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गोशाला में पराली लाओ, कम्पोस्ट खाद ले जाओ
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सहारनपुर। संयुक्त निदेशक (कृषि) डीएस राजपूत ने कहा कि किसान अपनी पराली गोशाला में चारे के रूप में उपलब्ध कराए और उसके बदले में कंपोस्ट खाद ले जाएं। कंपोस्ट खाद का प्रयोग करके किसान अपनी भूमि में जीवांश पदार्थ की मात्रा में वृद्धि कर सकते हैं।
मंगलवार को कृषि विज्ञान सभागार में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा सरकार ने फसल अवशेष जलाने को हतोत्साहित करने के लिए दो एकड़ के कृषकों को 2500, दो से पांच एकड़ तक के कृषकों को 5000 एवं पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों को 15000 रुपये तक अर्थदंड प्रति घटना वसूलने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा एक ग्राम मिट्टी में अरबों मित्र जीवाणु होने चाहिए जो जीवांश कार्बन से अपना भोजन प्राप्त करते हैं। उन्होंने जीवांश पदार्थ की वृद्धि के लिए फसल अवशेष प्रबंधन की विस्तार जानकारी दी। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने वर्मी कंपोस्ट तैयार करने, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आईके कुशवाहा ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पूसा डी कंपोजर का प्रयोग करने के फायदे बताए। इस दौरान डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. सुखदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह मलिक रीना, डॉ. सुनील दत्त प्रजापति, मंडी निरीक्षक जगपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को कृषि विज्ञान सभागार में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा सरकार ने फसल अवशेष जलाने को हतोत्साहित करने के लिए दो एकड़ के कृषकों को 2500, दो से पांच एकड़ तक के कृषकों को 5000 एवं पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों को 15000 रुपये तक अर्थदंड प्रति घटना वसूलने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा एक ग्राम मिट्टी में अरबों मित्र जीवाणु होने चाहिए जो जीवांश कार्बन से अपना भोजन प्राप्त करते हैं। उन्होंने जीवांश पदार्थ की वृद्धि के लिए फसल अवशेष प्रबंधन की विस्तार जानकारी दी। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने वर्मी कंपोस्ट तैयार करने, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
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जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आईके कुशवाहा ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पूसा डी कंपोजर का प्रयोग करने के फायदे बताए। इस दौरान डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. सुखदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह मलिक रीना, डॉ. सुनील दत्त प्रजापति, मंडी निरीक्षक जगपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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