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Saharanpur News: सर्दी में निमोनिया की चपेट में आए बच्चे

Fri, 30 Dec 2022 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 11:36 PM IST
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children suffering from pneumonia in winter
सहारनपुर। बढ़ती ठंड और शीतलहर 2का प्रकोप बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। वह निमोनिया के शिकार होने लगे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में प्रतिदिन 10 से 15 बच्चे भर्ती करने पड़ रहे, जबकि रोजाना की ओपीडी में 70 से 80 बच्चे जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे।
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दिसंबर माह के अंत में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। दो दिन से हल्की बूंदाबांदी होने से सर्दी बढ़ गई है। इस मौसम में बच्चे निमोनिया की चपेट में आ गए हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही एसबीडी जिला अस्पताल बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में निमोनिया की चपेट में आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। स्थिति यह है कि रोजाना बच्चा वार्ड में 10 से 15 बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विरेंद्र भट्ट ने बताया कि सर्दी का मौसम बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। जरा सी लापरवाही में बच्चे निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है। इसमें फेफड़ों में संक्रमण होने के साथ ही सूजन आ जाती है। डेढ़ साल से लेकर दस साल तक के बच्चों में इसका खतरा अधिक रहता है। शुरू में बच्चों को सर्दी व खांसी की समस्या होती है। समय पर ध्यान न देने के कारण बच्चे निमोनिया की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए समय रहते बच्चों को डॉक्टर को दिखाएं।
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-वार्डों में लगाए गए हीटर
-पिछले कई दिनों से सर्दी काफी हो रही है। बूंदाबांदी और शीतलहर से ठंड और अधिक बढ़ गई है। ऐसे में एसबीडी जिला अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाने के लिए वार्डो में हीटरों की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई है। ऐसा होने से वार्डो में भर्ती मरीज ठंड से राहत महसूस कर रहे हैं। बच्चा वार्ड और आईसीसीयू वार्ड में हीटर रखवा दिए गए हैं।
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--निमोनिया के लक्षण
-बच्चों के शरीर में कंपन व मांसपेशियों में दर्द होना
-बच्चे को 102 डिग्री से अधिक बुखार होना
-छाती और पेट में दर्द होने की शिकायत रहना
-नाक बहना व गले में घरघराहट की आवाज आना
-रात में ठीक से सो नहीं पाना व कमजोरी होना
-त्वचा विशेष रूप से चेहरा और होंठ नीला पड़ना
-बच्चे को मितली और उल्टी महसूस होना
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--ऐसे करें बचाव
-निमोनिया से बचने के लिए बच्चों को समय-समय पर टीका लगवाते रहे।
-नवजात शिशु को छूने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें
-बच्चे की बोतल और खिलौनों को भी साफ-सुथरा रखें
-बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए से स्तनपान कराते रहें
-सर्दियों में मां को बच्चे का विशेष ध्यान रखना होता है
-बच्चे को ऊनी कपड़े पहनाकर सर्द हवाओं से बचाकर रखना चाहिए
-गंदगी और ठंडे शरीर के साथ बच्चे को नहीं छूना चाहिए।
-ज्यादा ठंड होने पर कमरे को गर्म करना चाहिए।
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