{"_id":"582a0d0f4f1c1b57368fe580","slug":"broken-track-underwent-goodwill-express","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटे ट्रैक से गुजरी सद्भावना एक्सप्रेस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटे ट्रैक से गुजरी सद्भावना एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
टूटी ट्रैक को ठीक करते हुए रेलवेकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में रेलवे स्टेशन पर टूटे हुए ट्रैक से सद्भावना एक्सप्रेस के गुजरने से बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
तुरंत मंडल मुख्यालय को घटना से अवगत कराया गया। साथ ही आनन-फानन में रेल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मात्र 20 मिनट में ट्रैक को दुरुस्त कराया।
सोमवार की सुबह आठ बजकर 55 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर छह से लखनऊ-चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस गुजरी। उसके तुरंत बाद एक कर्मचारी की नजर ट्रैक में आए क्रैक पर पड़ी।
उसने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय रेल अधिकारियों को दी। इससे रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के गुजरने के दौरान कोई बड़ा हादसा न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने करीब नौ बजे ट्रैक को दुरुस्त कराने का काम शुरू करा दिया। नौ बजकर 20 मिनट तक ट्रैक को दुरुस्त करा दिया गया। इसके बाद ही बाकी की ट्रेनों को ट्रैक से निकलने की अनुमति दी गई।
रेल अधिकारियों ने ट्रैक में क्रैक की सूचना मंडल मुख्यालय को भी दी। उधर, रेलवे ट्रैक में क्रैक की यह पहली घटना नहीं है। करीब तीन महीने के अंतराल में ट्रैक में क्रैक आने समेत अनेक तरह की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
मंडल मुख्यालय ने घटनाओं को गंभीरता से लिया है। कुछ ही दिन पहले डीआरएम ने इस तरह की घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तक कराई थी। मगर उसके बाद भी घटनाएं होना जारी हैं। गनीमत यह रही कि अब तक हुए हादसों में किसी की जान या माल का नुकसान नहीं हुआ है।
स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर लाइन को वॉशेबल बनाने का काम कुछ ही दिन पहले शुरू हुआ है। ट्रैक को सीमेंटिड बनाया जा रहा है। इसकी वजह से अनेक ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
इसकी वजह से प्लेटफार्म नंबर छह पर भी ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है, जिस पर अभी तक ज्यादातर माल गाड़ियां ही गुजरती हैं। माना जा रहा है कि ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने और सर्दी की वजह से क्रैक आया है, जो नई घटना नहीं है।
विज्ञापन
तुरंत मंडल मुख्यालय को घटना से अवगत कराया गया। साथ ही आनन-फानन में रेल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मात्र 20 मिनट में ट्रैक को दुरुस्त कराया।
सोमवार की सुबह आठ बजकर 55 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर छह से लखनऊ-चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस गुजरी। उसके तुरंत बाद एक कर्मचारी की नजर ट्रैक में आए क्रैक पर पड़ी।
विज्ञापन
उसने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय रेल अधिकारियों को दी। इससे रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के गुजरने के दौरान कोई बड़ा हादसा न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने करीब नौ बजे ट्रैक को दुरुस्त कराने का काम शुरू करा दिया। नौ बजकर 20 मिनट तक ट्रैक को दुरुस्त करा दिया गया। इसके बाद ही बाकी की ट्रेनों को ट्रैक से निकलने की अनुमति दी गई।
रेल अधिकारियों ने ट्रैक में क्रैक की सूचना मंडल मुख्यालय को भी दी। उधर, रेलवे ट्रैक में क्रैक की यह पहली घटना नहीं है। करीब तीन महीने के अंतराल में ट्रैक में क्रैक आने समेत अनेक तरह की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
मंडल मुख्यालय ने घटनाओं को गंभीरता से लिया है। कुछ ही दिन पहले डीआरएम ने इस तरह की घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तक कराई थी। मगर उसके बाद भी घटनाएं होना जारी हैं। गनीमत यह रही कि अब तक हुए हादसों में किसी की जान या माल का नुकसान नहीं हुआ है।
स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर लाइन को वॉशेबल बनाने का काम कुछ ही दिन पहले शुरू हुआ है। ट्रैक को सीमेंटिड बनाया जा रहा है। इसकी वजह से अनेक ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
इसकी वजह से प्लेटफार्म नंबर छह पर भी ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है, जिस पर अभी तक ज्यादातर माल गाड़ियां ही गुजरती हैं। माना जा रहा है कि ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने और सर्दी की वजह से क्रैक आया है, जो नई घटना नहीं है।