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जीएसटी का पुतला फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 20 Jul 2016 01:16 AM IST
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पुतला फूंकते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर व्यापार मंडल से जुडे़ व्यापारियों ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर घंटाघर पर प्रस्तावित जीएसटी का पुतला फूंका। उन्होंने जीएसटी में सजा के प्रावधान सहित अन्य खामियों को दूर करने की मांग की।
मंगलवार को व्यापारियों ने जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुतला दहन करने के बाद महानगर अध्यक्ष राधेश्याम नारंग, महामंत्री राजेश गुलाटी, पंकज और ओमप्रकाश बंसल ने कहा कि जीएसटी की सभी खामियों को दूर किया जाए।
इसमें एक पंजीकरण, एक रिटर्न और एक कर निर्धारण की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी के प्रस्तावित प्रारूप में विभागों के इंस्पेक्टरों को असीमित अधिकार दिए गए हैं। इससे कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारी की छोटी सी गलती पर गिरफ्तार तक करा सकता है।
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जीएसटी के प्रावधानों की विभिन्न धाराओं में 5 से 25 हजार रुपये जुर्माने का अधिकार दिया गया है। जीएसटी और सीजीएसटी की विभिन्न धाराओं में 6 माह से 5 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है और इसे गैर जमानती अपराध बनाया गया है।
जुनैद खान, सुनील शर्मा, डॉ. शिराज बदर, अशोक वालिया, मनोज विज, शिव खेत्रपाल, रोहन राजपाल, सुमित सडाना, सुशील शर्मा, ज्ञानचंद सचदेवा, चेतनलाल, अनिल लांबा, अमन चावला, लोकेश गुर्जर, प्रवीन राठौर, राजेश मल्होत्रा, राजीव खरबंदा, प्रिंस शर्मा, मुकेश सेठी, विजय खुराना, कपिल बजाज, सार्थक नारंग, चिराग नारंग, रातीव विंग, विकास खरबंदा, मुस्तफा मलिक, अनिल धारिया आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को व्यापारियों ने जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुतला दहन करने के बाद महानगर अध्यक्ष राधेश्याम नारंग, महामंत्री राजेश गुलाटी, पंकज और ओमप्रकाश बंसल ने कहा कि जीएसटी की सभी खामियों को दूर किया जाए।
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इसमें एक पंजीकरण, एक रिटर्न और एक कर निर्धारण की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी के प्रस्तावित प्रारूप में विभागों के इंस्पेक्टरों को असीमित अधिकार दिए गए हैं। इससे कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारी की छोटी सी गलती पर गिरफ्तार तक करा सकता है।
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जीएसटी के प्रावधानों की विभिन्न धाराओं में 5 से 25 हजार रुपये जुर्माने का अधिकार दिया गया है। जीएसटी और सीजीएसटी की विभिन्न धाराओं में 6 माह से 5 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है और इसे गैर जमानती अपराध बनाया गया है।
जुनैद खान, सुनील शर्मा, डॉ. शिराज बदर, अशोक वालिया, मनोज विज, शिव खेत्रपाल, रोहन राजपाल, सुमित सडाना, सुशील शर्मा, ज्ञानचंद सचदेवा, चेतनलाल, अनिल लांबा, अमन चावला, लोकेश गुर्जर, प्रवीन राठौर, राजेश मल्होत्रा, राजीव खरबंदा, प्रिंस शर्मा, मुकेश सेठी, विजय खुराना, कपिल बजाज, सार्थक नारंग, चिराग नारंग, रातीव विंग, विकास खरबंदा, मुस्तफा मलिक, अनिल धारिया आदि मौजूद रहे।