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Saharanpur News: शैक्षिक योग्यता के आधार पर एक से चार साल की होगी बीएड
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-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आगामी वर्षों में बदलने वाला है बीएड का पैटर्न
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर का मानक तैयार होगा। सरकारी हो या गैर सरकारी विद्यालय उनमें शिक्षक के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बीएड होगी। अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता के आधार पर बीएड की डिग्री एक से चार साल तक की होगी।
नेशनल काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एनसीटीई) को शिक्षकों के लिए एक समान मानक तैयार करने को कहा गया है। यह पैरामीटर नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड फॉर टीचर्स कहलाएंगे। काउंसिल यह कार्य जनरल एजुकेशन काउंसिल के निर्देशन में पूरा करेगी।
सरकार ने कहा है कि साल 2030 तक सभी बहुआयामी काॅलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पठन-पाठन के कोर्स को संस्थानों के अनुरूप अपग्रेड किया जाए। साल 2030 तक शिक्षकों के लिए न्यूनतम डिग्री बीएड होगी, इसकी अधिकतम अवधि चार साल होगी। 12वीं के बाद बीएड करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री चार साल की होगी। बीएड की दो साल की डिग्री उन स्नातक अभ्यर्थियों के लिए होगी, जिन्होंने किसी खास विषय में चार साल की पढ़ाई की हो। चार साल की स्नातक की पढ़ाई के साथ ही स्नातकोत्तर की भी डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बीएड की डिग्री एक साल में मिलेगी।
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मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीटी मानक तैयार करेगी। जिसके बाद ही उसे लागू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर का मानक तैयार होगा। सरकारी हो या गैर सरकारी विद्यालय उनमें शिक्षक के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बीएड होगी। अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता के आधार पर बीएड की डिग्री एक से चार साल तक की होगी।
नेशनल काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एनसीटीई) को शिक्षकों के लिए एक समान मानक तैयार करने को कहा गया है। यह पैरामीटर नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड फॉर टीचर्स कहलाएंगे। काउंसिल यह कार्य जनरल एजुकेशन काउंसिल के निर्देशन में पूरा करेगी।
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सरकार ने कहा है कि साल 2030 तक सभी बहुआयामी काॅलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पठन-पाठन के कोर्स को संस्थानों के अनुरूप अपग्रेड किया जाए। साल 2030 तक शिक्षकों के लिए न्यूनतम डिग्री बीएड होगी, इसकी अधिकतम अवधि चार साल होगी। 12वीं के बाद बीएड करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री चार साल की होगी। बीएड की दो साल की डिग्री उन स्नातक अभ्यर्थियों के लिए होगी, जिन्होंने किसी खास विषय में चार साल की पढ़ाई की हो। चार साल की स्नातक की पढ़ाई के साथ ही स्नातकोत्तर की भी डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बीएड की डिग्री एक साल में मिलेगी।
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मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीटी मानक तैयार करेगी। जिसके बाद ही उसे लागू किया जाएगा।