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लापरवाही पर वीडीओ को निलंबित किया
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट
Updated Sun, 17 Jan 2016 12:32 AM IST
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मुजफ्फराबाद ब्लाक की लोहिया ग्राम पंचायत टोली में रात्रि प्रवास के दौरान डीएम पवन कुमार सख्त दिखाई दिए। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने और कार्रवाई रजिस्ट्रार में खामियां मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने में देर नहीं लगाई। इतना ही नहीं खतौनी में देरी से विरासत दर्ज किए जाने की शिकायत मिलने पर हलका लेखपाल को भी हड़काया।
डीएम शुक्रवार की सांय ठीक छह बजे लोहिया गांव टोली पहुंचे और यहां लगाए गए लंबे चौड़े पंडाल में बैठकर ग्रामीणों से सीधी बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं को जाना। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा विधवा एवं वृद्धा अवस्था, समाजवादी, विकलाग पेंशन योजनाओं के तहत आवेदन किए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिला।
ग्रामीण मेहरबान ने बताया कि जिस गली में उसका मकान है, वह गली 27 मीटर लंबी है। उसमें आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। इस पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी के जेई को बुलाया। जेई ने डीएम को बताया कि सड़क निर्माण के लिए उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं आया। इस डीएम ने ग्राम प्रधान एवं सचिव को सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उन्होंने एक-एक करके उन सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाना शुरू किया, जिनके द्वारा लोहिया गांव में चयनित होने के बाद से यहां कार्य कराया गया। विकास कार्य संबंधित प्रस्तुत किए गए रिकार्ड की बाबत उन्होंने ग्रामीणों से पुष्टि की।
ग्रामीण कामिल आदि ने शिकायत की कि उनसे शौचालय निर्माण के लिए सचिव द्वारा 900-900 रूपये की वसूली की गई है। अभी तक शौचालय अधूरे पड़े थे। उनके रात्रि प्रवास का कार्यक्रम आने के बाद ही आनन-फानन में चंद घंटे पहले ही उनकी पुताई कराई गई है।
इस पर डीएम ने सचिव को बुलवाकर उनका कार्रवाई रजिस्ट्रर चैक किया, जिसमें लोहिया आवास के लिए सरकार द्वारा दी गई धनराशि 1.35 लाख रूपये अंकित थी, जबकि शासन से मिली धनराशि 2.75 लाख रूपये थी।
रजिस्ट्रर में खामियां मिलने पर डीएम का पारा चढ़ गया और उन्हें कार्य में लापरवाही बरतने एवं रिकार्ड में खामियां मिलने पर पंचायत सचिव सतपाल कोहली को निलंबित कर दिया और बीडीओ अमरीश कुमार के खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई के लिए साथ में मौजूद सीडीओ मोनिका रानी को निर्देशित किया।
इसके बाद उनके द्वारा हलका लेखपाल राजपाल सिंह को बुलाया और उनसे सवाल किया कि खतौनी कब देखी थी? इस पर लेखपाल ने जवाब दिया कि दिसंबर 2015 में। इस पर डीएम ने खतौनी चक ेकी और पंडाल में बैठे कई ग्रामीणों को खड़ा कर विरासत दर्ज किए जाने के संबंध में पूछा।
एक ग्रामीण की शिकायत पर विरासत देरी से दर्ज करने पर डीएम ने लेखपाल को हड़काया। साथ ही एसडीएम बेहट शीतल प्रसाद गुप्ता पर नाराज हुए। बोले आपका लेखपालों पर कंट्रोल नहीं है।
इसके बाद उन्होंने एक्सईएन पावर कार्पोरेशन को बुलाया। ग्रामीणों ने पावर कार्पोरेशन से संबंधित समस्या के बारे में ग्रामीणों से पूछा तो ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में रखा 100 केवी के ट्रांसफामर्र में काफी दिन से फाल्ट है। कई बार बड़ा हादसा होने से बचा है।
इस पर एक्सईएन ने कहा कि गांव में 65 कनेक्शन है, जबकि 300 परिवार बिजली का उपयोग कर रहे है। ओवरलोड के चलते समस्या आ रही है। ग्रामीणों पर बिलों के 18 लाख रुपये बकाया हैं।
इस पर ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि न तो उनके पास कोई बिल आता है और न ही भुगतान लेने के लिए टीम। इस पर डीएम ने एक्सईएन को बिलों की वसूली एवं नए कनेक्शन करने के लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय की शिक्षण कार्य की गुणवत्ता को परखने के लिए कक्षा पांच में पढ़ने वाले मुबीन व कक्षा चार में पढ़ने वाले मोहम्मद अकरम को बुलाया।
