बीचोंबीच घंटाघर पर स्थित पुराने और सबसे बड़े होटल महारानी को सील कर दिया गया है। गृहकर की 1.04 करोड़ रुपये की धनराशि जमा नहीं करने पर नगर निगम ने यह कार्रवाई की है। यदि होटल स्वामी जल्द ही टैक्स की राशि जमा नहीं करते हैं तो नगर निगम नीलामी की कार्रवाई करेगा।
नगर निगम के राजस्व विभाग के अधिकारी मंगलवार की शाम होटल पहुंचे और होटल के मुख्य दरवाजों व अन्य सभी दरवाजों को सील किया। कार्रवाई के दौरान मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संगीता यादव, कर निर्धारण अधिकारी श्रुति माहेश्वरी व कर निर्धारण अधिकारी सुधीर शर्मा व सुरेंद्र सिंह दल बल के साथ पहुंचे थे। उनके साथ कैप्टन नरेश शर्मा व प्रवर्तन दल भी था। कर निर्धारण अधिकारी सुधीर शर्मा ने बताया कि होटल महारानी जिसका भवन संख्या 2ए/2421 है पर बीते कई वर्ष का ब्याज सहित एक करोड़ चार लाख रुपया टैक्स बकाया है। भवन स्वामियों को पूर्व में कई बार निगम अधिनियम 1959 की धारा 506 के अंतर्गत डिमांड नोटिस जारी किए गए।
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नोटिस में 15 दिन के भीतर बकाया धनराशि जमा न करने पर चल/अचल संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है, लेकिन इस पर भी भवन स्वामी द्वारा टैक्स जमा नहीं कराया गया। इसके बाद होटल पर कई नोटिस चस्पा किए गए और व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क कर टैक्स जमा कराने के लिए कहा गया, लेकिन टैक्स की धनराशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद नगरायुक्त के निर्देश पर होटल को सील कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि नगर निगम प्रावधानों धारा 509 से 513 के अंतर्गत अब भवन को नीलाम करने की कार्रवाई की जाएगी।