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Saharanpur News: फसल अवशेष से बनेगी बायो सीएनजी और जैविक खाद

Sat, 10 Jun 2023 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 10 Jun 2023 12:28 AM IST
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Bio CNG and organic fertilizer will be made from crop residue
सहारनपुर के ग्राम इस्सेपुर में निर्माणधीन इकाई
सहारनपुर। जनपद में फसल अवशेष, गोबर और शुगर मिलों की मैली से बायो सीएनजी (कम्प्रेस्ड बायो गैस) और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इसके लिए जनपद में तीन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इनमें गंगोह विकास खंड के गांव इस्सेपुर में सेवोजोन एनर्जी एंड फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित होने वाली इकाई में 15 फीसदी से अधिक कार्य हो चुका है। इसके मार्च 2024 तक शुरू होने की संभावना है।
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जिले के किसानों को अब फसल अवशेष प्रबंधन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। फसल अवशेष, गोबर और चीनी मिलों की मैली से बायो सीएनजी और जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। इससे न सिर्फ फसल अवशेष को जलाने से पैदा होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगेगा बल्कि किसान फसल अवशेष को इन इकाइयों को बेचकर आय भी प्राप्त कर सकेंगे। इन इकाइयों में उत्पादित बायो सीएनजी एक सरकारी तेल कंपनी को सहारनपुर, शामली और करनाल में बिक्री के लिए दी जाएगी और जैविक खाद को किसानों को बेचा जाएगा।
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इन इकाइयों में पोटाश, एनपीके डीएपी आदि जैविक खाद तैयार की जाएगी। यह खाद न सिर्फ उर्वरकों से सस्ती होगी, बल्कि मृदा का स्वास्थ्य सुधारने में भी सहायक होगी।
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सेवाेजोन एनर्जी एवं फर्टिलाइजर कम्पनी के निदेशक अमित राणा ने बताया कि कम्पनी बायो सीएनजी की एक इकाई स्थापित करने के लिए बेहट क्षेत्र में जमीन तलाश रही है। जबकि शामली के बुटराडा और ऊन में इकाई लगाने के लिए भूमि खरीद ली है। एक अन्य कम्पनी की एक इकाई सढ़ोली हरिया में निर्माणाधीन है। संवाद
नैपियर घास की होगी अनुबंध खेती, किसानों की बढ़ेगी आय
सहारनपुर। सेवोजाॅन एनर्जी एंड फर्टिलाइजर कंपनी के निदेशक अमित राणा और जैविल राणा ने बताया कि इस्सेपुर में 30 करोड़ रुपये से स्थापित होने वाली इकाई को प्रतिदिन 120 टन से अधिक फसल अवशेष, गोबर एवं चीनी मिल की मैली की आवश्यकता होगी। इसमें करीब 100 टन फसल अवशेष होना जरूरी है। इसके चलते क्षेत्र के किसानों से करीब 100 एकड़ में नैपियर घास की अनुबंध खेती कराई जाएगी। नैपियर घास को एक बार लगाकर उससे आठ से दस वर्ष तक उत्पादन लिया जा सकता है। नैपियर घास की कटाई वर्ष में पांच बार होती है। इसका एक एकड़ में प्रतिवर्ष 90 से 100 टन औसत उत्पादन आसानी से हो जाता है। जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। इसे किसानों से नकद खरीदा जाएगा। बायो सीएनजी की बिक्री के लिए कम्पनी अपना भी एक गैस स्टेशन बनाएगी।

जनपद में गोबर, फसल अवशेष और चीनी मिल की मैली से बायो सीएनजी और जैविक खाद तैयार करने की तीन इकाइयां लगाई जा रही हैं। लखनऊ में हुई इन्वेस्टर्स मीट में इन इकाइयों के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। दो इकाइयों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
- सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग

सहारनपुर के ग्राम इस्सेपुर में निर्माणधीन इकाई

सहारनपुर के ग्राम इस्सेपुर में निर्माणधीन इकाई

सहारनपुर के ग्राम इस्सेपुर में निर्माणधीन इकाई

सहारनपुर के ग्राम इस्सेपुर में निर्माणधीन इकाई

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