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हड्डी के पेइंग वार्ड को बर्न वार्ड में किया तब्दील
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-नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए बर्न वार्ड चिह्नित
-सर्जिकल, हड्डी और बर्न वार्ड हुए नजदीक, मरीजों को मिलेगी और बेहतर सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में कुछ बदलाव किया गया है। हड्डी के पेइंग वार्ड को बर्न वार्ड में तब्दील कर दिया है। यह वार्ड छह से आठ बेड का है। अस्पताल प्रबंधन ने बर्न वार्ड को नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए चयन किया है। इस व्यवस्था से मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों को भी राहत मिलेगी।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसको लेकर समय-समय पर कुछ बदलाव किए जाते रहे हैं। नशे के रोगियों के लिए एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटीज की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन, इन्हें भर्ती करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। अब अस्पताल प्रबंधन ने बर्न वार्ड को खाली कराकर नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए चिह्नित किया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
बर्न वार्ड के मरीजों को हड्डी के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। अब पेइंग वार्ड को ही बर्न वार्ड कहा जाएगा। खास बात यह है कि हड्डी, सर्जिकल और बर्न वार्ड नजदीक हो गए हैं। ऐसे में मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, साथ ही सर्जन को भी दूर जाना नहीं पड़ेगा। पहले बर्न वार्ड इमरजेंसी के पास संचालित था।
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वर्जन
बर्न वार्ड के मरीज हड्डी के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किए गए हैं। अब पेइंग वार्ड को बर्न वार्ड कहा जाएगा। नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए बर्न वार्ड खाली कराया है, ताकि नशा करने वाले रोगियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।
-डॉ. बृजेश राठौर, प्रभारी प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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-सर्जिकल, हड्डी और बर्न वार्ड हुए नजदीक, मरीजों को मिलेगी और बेहतर सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में कुछ बदलाव किया गया है। हड्डी के पेइंग वार्ड को बर्न वार्ड में तब्दील कर दिया है। यह वार्ड छह से आठ बेड का है। अस्पताल प्रबंधन ने बर्न वार्ड को नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए चयन किया है। इस व्यवस्था से मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों को भी राहत मिलेगी।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसको लेकर समय-समय पर कुछ बदलाव किए जाते रहे हैं। नशे के रोगियों के लिए एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटीज की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन, इन्हें भर्ती करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। अब अस्पताल प्रबंधन ने बर्न वार्ड को खाली कराकर नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए चिह्नित किया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
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बर्न वार्ड के मरीजों को हड्डी के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। अब पेइंग वार्ड को ही बर्न वार्ड कहा जाएगा। खास बात यह है कि हड्डी, सर्जिकल और बर्न वार्ड नजदीक हो गए हैं। ऐसे में मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, साथ ही सर्जन को भी दूर जाना नहीं पड़ेगा। पहले बर्न वार्ड इमरजेंसी के पास संचालित था।
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बर्न वार्ड के मरीज हड्डी के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किए गए हैं। अब पेइंग वार्ड को बर्न वार्ड कहा जाएगा। नशे के रोगियों को भर्ती करने के लिए बर्न वार्ड खाली कराया है, ताकि नशा करने वाले रोगियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।
-डॉ. बृजेश राठौर, प्रभारी प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल