{"_id":"69039dcdf315eb7ddd0acff8","slug":"caterers-business-is-growing-in-the-metropolis-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-161923-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: महानगर में बढ़ रहा कैटरर्स का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: महानगर में बढ़ रहा कैटरर्स का कारोबार
Thu, 30 Oct 2025 10:48 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 30 Oct 2025 10:48 PM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। शादियों में सजावट, पहनावा और शादी का स्थान जितना महत्वपूर्ण है। उतनी ही बड़ी भूमिका मेहमानों के लिए बनने वाले खाने की है। पहले जहां हलवाई को महीनों पहले बुक कर लिया जाता था, तो अब उसकी जगह कैटरर्स ने ली है। अब आयोजनकर्ता पहले की तरह बाजार से मैन्यू के हिसाब से सामान नहीं लाते, बल्कि अपना मेन्यू तय करते हैं। उसी हिसाब से कैटरर्स प्रति थाली के हिसाब से अपने दाम बता देते हैं।
शहरवासियों ने नए और रोचक आइटमों को मेन्यू का हिस्सा बना लिया है। वहीं अन्य राज्यों की डिश जैसे पंजाबी व्यंजन सरसों की साग और मक्के की रोटी, राजस्थानी व्यंजन दाल चूरमा आदि भी अपने मेन्यू में शामिल करना पसंद कर रहे हैं। इस बदलाव के चलते कैटरिंग सेवाओं में नए तरह के व्यंजन तैयार करने का रुझान भी बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि महानगर में कैटरिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। यह कैटरर्स व्यंजन के हिसाब से ही थाली की कीमत तय करते हैं। एक थाली की कीमत सामान्यत: 300 रुपये से शुरू होती है। जो पांच हजार रुपये प्रति थाली तक जा सकती है। इसके अलावा शादियों में अब मॉकेटल का काउंटर भी पसंद किए जाने लगा है। कारोबारियों की माने तो कोरोना के बाद से शादी समेत अन्य आयोजनों में लोग जमकर खर्च कर रहे हैं। खासकर शादियों को खास बनाने के लिए लोग अपनी जेब का दायरा भी बढ़ा रहे हैं। कैटरर्स की मानें तो लोग भी शादियों में नए तरह के व्यंजन को तलाशते हैं।
- बोले कैटरर्स
- नितिन नामदेव ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में शादियों के खान-पान में बदलाव आया है। अब फैंसी आइटम पर डोसा जैसे व्यवंजन नहीं चलते। महानगरवासियों के बीच पारंपरिक व्यंजनों के बीच बंगाली, साउथ इंडियन के विदेशी वेज डिश की भी मांग रहती है।
विज्ञापन
- राकेश कुमार ने बताया कि शादियों के आयोजनों में लोग अब जमकर खर्च कर रहे हैं। कहते हैं न कि शादी में खाना कैसा था, यह मेहमानों को वर्षों तक याद रहता है। कुछ इसी तर्ज पर शादियों के खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है। इसमें विदेशी डिश का भी खासा जोर है।
विज्ञापन
शहरवासियों ने नए और रोचक आइटमों को मेन्यू का हिस्सा बना लिया है। वहीं अन्य राज्यों की डिश जैसे पंजाबी व्यंजन सरसों की साग और मक्के की रोटी, राजस्थानी व्यंजन दाल चूरमा आदि भी अपने मेन्यू में शामिल करना पसंद कर रहे हैं। इस बदलाव के चलते कैटरिंग सेवाओं में नए तरह के व्यंजन तैयार करने का रुझान भी बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि महानगर में कैटरिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। यह कैटरर्स व्यंजन के हिसाब से ही थाली की कीमत तय करते हैं। एक थाली की कीमत सामान्यत: 300 रुपये से शुरू होती है। जो पांच हजार रुपये प्रति थाली तक जा सकती है। इसके अलावा शादियों में अब मॉकेटल का काउंटर भी पसंद किए जाने लगा है। कारोबारियों की माने तो कोरोना के बाद से शादी समेत अन्य आयोजनों में लोग जमकर खर्च कर रहे हैं। खासकर शादियों को खास बनाने के लिए लोग अपनी जेब का दायरा भी बढ़ा रहे हैं। कैटरर्स की मानें तो लोग भी शादियों में नए तरह के व्यंजन को तलाशते हैं।
विज्ञापन
- बोले कैटरर्स
- नितिन नामदेव ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में शादियों के खान-पान में बदलाव आया है। अब फैंसी आइटम पर डोसा जैसे व्यवंजन नहीं चलते। महानगरवासियों के बीच पारंपरिक व्यंजनों के बीच बंगाली, साउथ इंडियन के विदेशी वेज डिश की भी मांग रहती है।
विज्ञापन
- राकेश कुमार ने बताया कि शादियों के आयोजनों में लोग अब जमकर खर्च कर रहे हैं। कहते हैं न कि शादी में खाना कैसा था, यह मेहमानों को वर्षों तक याद रहता है। कुछ इसी तर्ज पर शादियों के खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है। इसमें विदेशी डिश का भी खासा जोर है।