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आत्म विश्वास जगाएं, अपराजिता बन जाएं

Mon, 08 Jul 2019 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 11:30 PM IST
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Build self-confidence, become Aparajita
पाईनवुड स्कूल मे अमर उजाला अपराजिता और प्रशासन द्वारा बालिका सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यक्रम म - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें आत्म विश्वास जगाकर अपराजिता बनने की मुहिम के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत अमर उजाला के अपराजिता और प्रशासन के बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान 2019 के माध्यम से महानगर के कई स्कूलों की बालिकाओं को खुद को सुरक्षित रखने के गुर दिए गए और शासन की ओर से चलाई जा रही हेल्पलाइन की जानकारी दी गई।
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दिल्ली रोड स्थित पावनवुड स्कूल के ऑडोटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा और मुख्य चिकित्साधिकारी बीएस सोढी ने किया और पाइनवुड स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात प्रोजेक्टर के माध्यम से पाइनवुड स्कूल, डीपीएस, सरस्वती विहार सीनियर सेकेंडरी और रेनबो स्कूल की छात्राओं को शॉर्ट फिल्म दिखाई गई, जिसके माध्यम से बताया गया कि गुड और बेड टच क्या होता है। उन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति उनको टच करता है तो वह किस नीयत से हाथ लगा रहा है, इस बारे में छात्राओं को विस्तार से समझाया गया।
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एसपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि पुलिस-प्रशासन और शासन महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए पुलिस की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हमें पहले अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी, जब हम अपनी सुरक्षा खुद करेंगे तो ईश्वर भी हमारे साथ होगा। स्कूल आते-जाते या कहीं पर भी कोई व्यक्ति छेड़छाड़ करता है तो उसका तुरंत रिएक्ट करना चाहिए। अगर कोई अटैक करता है तो बालिका हो या महिला उसको तुरंत काउंटर अटैक करना चाहिए। पुलिस का इंतजार करने से पहले खुद अपनी सुरक्षा करें। एसपी सिटी ने बालिकाओं से कई सवाल भी पूछे। जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि बालिकाएं और महिलाएं विकट परिस्थिति में 181 महिला हेल्पलाइन, डायल 100, 1090, 1098 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकती है। पुलिस और प्रशासन हर समय मदद के लिए तैयार है, लेकिन छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें खुद भी जागरूक होना होगा।
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महिला थाने की एसआई और एंटी रोमियो स्कवायड कोतवाली सदर बाजार की प्रभारी सावित्री ने हेल्पलाइन जानकारी देने के साथ बालिकाओं को सुरक्षित रहने के गुर दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाएं और महिलाएं सशक्त बनेे। सबसे पहले हमें बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे पर पूरी तरह अमल करना होगा। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बेटियों को जूडो-कराटे, मार्शल आर्ट जैसी विद्याएं जरूर दिलाए। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि अगर वह कहीं अकेली जाती है जाती हैं तो जिस बस, थ्रीव्हीलर या किसी भी वाहन में सफर कर रही हों तो उसका नंबर जरूर नोट करें और व्हाट्सएप के माध्यम से नंबर और लाइव लोकेशन अपने परिजनों को जरूर भेजें। इसके साथ ही वह कहां और कब तक आएंगी, इसका मैसेज भी अपने अभिभावकों को करती रहें। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बीमारियों से बचाव और आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी पवन शर्मा और गौरी वर्मा ने किया। इस दौरान सभी स्कूलों का स्टाफ मौजूद रहा।
चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोल, मार्शल आर्ट के गुर दिए
वरिष्ठ रंगकर्मी पवन शर्मा ने बालिकाओं से कहा कि सबसे पहले वह अपनी चुप्पी तोड़ें और खुलकर बोलें। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर चुप न रहे और अपने परिजनों एवं गुरुजनों को बताएं। क्योंकि, चुप रहना ही बड़ी घटना का कारण बनता है। विंग चुंग कुंग-फुं ग्रैंड मास्टर राजेश आर्य ने अपनी टीम के साथ बालिकाओं को मंच पर बुलाकर मार्शल आर्ट के गुर दिए। उन्होंने बताया कि जैसी भी परिस्थिति हो, उसके हिसाब से ही छेड़छाड़ करने वाले या अटैकर को तुरंत उसकी जुबान में ही जवाब देकर अपनी सुरक्षा करें। उन्होंने छात्राओं को मार्शल आर्ट के गुर दिए।
इन बातों की प्रमुखता से दी जानकारी
- हमला होने पर चुप न रहें।
- कोई छेड़छाड़ करे तो डायल 100 और 1090 नंबर पर तुरंत सूचना दें।
- घबराएं नहीं, अपने पर्स मिची पाउडर या स्प्रे रखें।
- बालों में लगाने वाली पिन को भी हथियार के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।
- कभी किसी पर आंख बंद कर विश्वास न करें।
बोली छात्राएं, नहीं डरेंगे हम
इस कार्यक्रम के माध्यम से मेरा आत्म विश्वास बढ़ा है। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। ताकि बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के बारे में जानकारी मिलती रही। इसके लिए वह अमर उजाला और प्रशासन का धन्यवाद करती हैं। - शगुन, कक्षा दस की छात्रा, सरस्वती विहार सेकेंडरी स्कूल
इस कार्यक्रम के जरिए हमें हेल्पलाइन के बारे में जानकारी मिली है। इसके अलावा मार्शल आर्ट के माध्यम से पता चला कि छेड़छाड़ के दौरान आरोपी व्यक्ति का कैसे सामना किया जाता है। इस कार्यक्रम में शामिल होकर वह उत्साहित हैं। - दिव्यांशी, कक्षा दस की छात्रा रेनबो स्कूल
बालिकाओं और महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने का अच्छा प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से अपने मन की बात करने पर आत्म विश्वास बढ़ता है। - मिदुषी पंवार, कक्षा छह की छात्रा, पाइनवुड स्कूल

कार्यक्रम से काफी कुछ सीखा है। लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। जरूरत है कि समय-समय पर उनका आत्म विश्वास जगाया जाए। ऐसे कार्यक्रमों से आत्म निर्भर बनने में बहुत मदद मिलती है। इसलिए हर माह ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए। - सुखरीति, कक्षा आठ की छात्रा, डीपीएस
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