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सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज को चिट्स फंड सोसाइटी ने भेजा नोटिस

Mon, 11 Nov 2019 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 11:42 PM IST
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Chits Fund Society sent notice to Supreme Court advocate Farha Faiz
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज को चिट्स फंड सोसाइटी ने भेजा नोटिस
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सहारनपुर। महिला एवं बाल विकास समिति की सचिव सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज पर समिति के पंजीकरण को नवीनीकरण कराने में अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने एवं आपत्ति दर्ज कराए जाने पर नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटी तथा चिट्स कार्यालय की ओर से भेजा गया है। 15 दिन में जवाब नहीं देने पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और तीन तलाक की वकालत करने वाली अधिवक्ता फरहा फैज को सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी व चिट्स की ओर से महिला बाल विकास समिति के रजिस्ट्रेशन को लेकर नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि 1998-99 में सोसाइटी के पंजीकरण का अंतिम नवीनीकरण हुआ था। आरोप है कि सोसाइटी के नवीनीकरण के लिए 21 सितंबर को फरहा फैज ने शुल्क जमा किया था। लेकिन कोई प्रपत्र जमा नहीं किया। नवीनीकरण प्रत्यावेदन पर एडवोकेट सुरेश दत्त त्यागी ने आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
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उसके बाद से सोसाइटी से वर्षवार प्रबंध समिति की सूची, बैलेंसशीट, निर्वाचन की कार्यवाही, एजेंडा रजिस्टर, कार्यवाही रजिस्टर, सदस्यता रजिस्टर, सदस्यता रसीद बुक की काउंटर फाइल, बैंक पास बुक, कैश बुक, लेजर इत्यादि के मूल अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं। सोसाइटी के पास मूल अभिलेख होते और सोसाइटी अपने उद्देश्यों की पूर्ति करती तो अभिलेख प्रस्तुत किए जाते। इसके अलावा सोसाइटी के अलग-अलग पते दर्शाए जा रहे हैं। अभिलेखों की अनुपलब्धता से स्पष्ट है कि सोसाइटी ने वर्षों से अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं की। सोसाइटी के पास सदस्यों का अभाव है। नोटिस का जवाब 15 दिन में दिए जाने के लिए कहा गया है। नोटिस का जवाब नही मिलने पर सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
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दबाव में की जा रही कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि नोटिस गलत तथ्यों पर आधारित है। जिस आधार पर नोटिस जारी किया गया है उस कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। सहायक रजिस्ट्रार ने एक महीने का समय मांगने के बावजूद समय से पहले ही नोटिस भेज दिया है, जो गलत है। इस नोटिस का जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के घोटाले को लेकर 15 नवंबर को जन सुनाई होनी है। इसलिए ये सब कराया जा रहा है।
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