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Saharanpur News: चार बिजलीघरों की बढ़ी क्षमता, 34 किमी आर्म्ड वायर्स बिछाई
Sun, 25 Feb 2024 11:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:27 PM IST
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सहारनपुर। विद्युत निगम की आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत महानगर में बिजली सप्लाई सुधारने की कवायद तेज हो गई है। ओवरलोड बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि के साथ ही आर्म्ड वायर्स बिछाई जा रही है। अब तक चार बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि कर दी गई है। नए बिजली कनेक्शन के लिए आर्म्ड वायर्स को अनिवार्य कर दिया है।
आरडीएसएस के तहत महानगर में बिजली सुधार होगा और लाइनलॉस भी कम होगा। इसके लिए करोड़ों रुपये बजट है। विद्युत निगम ने ऐसे बिजलीघरों को चिह्नित किया था, जो ओवरलोड थे। अब तक हकीकत नगर, हाकिमपुरा, ट्रांसपोर्ट नगर बिजलीघरों की क्षमता को पांच से 10 एमवीए किया जा चुका है। इसी तरह हुसैन बस्ती बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाकर आठ एमवीए की गई। इनके अलावा जैनबाग, हुसैन बस्ती, छिपीयान, बड़तला यादगार, प्रेमपुरी आदि कालोनियों में करीब 34 किलोमीटर आर्म्ड वायर्स बिछा दी गई है। यहीं नहीं वायर्स के कंडक्टर भी बदले जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
- क्या है आर्म्ड वायर्स
आर्म्ड वायर्स रबड़ कोटिड होती है। इन पर रबड़ की मोटी परत होने के कारण सीधे कुंडी डालना आसान नहीं होता। यह लाइनें डालने से लाइनलॉस कम होने के साथ ही बिजली चोरी भी नहीं होगी। इसको अब नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी कर दिया है।
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- वर्जन : आरडीएसएस के तहत महानगर में बिजली सुधार का काम किया जा रहा है। जो बिजलीघर ओवरलोड हैं, उनकी क्षमता वृद्धि हो रही है। जिन क्षेत्रों में लाइनलाॅस अधिक है, उन फीडरों को भी चिन्हित किया गया है। यहां आर्म्ड वायर्स बिछाई जाएगी। अब तक 34 किलोमीटर आर्म्ड वायर्स बिछ चुकी है। - आदर्श कुमार कौशल, अधीक्षण अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण
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आरडीएसएस के तहत महानगर में बिजली सुधार होगा और लाइनलॉस भी कम होगा। इसके लिए करोड़ों रुपये बजट है। विद्युत निगम ने ऐसे बिजलीघरों को चिह्नित किया था, जो ओवरलोड थे। अब तक हकीकत नगर, हाकिमपुरा, ट्रांसपोर्ट नगर बिजलीघरों की क्षमता को पांच से 10 एमवीए किया जा चुका है। इसी तरह हुसैन बस्ती बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाकर आठ एमवीए की गई। इनके अलावा जैनबाग, हुसैन बस्ती, छिपीयान, बड़तला यादगार, प्रेमपुरी आदि कालोनियों में करीब 34 किलोमीटर आर्म्ड वायर्स बिछा दी गई है। यहीं नहीं वायर्स के कंडक्टर भी बदले जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
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- क्या है आर्म्ड वायर्स
आर्म्ड वायर्स रबड़ कोटिड होती है। इन पर रबड़ की मोटी परत होने के कारण सीधे कुंडी डालना आसान नहीं होता। यह लाइनें डालने से लाइनलॉस कम होने के साथ ही बिजली चोरी भी नहीं होगी। इसको अब नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी कर दिया है।
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- वर्जन : आरडीएसएस के तहत महानगर में बिजली सुधार का काम किया जा रहा है। जो बिजलीघर ओवरलोड हैं, उनकी क्षमता वृद्धि हो रही है। जिन क्षेत्रों में लाइनलाॅस अधिक है, उन फीडरों को भी चिन्हित किया गया है। यहां आर्म्ड वायर्स बिछाई जाएगी। अब तक 34 किलोमीटर आर्म्ड वायर्स बिछ चुकी है। - आदर्श कुमार कौशल, अधीक्षण अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण