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Saharanpur News: बेनामी संपत्ति जबरन खरीदने पर इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्जन
Sat, 19 Oct 2024 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 19 Oct 2024 01:35 AM IST
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सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति अपनी पत्नी और परिचित के नाम कराने पर निलंबित चल रहे इंस्पेक्टर नरेश कुमार प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए हैं।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के आदेश पर कोतवाली सदर बजार में उनके खिलाफ मिर्जापुर कोतवाली प्रभारी रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है।
बता दें, कि गत वर्ष निरीक्षक नरेश कुमार मिर्जापुर में कोतवाली प्रभारी थे। आरोप है कि तैनाती के दौरान उनके संपर्क में हाजी इकबाल के परिचित इरशाद रावत निवासी फैजाबाद एवं महबूब निवासी बादशाही बाग आए थे। इनके माध्यम से उन्होंने श्रवण एवं रोशनलाल की 49 बीघा जमीन को जबरन अपनी पत्नी राजरानी एवं एक परिचित विजय कुमार के नाम करा लिया था।
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यह आरोप लगने के बाद तत्कालीन एसएसपी ने उन्हें निलंबित करते हुए जांच एसपी देहात सागर जैन को सौंप दी थी। उस वक्त विक्रेता रोशनलाल ने आरोप लगाया था कि दोनों जमीनों के बैनामे की धनराशि 15 लाख रुपये उसके खाते में डालने बाद जबरन उससे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करा ली गई थी।
एसपी देहात द्वारा की गई जांच में बैंक खातों से धनराशि के आदान-प्रदान के आरोप सही पाए गए हैं।
जांच में सामने आया कि यह संपत्ति पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति है। जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी के आदेश पर निलंबित निरीक्षक नरेश कुमार के खिलाफ थाना सदर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।।
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एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के आदेश पर कोतवाली सदर बजार में उनके खिलाफ मिर्जापुर कोतवाली प्रभारी रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है।
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बता दें, कि गत वर्ष निरीक्षक नरेश कुमार मिर्जापुर में कोतवाली प्रभारी थे। आरोप है कि तैनाती के दौरान उनके संपर्क में हाजी इकबाल के परिचित इरशाद रावत निवासी फैजाबाद एवं महबूब निवासी बादशाही बाग आए थे। इनके माध्यम से उन्होंने श्रवण एवं रोशनलाल की 49 बीघा जमीन को जबरन अपनी पत्नी राजरानी एवं एक परिचित विजय कुमार के नाम करा लिया था।
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यह आरोप लगने के बाद तत्कालीन एसएसपी ने उन्हें निलंबित करते हुए जांच एसपी देहात सागर जैन को सौंप दी थी। उस वक्त विक्रेता रोशनलाल ने आरोप लगाया था कि दोनों जमीनों के बैनामे की धनराशि 15 लाख रुपये उसके खाते में डालने बाद जबरन उससे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करा ली गई थी।
एसपी देहात द्वारा की गई जांच में बैंक खातों से धनराशि के आदान-प्रदान के आरोप सही पाए गए हैं।
जांच में सामने आया कि यह संपत्ति पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति है। जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी के आदेश पर निलंबित निरीक्षक नरेश कुमार के खिलाफ थाना सदर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।।