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बसपा की रैली बढ़ाएगी दूसरे दलों की बेचैनी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:47 AM IST
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मायावती
- फोटो : PTI
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सहारनपुर में विधानसभा चुनाव की आहट से पहले अपनी जमीन मजबूत करने निकली बसपा सुप्रीमो मायावती की सहारनपुर रैली से सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है।
इस रैली के ठीक एक सप्ताह बाद कांग्रेस के महारथी भी यहां पहुंचेंगे। ऐसे में बसपा इस रैली के जरिये अपने शक्ति प्रदर्शन का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेगी।
पार्टी के सिपहसलारों ने दो महीने पहले हुए पीएम नरेंद्र मोदी की सभा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बसपा के बेहद मजबूत गढ़ सहारनपुर से पूर्व मुख्यमंत्री सोशल इंजीनियरिंग का संदेश देने की कोशिश करेंगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सहारनपुर के हरौड़ा से दो बार विधायक बन चुकी बसपा प्रमुख विधानसभा 2017 के लिए इसी जमीन से पूरे वेस्ट को साधने की कोशिश करेंगी।
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2014 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार सहारनपुर आ रही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लिए यह रैली बेहद अहम मानी जा रही है। कारण, सहारनपुर बसपा का वेस्ट यूपी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।
ऐसे में दलितों के साथ अन्य जातियों पर पैनी नजर रख रही बसपा अपने इस गढ़ से वेस्ट यूपी की 40 से ज्यादा सीटों को साधने की पूरी कोशिश करेगी।
बसपा ने सबसे विरोधी दलों को मात देेने के लिए इस रैली का आयोजन उस मैदान पर किया है, जहां दो महीने पहले ही पीएम मोदी ने केन्द्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सभा की थी। ऐसे में बसपा प्रदर्शन कर भीड़ जुटाकर संदेश देना चाहेगी।
दरअसल, बसपा भीड़ जुटाकर भाजपा को निशाना लेना चाहेगी। ताकि उसके सोशल इंजीनियरिंग में फिट बैठ रही जातियों में उसकी सेंधमारी हो सके और बसपा की मजबूती का संदेश भी दिया जा सके।
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इस रैली के ठीक एक सप्ताह बाद कांग्रेस के महारथी भी यहां पहुंचेंगे। ऐसे में बसपा इस रैली के जरिये अपने शक्ति प्रदर्शन का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेगी।
पार्टी के सिपहसलारों ने दो महीने पहले हुए पीएम नरेंद्र मोदी की सभा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बसपा के बेहद मजबूत गढ़ सहारनपुर से पूर्व मुख्यमंत्री सोशल इंजीनियरिंग का संदेश देने की कोशिश करेंगी।
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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सहारनपुर के हरौड़ा से दो बार विधायक बन चुकी बसपा प्रमुख विधानसभा 2017 के लिए इसी जमीन से पूरे वेस्ट को साधने की कोशिश करेंगी।
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2014 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार सहारनपुर आ रही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लिए यह रैली बेहद अहम मानी जा रही है। कारण, सहारनपुर बसपा का वेस्ट यूपी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।
ऐसे में दलितों के साथ अन्य जातियों पर पैनी नजर रख रही बसपा अपने इस गढ़ से वेस्ट यूपी की 40 से ज्यादा सीटों को साधने की पूरी कोशिश करेगी।
बसपा ने सबसे विरोधी दलों को मात देेने के लिए इस रैली का आयोजन उस मैदान पर किया है, जहां दो महीने पहले ही पीएम मोदी ने केन्द्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सभा की थी। ऐसे में बसपा प्रदर्शन कर भीड़ जुटाकर संदेश देना चाहेगी।
दरअसल, बसपा भीड़ जुटाकर भाजपा को निशाना लेना चाहेगी। ताकि उसके सोशल इंजीनियरिंग में फिट बैठ रही जातियों में उसकी सेंधमारी हो सके और बसपा की मजबूती का संदेश भी दिया जा सके।