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केमिकल रंगों से खतरे में पड़ सकती है जिंदगी

Wed, 04 Mar 2020 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2020 11:15 PM IST
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Chemical colors can endanger life
डा संजीव मिगलानी - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। होली को त्योहार को लेकर लोग उत्साहित हैं, लेकिन रंगो की होली खेलते हुए सावधानी बरतने की खास जरूरत है। चिकित्सकों के मुताबिक केमिकल रंगों से जान खतरे में पड़ सकती है। इन रंगों से त्वचा और आंखों को ज्यादा खतरा है। ऐसे में हर्बल रंगों से होली खेलकर किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।
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होली पर्व को लेकर बाजार में तरह-तरह के केमिकल रंग बिक रहे हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसान दायक हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी का कहना है कि केमिकल रंगों में नुकसानदायक तत्व होते हैं। इसलिए हर्बल और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। केमिकल रंगों से आंखों में अंधापन आ सकता है और त्वचा झुलस सकती है। यह रंग शरीर के अंदर चले जाएं तो फेफड़ों और हृदय के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाक्टर कर्मवीर सिंह का कहना है कि केमिकल रंग पूरी तरह खतरनाक हैं। इन रंगों की वजह से त्वचा में जलन हो सकती और काली पड़ने के साथ हमेशा के लिए खराब हो जाएगी। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डाक्टर रामानंद का कहना है कि केमिकल रंगों से आंखों में अंधापन के अलावा खुजली और जख्म हो सकते हैं।
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केमिकल और सिंथेटिक रंगों के नुकसान
सहारनपुर। डाक्टर मिगलानी के मुताबिक केमिकल और सिंथेटिक हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है, जो आंखों में एलर्जी और अंधापन करता है। काले रंग में लैड होता है, जो गुर्दों को नुकसान पहुंचाता है। लाल रंग में मरक्यूरिक ऑक्साइड और सिल्वर रंग में एल्मुनियक ब्रोमाइड होता है, जो त्वचा का कैंसर करता है। बैंगनी रंग में क्रोमियम आयोडाइड होता है, जिससे अस्थमा होता है। पीले रंग में ओरमिन और चमकीले रंग में सीसा होता है। इससे स्किन एलर्जी और त्वचा डैमेज होती है।
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ऐसे बना सकते हैं प्राकृतिक रंग
सहारनपुर। लाल रंग चंदन, गुलहड़ से मिलाकर बनाया जा सकता है। हरा रंग मेहंदी, पालक, धनिया, हरी पत्तियां को सूखाने के बाद पीसकर बनाएं। पीला रंग हल्दी, बेसन, और नीला रंग गुलहड़ और जेकरेंडा से मिलाकर बनाएं। इन रंगों की मात्रा बढ़ाने के लिए आटे का प्रयोग करें।

बरतें यह सावधानी
- होली खेलने से पहले चेहरे, हाथों, पैरों पर सरसों, नारियल का तेल या लोशन लगाना चाहिए। इससे रंग उतारने में आसानी होती है।
- सन स्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करना चाहिए।
- आंखों में रंग जाने पर पानी और गुलाब जल से धोना चाहिए। आंखों को रगड़ना नहीं चाहिए।
- त्वचा से रंग उतारने से पहले मुल्तानी मिट्टी लगानी चाहिए। गहरे रंग उतारने के लिए एक कप में दही, नींबू और पानी डालकर लगाना चाहिए।
- रंग उतारने के लिए पेट्रोल, मिट्टी तेल और स्प्रिट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह त्वचा को ड्राई कर देता है।

डा रामानंद

डा रामानंद- फोटो : SAHARANPUR

डा कर्मवीर सिंह

डा कर्मवीर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

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