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चौधरी चरण सिंह का जनपद से रहा गहरा नाता
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फाईल फोटो चौधरी चरण सिंह के साथ चौधरी बख्तावर सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जनपद से गहरा नाता रहा है। उन्होंने न सिर्फ यहां के नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाया बल्कि जनसभाओं के माध्यम से जिले की जनता को राष्ट्रीय मुद्दों से भी जोड़ा। उन्होंने पार्टी में सर्व समाज को जोड़कर नया सामाजिक समीकरण तैयार किया। उनके जमाने में हरिद्वार और रुड़की जनपद सहारनपुर का हिस्सा थे।
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके जमाने में राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं की पुरानी यादें ताजा हो गईं। बडे़ चौधरी के करीबी रहे सपा के प्रदेश सचिव चौधरी बख्तावर सिंह आपातकाल के बाद प्रदेश में बनी जनता पार्टी सरकार के समय की याद करते हैं। वह बताते हैं कि उस समय नागल विधानसभा सीट से रामसिंह मांडेबांस विधायक थे और प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री भी, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता को देखते हुए चौधरी चरण सिंह उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। हालांकि उस समय पैदा हुई किसी परिस्थिति के चलते रामसिंह मांडेबांस मुख्यमंत्री तो नहीं बन पाए, लेकिन वे प्रदेश के गृहमंत्री अवश्य बन गए। हालांकि यह कार्यकाल मात्र छह माह ही रहा।
चार बार विधायक और दो बार सांसद रहे राम सिंह मांडेबांस ने अपने जमाने में जनता पार्टी को जनपद में खड़ा करने में खासी मेहनत की। वे बताते हैं कि उन्होंने चौधरी चरण सिंह की जनपद में एक दर्जन से अधिक जनसभाएं कराईं। पूर्व प्रधानमंत्री हमेशा किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित तबकों की बेहतरी के लिए चिंतित रहते थे। वे सादगी से रहने वाले ऊंचे दर्जे के राष्ट्रीय नेता थे। देश की आने वाली पीढ़ियां उनको हमेेशा याद रखेंगी।
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ईमानदार एवं बड़े नेता हैं रामशरण दास, इनसे जुड़ो
चौधरी बख्तावर सिंह बताते हैं कि कस्बा मंगलोर में वर्ष 1977 में हुई एक जनसभा के दौरान चौधरी चरण सिंह ने उन्हें रामशरण दास से मिलवाया था। उन्होंने कहा था कि रामशरण दास ईमानदार और बड़े नेता हैं, इनसे जुड़ो। इसके बाद चौधरी बख्तावर सिंह, रामशरण दास से ऐसे जुडे़ कि जीवन भर उनके साथ रहे। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद, पूर्व सांसद जगपाल सिंह, सपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे रामशरण दास से लेकर अन्य कई नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाया। उनके द्वारा आगे बढ़ाए गए कई नेता राजनीति के शिखर तक पहुंचे।
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चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके जमाने में राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं की पुरानी यादें ताजा हो गईं। बडे़ चौधरी के करीबी रहे सपा के प्रदेश सचिव चौधरी बख्तावर सिंह आपातकाल के बाद प्रदेश में बनी जनता पार्टी सरकार के समय की याद करते हैं। वह बताते हैं कि उस समय नागल विधानसभा सीट से रामसिंह मांडेबांस विधायक थे और प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री भी, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता को देखते हुए चौधरी चरण सिंह उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। हालांकि उस समय पैदा हुई किसी परिस्थिति के चलते रामसिंह मांडेबांस मुख्यमंत्री तो नहीं बन पाए, लेकिन वे प्रदेश के गृहमंत्री अवश्य बन गए। हालांकि यह कार्यकाल मात्र छह माह ही रहा।
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चार बार विधायक और दो बार सांसद रहे राम सिंह मांडेबांस ने अपने जमाने में जनता पार्टी को जनपद में खड़ा करने में खासी मेहनत की। वे बताते हैं कि उन्होंने चौधरी चरण सिंह की जनपद में एक दर्जन से अधिक जनसभाएं कराईं। पूर्व प्रधानमंत्री हमेशा किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित तबकों की बेहतरी के लिए चिंतित रहते थे। वे सादगी से रहने वाले ऊंचे दर्जे के राष्ट्रीय नेता थे। देश की आने वाली पीढ़ियां उनको हमेेशा याद रखेंगी।
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ईमानदार एवं बड़े नेता हैं रामशरण दास, इनसे जुड़ो
चौधरी बख्तावर सिंह बताते हैं कि कस्बा मंगलोर में वर्ष 1977 में हुई एक जनसभा के दौरान चौधरी चरण सिंह ने उन्हें रामशरण दास से मिलवाया था। उन्होंने कहा था कि रामशरण दास ईमानदार और बड़े नेता हैं, इनसे जुड़ो। इसके बाद चौधरी बख्तावर सिंह, रामशरण दास से ऐसे जुडे़ कि जीवन भर उनके साथ रहे। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद, पूर्व सांसद जगपाल सिंह, सपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे रामशरण दास से लेकर अन्य कई नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाया। उनके द्वारा आगे बढ़ाए गए कई नेता राजनीति के शिखर तक पहुंचे।