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फर्नीचर घोटाले के दोनों आरोपी कोर्ट में पेश कर भेजे जेल
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फर्नीचर घोटाले में पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। फर्नीचर खरीद घोटाले में थाना सदर बाजार पुलिस ने आरोपी जिला समन्वयक (निर्माण) विजयंत कुमार, फर्नीचर भेजने वाले तुषारकांत शर्मा को धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है।
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने न्याय पंचायत संसाधन केंद्र वाले विद्यालयों में फर्नीचर खरीद में घोटाले की शिकायत की थी। इसमें फर्नीचर की गुणवत्ता खराब होने और खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने पुवांरका के 12 विद्यालयों का निरीक्षण कर फर्नीचर की गुणवत्ता देखी, जो खराब मिली। इस पर संबंधित प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे।
मंगलवार को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बीएसए के अलावा नागल और पुंवारका ब्लाक क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर पूछताछ कराई। इसी दौरान प्रधानाध्यापकों के बयान भी दर्ज कराए गए। अध्यापकों ने बताया कि फर्नीचर गाड़ियों के द्वारा विद्यालय पहुंचाया गया था। चालक ने जिला समन्वयक विजयंत से बात कराई थी। विजयंत पर आरोप है कि उन्होंने विभाग की ओर से फर्नीचर भेजे जाने की बात कहते हुए भुगतान के लिए दबाव बनाया। वहीं, विजयंत द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की सुनवाई में अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विजयंत, गाड़ी चालक नफीस और फर्नीचर भेजने वाले तुषारकांत शर्मा के खिलाफ थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी पंकज कुमार पंत ने बताया कि साजिश के साथ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में विजयंत और तुषारकांत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है। आरोपी नफीस को तलाश किया जा रहा है, जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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विजयंत की संविदा समाप्त
सहारनपुर। एनपीआरसी वाले विद्यालयों में फर्नीचर खरीद घोटाले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जिला समन्वयक विजयंत की संविदा समाप्त कर दी गई है। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि उपायुक्त उद्योग से भी फर्नीचर की गुणवत्ता की जांच कराई है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर ब्लाक समन्वयकों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। जिन समन्वयकों ने लापरवाही बरती है, उनकी संविदा समाप्त कराने के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने न्याय पंचायत संसाधन केंद्र वाले विद्यालयों में फर्नीचर खरीद में घोटाले की शिकायत की थी। इसमें फर्नीचर की गुणवत्ता खराब होने और खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने पुवांरका के 12 विद्यालयों का निरीक्षण कर फर्नीचर की गुणवत्ता देखी, जो खराब मिली। इस पर संबंधित प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे।
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मंगलवार को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बीएसए के अलावा नागल और पुंवारका ब्लाक क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर पूछताछ कराई। इसी दौरान प्रधानाध्यापकों के बयान भी दर्ज कराए गए। अध्यापकों ने बताया कि फर्नीचर गाड़ियों के द्वारा विद्यालय पहुंचाया गया था। चालक ने जिला समन्वयक विजयंत से बात कराई थी। विजयंत पर आरोप है कि उन्होंने विभाग की ओर से फर्नीचर भेजे जाने की बात कहते हुए भुगतान के लिए दबाव बनाया। वहीं, विजयंत द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की सुनवाई में अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विजयंत, गाड़ी चालक नफीस और फर्नीचर भेजने वाले तुषारकांत शर्मा के खिलाफ थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी पंकज कुमार पंत ने बताया कि साजिश के साथ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में विजयंत और तुषारकांत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है। आरोपी नफीस को तलाश किया जा रहा है, जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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विजयंत की संविदा समाप्त
सहारनपुर। एनपीआरसी वाले विद्यालयों में फर्नीचर खरीद घोटाले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जिला समन्वयक विजयंत की संविदा समाप्त कर दी गई है। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि उपायुक्त उद्योग से भी फर्नीचर की गुणवत्ता की जांच कराई है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर ब्लाक समन्वयकों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। जिन समन्वयकों ने लापरवाही बरती है, उनकी संविदा समाप्त कराने के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।