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नगर निगम का पुतला फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 08 Aug 2016 12:48 AM IST
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पुतला फूंकते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में टूटी सड़कों और नालियों तथा हाउस टैक्स वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने नगर निगम का पुतला फूंका। वक्ताओं ने निगम अफसरों पर जन समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
रविवार की सुबह व्यापारी कोर्ट रोड पर इकट्ठा हुए। यहां से जुलूस के रूप में नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे, जहां उन्होंने नगर निगम का पुतला फूंका।
प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष विमल विरमानी ने कहा कि नगर निगम के अफसर जनता से वसूली करना जानते हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है। शहर की तमाम सड़कें और नालियां टूटी पड़ी हैं।
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स्ट्रीट लाइटें या तो हैं नहीं और यदि हैं तो खराब पड़ी हैं। हाउस टैक्स दस से 40 गुना अधिक बढ़ा दिया गया है, जिससे लोगों का बजट बिगड़ा हुआ है। महानगर अध्यक्ष नरेश धीमान ने कहा कि जब ने नगर निगम बना है, तब से आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती हुई है।
आरोप लगाया कि निगम बनने का फायदा केवल निगम के अफसरों और कर्मचारियों को हुआ है। प्रवीण छाबड़ा, मनोज ठाकुर ने आरोप लगाया कि निगम में कोई भी काम बिना जेब गर्म किए नहीं होता है।
प्रदर्शनकारियों में रविकांत लूथरा, गुरमेहर सिंह, अश्वनी अरोड़ा, राजकुमार कालड़ा, रईस अहमद, मोहम्मद रफी, सुरेश मित्तल, तरुण अग्रवाल, अनिल छाबड़ा, तजिंद्र सिंह, सुमित ठक्कर आदि थे।
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रविवार की सुबह व्यापारी कोर्ट रोड पर इकट्ठा हुए। यहां से जुलूस के रूप में नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे, जहां उन्होंने नगर निगम का पुतला फूंका।
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प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष विमल विरमानी ने कहा कि नगर निगम के अफसर जनता से वसूली करना जानते हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है। शहर की तमाम सड़कें और नालियां टूटी पड़ी हैं।
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स्ट्रीट लाइटें या तो हैं नहीं और यदि हैं तो खराब पड़ी हैं। हाउस टैक्स दस से 40 गुना अधिक बढ़ा दिया गया है, जिससे लोगों का बजट बिगड़ा हुआ है। महानगर अध्यक्ष नरेश धीमान ने कहा कि जब ने नगर निगम बना है, तब से आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती हुई है।
आरोप लगाया कि निगम बनने का फायदा केवल निगम के अफसरों और कर्मचारियों को हुआ है। प्रवीण छाबड़ा, मनोज ठाकुर ने आरोप लगाया कि निगम में कोई भी काम बिना जेब गर्म किए नहीं होता है।
प्रदर्शनकारियों में रविकांत लूथरा, गुरमेहर सिंह, अश्वनी अरोड़ा, राजकुमार कालड़ा, रईस अहमद, मोहम्मद रफी, सुरेश मित्तल, तरुण अग्रवाल, अनिल छाबड़ा, तजिंद्र सिंह, सुमित ठक्कर आदि थे।