उन्होंने ने उनसे उनके विद्यालयों के अध्यापकों की संख्या और उनके नाम पूछने के साथ ही उनके पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल किए। सही जवाब देने पर डीएम ने दोनों छात्रों को 100-100 रुपये का पुरस्कार दिया। इस दौरान एसएसपी आरपी सिंह यादव, सीडीओ मोनिका रानी, एसडीएम एसपी गुप्ता, पीडी चंद्रशेखर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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डीएम शुक्रवार की सांय ठीक छह बजे लोहिया गांव टोली पहुंचे और यहां लगाए गए लंबे चौड़े पंडाल में बैठकर ग्रामीणों से सीधी बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं को जाना। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा विधवा एवं वृद्धा अवस्था, समाजवादी, विकलाग पेंशन योजनाओं के तहत आवेदन किए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिला।
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ग्रामीण मेहरबान ने बताया कि जिस गली में उसका मकान है, वह गली 27 मीटर लंबी है। उसमें आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। इस पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी के जेई को बुलाया। जेई ने डीएम को बताया कि सड़क निर्माण के लिए उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं आया। इस डीएम ने ग्राम प्रधान एवं सचिव को सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उन्होंने एक-एक करके उन सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाना शुरू किया, जिनके द्वारा लोहिया गांव में चयनित होने के बाद से यहां कार्य कराया गया। विकास कार्य संबंधित प्रस्तुत किए गए रिकार्ड की बाबत उन्होंने ग्रामीणों से पुष्टि की।
ग्रामीण कामिल आदि ने शिकायत की कि उनसे शौचालय निर्माण के लिए सचिव द्वारा 900-900 रूपये की वसूली की गई है। अभी तक शौचालय अधूरे पड़े थे। उनके रात्रि प्रवास का कार्यक्रम आने के बाद ही आनन-फानन में चंद घंटे पहले ही उनकी पुताई कराई गई है।
इस पर डीएम ने सचिव को बुलवाकर उनका कार्रवाई रजिस्ट्रर चैक किया, जिसमें लोहिया आवास के लिए सरकार द्वारा दी गई धनराशि 1.35 लाख रूपये अंकित थी, जबकि शासन से मिली धनराशि 2.75 लाख रूपये थी।
रजिस्ट्रर में खामियां मिलने पर डीएम का पारा चढ़ गया और उन्हें कार्य में लापरवाही बरतने एवं रिकार्ड में खामियां मिलने पर पंचायत सचिव सतपाल कोहली को निलंबित कर दिया और बीडीओ अमरीश कुमार के खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई के लिए साथ में मौजूद सीडीओ मोनिका रानी को निर्देशित किया।
इसके बाद उनके द्वारा हलका लेखपाल राजपाल सिंह को बुलाया और उनसे सवाल किया कि खतौनी कब देखी थी? इस पर लेखपाल ने जवाब दिया कि दिसंबर 2015 में। इस पर डीएम ने खतौनी चक ेकी और पंडाल में बैठे कई ग्रामीणों को खड़ा कर विरासत दर्ज किए जाने के संबंध में पूछा।
एक ग्रामीण की शिकायत पर विरासत देरी से दर्ज करने पर डीएम ने लेखपाल को हड़काया। साथ ही एसडीएम बेहट शीतल प्रसाद गुप्ता पर नाराज हुए। बोले आपका लेखपालों पर कंट्रोल नहीं है।
इसके बाद उन्होंने एक्सईएन पावर कार्पोरेशन को बुलाया। ग्रामीणों ने पावर कार्पोरेशन से संबंधित समस्या के बारे में ग्रामीणों से पूछा तो ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में रखा 100 केवी के ट्रांसफामर्र में काफी दिन से फाल्ट है। कई बार बड़ा हादसा होने से बचा है।
इस पर एक्सईएन ने कहा कि गांव में 65 कनेक्शन है, जबकि 300 परिवार बिजली का उपयोग कर रहे है। ओवरलोड के चलते समस्या आ रही है। ग्रामीणों पर बिलों के 18 लाख रुपये बकाया हैं।
इस पर ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि न तो उनके पास कोई बिल आता है और न ही भुगतान लेने के लिए टीम। इस पर डीएम ने एक्सईएन को बिलों की वसूली एवं नए कनेक्शन करने के लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय की शिक्षण कार्य की गुणवत्ता को परखने के लिए कक्षा पांच में पढ़ने वाले मुबीन व कक्षा चार में पढ़ने वाले मोहम्मद अकरम को बुलाया।
उन्होंने ने उनसे उनके विद्यालयों के अध्यापकों की संख्या और उनके नाम पूछने के साथ ही उनके पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल किए। सही जवाब देने पर डीएम ने दोनों छात्रों को 100-100 रुपये का पुरस्कार दिया। इस दौरान एसएसपी आरपी सिंह यादव, सीडीओ मोनिका रानी, एसडीएम एसपी गुप्ता, पीडी चंद्रशेखर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।